Boxy SUVs: भारत में आ रही हैं नई बॉक्सी SUVs, जानें दमदार लुक और किफायती कीमतें
Boxy SUVs: भारत में सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है, और अब इसमें बॉक्सी डिजाइन वाली गाड़ियों की मांग भी जोर पकड़ रही है। आने वाले समय में रेनो, निसान, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी कंपनियां नई एसयूवी लॉन्च करने की तैयारी में हैं। इन गाड़ियों की खासियत इनका रफ-एंड-टफ और बॉक्सी लुक होगा, जो इन्हें सड़क पर दमदार रोड प्रजेंस देगा।
बॉक्सी SUVs का बढ़ता ट्रेंड
भारतीय ग्राहकों के बीच अब ऐसी SUVs की डिमांड बढ़ रही है, जो मजबूत दिखने के साथ-साथ हर तरह की सड़कों पर चलने में सक्षम हों। यही वजह है कि ऑटो कंपनियां अब कम बजट में प्रीमियम लुक और बेहतर परफॉर्मेंस देने वाली गाड़ियों पर फोकस कर रही हैं।
1) रेनो ब्रिजर: फैमिली के लिए परफेक्ट
Renault Briger को खासतौर पर भारतीय बाजार के लिए डिजाइन किया जा रहा है। इसका बॉक्सी डिजाइन इसे बड़ा और मजबूत लुक देगा, जबकि केबिन में अच्छा स्पेस और आराम मिलने की उम्मीद है। इसमें पेट्रोल इंजन के साथ भविष्य में इलेक्ट्रिक वर्जन भी आ सकता है।
2) निसान टेक्टन: हर रास्ते पर दमदार
Nissan Tecton को खराब सड़कों और लंबे सफर को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसमें ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस और मजबूत बॉडी मिलने की संभावना है, जिससे यह ग्रामीण इलाकों में भी आसानी से चल सकेगी।
3) टाटा स्कारलेट: रेट्रो और मॉडर्न का मेल
Tata Scarlet अपने यूनिक डिजाइन के कारण सबसे अलग नजर आ सकती है। इसमें पुराने मॉडल की झलक के साथ आधुनिक फीचर्स और बेहतर सेफ्टी मिल सकती है। टर्बो पेट्रोल इंजन इसकी परफॉर्मेंस को और बेहतर बना सकता है।
4) महिंद्रा विजन S: छोटे पैकेज में बड़ा दम
Mahindra Vision S अपने बॉक्सी डिजाइन और मजबूत बनावट के कारण चर्चा में है। इसमें बेहतर ग्राउंड क्लीयरेंस, नए फीचर्स और आरामदायक ड्राइविंग अनुभव मिलने की उम्मीद है।
क्यों बढ़ रही है डिमांड?
भारत में अलग-अलग रोड कंडीशन—शहरों के ट्रैफिक से लेकर गांवों के खराब रास्तों तक—के चलते ग्राहक ऐसी SUV चाहते हैं जो हर जगह फिट बैठे। कम कीमत, मजबूत डिजाइन और बेहतर रोड प्रजेंस के कारण ये अपकमिंग SUVs फैमिली और एडवेंचर दोनों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकती हैं।
(मंजू कुमारी)
Social Media Impact: पार्टी बदलने से राघव चड्ढा को बड़ा नुकसान, 24 लाख लोगों ने छोड़ा साथ
Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी में उस समय हलचल मच गई, जब राघव चड्ढा ने सात सांसदों के साथ AAP को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। बताया जा रहा है कि सभी सांसदों को राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की मंजूरी भी मिल गई है। वहीं बात अगर आम आदमी पार्टी की करें तो वह इन नेताओं की सांसदी छीनने की कोशिश कर रही है।
पार्टी बदलने से इन नेताओं को नुकसान होगा या फायदा यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन बात अगर सोशल मीडिया की करें तो राघव चड्ढा को इस पर तगड़ा झटका लगा है। इंस्टाग्राम पर अब तक कुल 24 लाख लोग राघव चड्ढा का साथ छोड़ चुके हैं। 24 लाख लोगों ने राघव चड्ढा को अनफॉलो कर दिया है।
24 अप्रैल को राघव चड्डा के इंस्टाग्राम पर कुल 14.6 मिलियन फॉलोअर्स थे जो कि अब घटकर 12.2 मिलियन रह गए हैं। मतलब साफ है कि राघव चड्ढा को 24 लाख लोग सोशल मीडिया पर छोड़ चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ अपनी मूल पार्टी छोड़ने पर राघव चड्ढा ने सफाई दी है। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि पार्टी के अंदर माहौल काफी बिगड़ चुका है।
उन्होंने कहा कि अब आम आदमी पार्टी के अंदर नेताओं को ठीक तरह से काम करने का मौका नहीं मिल रहा था। राघव चड्ढा अन्य 6 सांसदों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं। इस दौरान उन्होंने एक वीडियो शेयर किया और बताया कि पिछले तीन दिनों में उन्हें बहुत सारे लोगों के संदेश मिले हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उनके इस फैसले का स्वागत किया है तो कुछ लोग जानना चाहते कि उन्होंने आम आदमी पार्टी का साथ छोड़कर भाजपा का दामन क्यों थाम लिया। राघव चड्ढा ने सफाई देते हुए कहा कि एक दो लोग गलत हो सकते हैं लेकिन सात लोग नहीं। उन्होंने आगे कहा कि उनका यह फैसला किसी एक व्यक्ति की वजह से नहीं बल्कि पार्टी के माहौल की वजह से है।
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