Airport Lounge Service: क्रेडिट कार्ड से एयरपोर्ट लाउंज एंट्री अब आसान नहीं, जानिए क्यों बदल रहे नियम
नई दिल्ली. एयरपोर्ट पर लंबी लाइन, महंगा खाना और भीड़भाड़ से बचने के लिए कभी एयरपोर्ट लाउंज सबसे पसंदीदा सुविधा माना जाता था। कई क्रेडिट कार्ड पर सिर्फ 1 रुपये में लाउंज एंट्री मिल जाती थी, इसलिए यह कार्डधारकों के लिए बड़ा आकर्षण था। लेकिन अब यह सुविधा पहले जितनी आसान नहीं रही। बैंकों ने नियम सख्त करना शुरू कर दिए।
कोविड के बाद हवाई यात्राओं में तेजी आई। इसके साथ ही एयरपोर्ट लाउंज की मांग भी बढ़ गई। पहले जो सुविधा प्रीमियम ग्राहकों तक सीमित थी, वह एंट्री लेवल और मिड-रेंज क्रेडिट कार्ड्स तक पहुंच गई। नतीजा यह हुआ कि देश के बड़े एयरपोर्ट्स पर लाउंज के बाहर लंबी कतारें लगने लगीं। अंदर सीट मिलना भी मुश्किल होने लगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अब बैंकों के लिए यह सुविधा महंगी पड़ रही है। बैंकबाजार के सीईओ आदिल शेट्टी के मुताबिक, एक घरेलू लाउंज विजिट पर बैंक को करीब 800 रुपये तक खर्च करना पड़ता। ऐसे में अनलिमिटेड या आसान एक्सेस देना लंबे समय तक संभव नहीं। इसी वजह से बैंक अब फ्री सुविधा मॉडल से हटकर खर्च आधारित सुविधा मॉडल पर जा रहे। यानी अब कई कार्ड्स पर लाउंज एक्सेस तभी मिलेगा, जब ग्राहक एक तय राशि खर्च करे।
उदाहरण के तौर पर, 1 जुलाई से कुछ एचडीएफसी क्रेडिट कार्ड पर लाउंज एक्सेस के लिए पिछले तिमाही में कम से कम 60000 रुपये खर्च करना जरूरी होगा। वहीं आईसीआईसीआई बैंक ने भी कुछ कार्ड पर 75000 रुपये तिमाही खर्च की शर्त रखी है। कई बैंक मुफ्त विजिट्स की संख्या भी घटा रहे।
अब कई यात्रियों को यह सुविधा उलझाऊ लगने लगी है। किस कार्ड से कौन सा लाउंज मिलेगा, किस एयरपोर्ट पर मिलेगा, कौन सा नेटवर्क लागू है-ये समझना आसान नहीं रहा। अगर तय खर्च सीमा पूरी न हो तो सुविधा एक्टिव भी नहीं होती। इसके बदले बैंक अब नए ट्रैवल बेनिफिट्स दे रहे हैं। जैसे कम फॉरेक्स चार्ज, होटल सदस्यता, एयरपोर्ट डाइनिंग डिस्काउंट, शॉपिंग रिवॉर्ड्स, स्पा बेनिफिट्स और ट्रैवल इंश्योरेंस। कुछ नए कार्ड्स मासिक खर्च के आधार पर एयरपोर्ट खर्च पर कैशबैक या रिवॉर्ड भी दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, एयरपोर्ट लाउंज सुविधा खत्म नहीं हुई है, लेकिन अब यह पहले जैसी आम सुविधा नहीं रही। अब कार्डधारकों को अपने कार्ड की शर्तें ध्यान से पढ़नी होंगी।
(प्रियंका कुमारी)
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