NITI Aayog Update: यूपी के आर्थिक सलाहकार प्रो. केवी राजू नीति आयोग में सदस्य नियुक्त, PM मोदी की मंजूरी से मिली बड़ी जिम्मेदारी
प्रो. केवी राजू को केंद्र सरकार ने नीति आयोग का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया है। प्रधानमंत्री मोदी की मंजूरी के बाद यह फैसला लिया गया। वे पहले यूपी के आर्थिक सलाहकार रहे हैं और अब राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।
Mohini Ekadashi 2026: कब है मोहिनी एकादशी, जानें सही डेट, पूजा विधि और मुहूर्त
Mohini Ekadashi 2026: सनातन धर्म में एकादशी व्रत की विशेष महिमा बताई गयी है. एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है. इस एकादशी को साल 24 एकादशी में से एक बड़ी एकादशी माना जाता है. यह एकादशी भगवान विष्णु को बहुत अधिक प्रिय है. इस एकादशी तिथि को भगवान विष्णु ने मोहिनी रुप धारण किया था. यही वजह है इस एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है. इस एकादशी का व्रत रखकर विधि-विधान के साथ भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. सभी तरह के संकट और कष्ट समाप्त हो जाते हैं. मोह-माया के बंधनों से मुक्ति प्राप्ति होती है. इस साल मोहिनी एकादशी की तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. इस साल इस एकादशी का व्रत 26 अप्रैल या 27 अप्रैल कब रखना शुभ होगा.
कब है मोहिनी एकादशी व्रत पर्व
पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 26 अप्रैल रविवार को शाम 06 बजकर 08 मिनट से शुरु होगी.
एकादशी तिथि का समापन 27 अप्रैल सोमवार को शाम 06 बजकर 17 मिनट पर होगा.
उदया तिथि के अनुसार 27 अप्रैल को मोहिनी एकादशी व्रत रखना शुभ होगा.
मोहिनी एकादशी पूजा मुहूर्त
27 अप्रैल सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त की पूजा का मुहूर्त सुबह 04 बजकर 12 मिनट से सुबह 04 बजकर 55 मिनट तक रहेगा. अभिजीति मुहूर्त सुबह 11 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 42 मिनट तक रहेगा. विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 28 मिनट से दोपहर 03 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. अमृत काल मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 41 मिनट से शाम 04 बजकर 20 मिनट तक रहेगा. इन मुहुर्त में पूजा करने से पूजा का पूरा फल प्राप्त होगा.
व्रत पारण का मुहूर्त
इस साल 27 अप्रैल को मोहिनी एकादशी व्रत रखा जाएगा. व्रत का पारण 28 अप्रैल मंगलवार को सुबह 05 बजकर 38 मिनट से सुबह 08 बजकर 17 मिनट तक करना शुभ होगा. शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करने से ही व्रत का पूरा फल प्राप्त होता है. इसलिए इस मुहूर्त में मोहिनी एकादशी व्रत का पारण अवश्य करें.
मोहिनी एकादशी पर दिव्य संयोग
इस साल मोहिनी एकादशा का व्रत 27 अप्रैल सोमवार को रखा जाएगा. पंचांग के अनुसार, इस दिन बेहद प्रभावशाली ध्रुव योग रहेगा. ध्रुव योग सुबह से लेकर रात 09 बजकर 36 मिनट तक रहेगा. ध्रुव योग भगवान विष्णु से जुड़ा हुआ है यह स्थिरता का प्रतीक है. इस योग में पूजा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है. मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
मोहिनी एकादशी पूजा विधि
मोहिनी एकादशी पर सूर्योदय से पहले स्नान कर, व्रत संकल्प लें.
उत्तर-पूर्व दिशा में एक चोकी बिछाकर उस पर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं.
चौकी पर श्रीलक्ष्मीनारायण जी के श्रीविग्रह की स्थापना करें.
शालिग्राम शिला हो तो उसकी स्थापना चौकी पर करें.
गंगाजल से श्रीलक्ष्मीनारायण और पंचामृत से शालिग्राम शिला का अभिषेक करें.
चंदन और सुंगधित फूलों से श्रंगार करें.
तुलसी पत्र अवश्य चढ़ाएं.
मौसम फल और दूध से बने पदार्थों का भोग लगाएं.
श्रद्धा भक्ति के साथ आरती करें.
आरती के बाद आसन पर बैठकर ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र की माला जाप करें.
विष्णुसहस्त्रनाम या गोपालसहस्त्रनाम का पाठ करें.
मोहिनी एकादशी व्रत कथा सुनें या पढ़ें.
विष्णु चालीसा का पाठ करें.
अपनी सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मण और गरीबों को दान दें.
संभव हो तो रात्रि जागरण करें.
मोहिनी एकादशी व्रत का महत्व
धर्मग्रंथों के अनुसार, वैशाख मास परम कल्याणकारी मास है. इस मास के शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी बेहद खास है. इस एकादशी का व्रत रखकर भगवान लक्ष्मीनारायण की पूजा करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है. धन की समस्या से छुटकारा मिल जाता है. इसके साथ ही सभी तरह के कष्ट और पाप कर्म नष्ट हो जाते हैं. इस दिन अन्न, वस्त्र, जल, ऋतु फल का दान करने से गरीबी दूर होती है. साधक को भगवान विष्णु के बैकुंठ लोक में स्थान प्राप्त होता है.
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