'हम हारने के लायक थे, हमें बॉलिंग पर ध्यान देना होगा..' अक्षर पटेल का पंजाब किंग्स से मिली करारी हार पर बड़ा बयान
IPL 2026 : आईपीएल 2026 के 35वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स को पंजाब किंग्स ने 6 विकेट से हरा दिया. इस मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करते हुए केएल राहुल के 152* और नीतीश राणा के 91 रनों की बदौलत 20 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 264 रन बनाए हैं. पंजाब किग्स ने 18.5 ओवर में 4 विकेट पर 256 रन बनाकर 7 विकेट शेष रहते हुए 6 विकेट से मैच जीत लिया.
पंजाब के लिए प्रभसिमरन सिहं ने 76 और श्रेयस अय्यर ने 71 रनों की पारी खेलकर टीम को जीत दिला दी. इस हार के बाद डीसी के कप्तान अक्षर पटेल ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने किसे हार का जिम्मेदार बताया है. आइए उसके बारे में जानते हैं.
???????????????????????????????????????????? @PunjabKingsIPL ????????
— IndianPremierLeague (@IPL) April 25, 2026
Red-hot #PBKS register the Highest Successful Run-Chase in #TATAIPL history ❤️
Captain Shreyas Iyer remained unbeaten on 7⃣1⃣ to see his side over the line ????
Scorecard ▶️ https://t.co/0oSkMZgNAV#KhelBindaas | #DCvPBKS pic.twitter.com/3dVwbjbGV0
अक्षर पटेल ने हार के बाद दिया बड़ा बयान
अक्षर पटेल ने हार के बाद मैच प्रेंटेशन में कहा कि, 'विकेट को देखते हुए अगर आप अपने बॉलर्स को सपोर्ट नहीं करते हैं और इतने सारे मौके गंवाते रहते हैं, तो हम हारने के लायक थे. यही मेन पॉइंट है. यह एक अच्छी पिच और छोटा ग्राउंड था, इसलिए छक्के तो लगने ही थे. हालांकि, जब मौके मिलते हैं और आप एक भी नहीं भुनाते हैं, तो आप मौके गंवा देते हैं, जैसा हमने आज किया. इस तरह के विकेट पर अगर आप अपने बॉलर्स को सपोर्ट नहीं करते हैं, तो यह मुश्किल हो जाता है'.
अक्षर ने आगे कहा, 'हमें अपनी बॉलिंग यूनिट पर भी ध्यान देने की जरूरत है. जिस तरह से हमने पावरप्ले में बॉलिंग की, फास्ट बॉलर्स, फील्डिंग, और जो मौके हमने गंवाए. वो मेन कारण थे. क्योंकि इस तरह के विकेट पर 264 एक बहुत अच्छा स्कोर था. अगर आप पॉजिटिव बातें देखें, तो हमने 264 रन बनाए, जो इंडियन प्रीमियर लीग में एक रिकॉर्ड स्कोर है. इससे पता चलता है कि अगर किस्मत थोड़ी भी आपके साथ हो और आप कैच पकड़ लें, तो आप लगातार दो या तीन मैच जीत सकते हैं'.
????AXAR PATEL ANGRY ON KARUN NAIR????
— Indian Cricket (@IPL2025Auction) April 25, 2026
Axar Patel said ????️
"We keep making the same mistakes time and time again, and on a wicket as flat as this one, if you cannot support your bowlers, you deserve to lose. On dropping four catches, he reiterates the same point, saying that on a… pic.twitter.com/u4KZuedZcJ
पटेल ने आगे कहा कि, 'आप उन मैचों को देखें जो हम हार रहे हैं, तो कई करीबी मैच थे. टॉस के समय भी मैंने यही कहा था, अगर हम जरूरी मौकों का फायदा उठा पाते, तो दो या तीन नतीजे हमारे पक्ष में हो सकते थे और हम जीतते रह सकते थे. लेकिन जरूरी यह है कि आपको उन मौकों का फायदा उठाना होगा. ऐसा नहीं हो सकता कि आप हर बार आकर वही गलतियां दोहराएं. इसलिए मुझे लगता है कि हम वापस जाकर इसे फिर से देखेंगे कि हम क्या कर सकते हैं और कहां सुधार कर सकते हैं'.
ये भी पढ़ें : DC vs PBKS मैच में बड़ा हादसा! एंबुलेंस से खिलाड़ी को ले जाया गया अस्पताल, हालत गंभीर
पाकिस्तान में प्रॉपर्टी वैल्यूएशन कटौती से उजागर हुई रियल एस्टेट लॉबी की ताकत, टैक्स सुधारों पर सवाल
नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (एफबीआर) द्वारा प्रॉपर्टी वैल्यूएशन टेबल में हालिया संशोधन ने एक बार फिर देश में रियल एस्टेट सेक्टर की मजबूत पकड़ और सरकार की प्रभावी टैक्स सुधार लागू करने की सीमित क्षमता को उजागर कर दिया है। यह दावा एक रिपोर्ट में किया गया है।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में इस कदम को सरकारी जमीन मूल्यों को बाजार दरों के करीब लाने की कोशिश बताया गया था, लेकिन समय के साथ यह फैसला लगातार नरम पड़ता गया। इसमें कई बार बदलाव, स्थगन और रियायतें दी गईं।
संशोधित वैल्यूएशन, खासकर इस्लामाबाद में, 10 से 35 प्रतिशत तक कम कर दिए गए हैं। यह कटौती डेवलपर्स और बिल्डर्स के कड़े विरोध के बाद की गई। इससे पहले बढ़ाए गए मूल्यांकन को भी बाजार कीमतों से काफी कम माना जा रहा था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि घोषित कीमतों और वास्तविक लेनदेन मूल्यों के बीच अंतर कम करने के बजाय ताजा संशोधनों ने इस खाई को और बढ़ा दिया है। इससे कम कीमत दिखाकर सौदे करने, टैक्स चोरी और बिना हिसाब-किताब वाले धन के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन संशोधनों को चुनिंदा इलाकों तक सीमित रखने पर भी सवाल उठे हैं। पूरे देश में पारदर्शी तरीके से पुनर्मूल्यांकन करने के बजाय एफबीआर ने कुछ खास क्षेत्रों में ही बदलाव किए हैं। इससे यह धारणा बनी है कि वैल्यूएशन में बदलाव प्रभावशाली समूहों से बातचीत के बाद किए गए, न कि निष्पक्ष और आंकड़ों पर आधारित प्रक्रिया के तहत।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समस्या की जड़ पाकिस्तान की राजनीतिक अर्थव्यवस्था में रियल एस्टेट सेक्टर का गहरा दबदबा है। इसे देश के सबसे प्रभावशाली कारोबारी लॉबी में से एक माना जाता है, जिसकी पहुंच राजनीति, नौकरशाही और संस्थागत ढांचे तक है।
सत्ता से जुड़े प्रभावशाली लोगों की हिस्सेदारी के कारण इस क्षेत्र पर प्रभावी टैक्स लगाने की कोशिशों को बार-बार विरोध का सामना करना पड़ा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रियल एस्टेट पाकिस्तान में बिना टैक्स वाले या अवैध धन को खपाने का पसंदीदा माध्यम बना हुआ है। इससे उत्पादक निवेश की बजाय सट्टेबाजी को बढ़ावा मिलता है।
यह असंतुलन पाकिस्तान के लगातार कम टैक्स-टू-जीडीपी अनुपात और अप्रत्यक्ष करों पर भारी निर्भरता की बड़ी वजह है, जिसका बोझ आम नागरिकों पर पड़ता है।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation


















