भारतीय किचन में कुकिंग ऑयल का इस्तेमाल ही ना हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। अक्सर हम अपनी किचन में कुकिंग ऑयल को कई अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल करते हैं। लेकिन समस्या तब पैदा होती है, जब एक ही कुकिंग ऑयल को लंबे समय तक किचन का हिस्सा बना दिया जाता है। अगर समय-समय पर तेल बदलकर इस्तेमाल ना किया जाए तो इससे सेहत को कई तरह के नुकसान भी उठाने पड़ सकते हैं।
हालांकि, इसका मतलब हर दिन तेल बदलना नहीं है, बल्कि समय-समय पर जरूरत और खाना बनाने के तरीके के हिसाब से अलग तेल चुनना है। तो चलिए जानते हैं कि तेल बदल-बदलकर इस्तेमाल करने से सेहत पर किस तरह प्रभाव पड़ता है-
अमूमन लोग अपनी किचन में ऐसे तेलों का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं, जिनमें ओमेगा-6 काफी ज्यादा होता है। सूरजमुखी, सोयाबीन, कॉर्न, रिफाइंड तेल, सभी में ओमेगा-6 काफी मात्रा में पाया जाता है। वहीं अलसी, अखरोट, सरसों या कैनोला का तेल जैसे ओमेगा 3 रिच तेल कम ही भारतीय किचन में देखने को मिलते हैं। लेकिन जब आप तेल बदल-बदलकर इस्तेमाल करते हैं तो इससे फैटी एसिड बैलेंस करने में मदद मिलती है। याद रखें कि आपके शरीर को ओमेगा-6 और ओमेगा-3 दोनों की जरूरत होती है।
शरीर को मिलता है पर्याप्त न्यूट्रिशन
जब कुकिंग में तेल को बदल-बदलकर इस्तेमाल किया जाता है, तो इससे शरीर को पर्याप्त न्यूट्रिशन मिलता है। दरअसल, ऐसा कोई तेल नहीं है, जिसमें सभी तरह के न्यूट्रिएंट्स या फैटी एसिड सही मात्रा में हों। जहां कुछ तेलों में मोनोअनसैचुरेटेड फैट ज्यादा होते हैं, कुछ में पॉलीअनसैचुरेटेड फैट और कुछ में ओमेगा-3 या ओमेगा-6 बेहतर मात्रा में मिलते हैं। साथ ही, तेल में अपने एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन भी मौजूद होते हैं। मसलन, कच्चे जैतून का तेल में ओलियोकैंथल नेचुरल पेनकिलर की तरह काम करता है। इसी तरह, राइस ब्रान ऑयल में पाया जाने वाला गामा-ओरिजैनॉल कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है। एवोकाडो तेल आंखों और स्किन के लिए अच्छा माना जाता है।
सेल्स की दीवारों पर पड़ता है अच्छा असर
यह तो हम सभी जानते हैं कि शरीर की हर कोशिका यानी सेल की दीवार चर्बी से बनी होती है। इसलिए, आप जैसा तेल खाएंगे, वैसी ही चर्बी सेल की दीवारों में लग जाएगी। ऐसे में अगर आप सिर्फ एक ही तरह का तेल खाएंगे तो इससे आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। मसलन, अगर आप सिर्फ नारियल तेल खाएंगे तो तुम्हारी सेल की दीवारें सख्त हो जाएंगी। जिसकी वजह से हार्मोन सिग्नलिंग, इम्यून सिस्टम, सब धीमा हो जाता है। इसी तरह, अगर सिर्फ ओमेगा-6 रिच तेल खाते हैं तो इससे दीवारें सूजन वाली हो जाएंगी। तेल के रोटेशन से हर कोशिका की दीवार बैलेंस्ड बनती है।
ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने अपने पॉपुलर इलेक्ट्रिक स्कूटर एम्पीयर मैग्नस नियो का अपडेटेड वर्जन लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस बार फोकस नए रंगों और बेहतर राइडिंग एक्सपीरियंस पर रखा है।
KKR vs LSG: आईपीएल 2026 में रविवार को लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। यह मैच लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में होगा। दोनों टीमें इस सीजन संघर्ष कर रहीं और पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे हैं। ऐसे में यह मुकाबला दोनों के लिए करो या मरो जैसा माना जा रहा।
लखनऊ सुपर जायंट्स ने सीजन की शुरुआत अच्छी की थी। टीम ने पहले तीन में से 2 मैच जीते थे, लेकिन इसके बाद लगातार चार हार झेलनी पड़ी। दूसरी तरफ कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रदर्शन भी बेहद निराशाजनक रहा। KKR अपने शुरुआती 6 मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी थी, हालांकि पिछले मैच में उसने राजस्थान रॉयल्स को हराकर वापसी की।
कोलकाता ने पहले 6 मैच गंवाए थे कोलकाता के लिए सबसे बड़ी राहत तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना की वापसी है। वह फिट होकर इस मुकाबले के लिए उपलब्ध हैं। पथिराना के आने से KKR की गेंदबाजी को मजबूती मिलेगी। टीम का पावरप्ले में प्रदर्शन अब तक कमजोर रहा है। KKR की इस सीजन पावरप्ले में सबसे खराब इकॉनमी रेट रही है और विकेट भी कम मिले हैं।
पथिराना की वापसी से केकेआर की गेंदबाजी मजबूत होगी संभावना है कि पथिराना टीम में सीधे शामिल हों। उनके आने से टिम सीफर्ट या किसी अन्य खिलाड़ी को बाहर बैठना पड़ सकता है। साथ ही सुनील नरेन अजिंक्य रहाणे के साथ ओपनिंग करते दिख सकते हैं।
लखनऊ की कमजोरी बल्लेबाजी वहीं लखनऊ की सबसे बड़ी परेशानी बल्लेबाजी रही है। टीम के गेंदबाज शानदार प्रदर्शन कर रहे। पावरप्ले में LSG की इकॉनमी 7.59 है, जो इस सीजन सर्वश्रेष्ठ है। मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव और मोहसिन खान लगातार अच्छा कर रहे।
पंत-पूरन अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर पाए बल्लेबाजी में टीम पिछड़ गई है। पावरप्ले, मिडिल ओवर और डेथ ओवर-तीनों चरणों में रन गति कमजोर रही है। निकोलस पूरन का सीजन खराब रहा। उनका स्ट्राइक रेट 82.02 है, जो इस सीजन 50 से ज्यादा गेंद खेलने वालों में सबसे कम है। मिचेल मार्श, एडेन मार्करम और कप्तान ऋषभ पंत भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।
लखनऊ मैथ्यू ब्रीट्जके को मौका दे सकती है। वह इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर उतर सकते हैं। दूसरी तरफ तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्खिया जुड़वां बच्चों के जन्म के कारण दक्षिण अफ्रीका लौट गए हैं और इस मैच में उपलब्ध नहीं होंगे।
इस मुकाबले में नजरें वरुण चक्रवर्ती और मोहसिन खान पर भी रहेंगी। वरुण ने पिछले मैच में राजस्थान के खिलाफ 3 विकेट लेकर फॉर्म में वापसी की थी। वहीं मोहसिन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए इस सीजन कमाल की इकॉनमी दिखाई है।
कैसा रहेगा पिच का मिजाज? पिच की बात करें तो इकाना स्टेडियम बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं रहा है। यहां इस सीजन कोई भी टीम 200 रन तक नहीं पहुंची है। औसत पहली पारी का स्कोर 155 रहा है। काली मिट्टी की पिच दो गति वाली हो सकती है, जिससे तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों को मदद मिलने की उम्मीद है।