शीत्सांग में चांगमू बंदरगाह : आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या 10 लाख से अधिक हो गई
बीजिंग, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। हाल ही में, शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के शिगात्से शहर की न्यालम काउंटी स्थित आव्रजन और सीमा निरीक्षण केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, इस काउंटी में स्थित चांगमू बंदरगाह के सितंबर 2023 में पूर्ण रूप से पुनः खुलने के बाद से 20 अप्रैल तक, यहां से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या 10 लाख से अधिक हो गई है।
जानकारी के अनुसार, दक्षिण एशियाई उपमहाद्वीप में चीन के व्यापार के एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में चांगमू बंदरगाह कभी एक प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र रहा है और चीन तथा नेपाल के बीच सबसे बड़ा स्थलीय बंदरगाह था। 25 अप्रैल 2015 को नेपाल में आए भूकंप से इस बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को गंभीर क्षति पहुंची, जिसके कारण सीमा शुल्क निकासी को निलंबित करना पड़ा। बाद में माल परिवहन की आंशिक बहाली के साथ एक संक्रमणकालीन अवधि के बाद, यह बंदरगाह सितंबर 2023 में पूरी तरह से फिर से खोल दिया गया।
बंदरगाह के दोबारा खुलने के बाद से यात्री यातायात में तेज सुधार और निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2023 से वर्ष के अंत तक यहां आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या 1,33,000 से अधिक रही। वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 3,58,000 से अधिक हो गई। वर्ष 2025 की शुरुआत से यात्री प्रवाह की वृद्धि और तेज़ हुई, और पूरे वर्ष में 4,26,000 से अधिक लोगों का आव्रजन निरीक्षण किया गया। इस प्रकार, पूर्ण रूप से पुनः खुलने के बाद से अब तक कुल संख्या 10 लाख से अधिक पहुंच चुकी है।
उल्लेखनीय है कि भूकंप के बाद के व्यवधान से लेकर माल परिवहन की बहाली और फिर पूर्ण रूप से पुनः संचालन तक, चांगमू बंदरगाह ने लगभग 20 प्रतिशत की औसत वार्षिक वृद्धि दर हासिल की है। यह विकास भौतिक पुनर्निर्माण और संस्थागत सुधार के संयोजन का परिणाम माना जा रहा है।
न्यालम आव्रजन और सीमा निरीक्षण केंद्र के प्रमुख ने कहा, “यह केवल संख्या में वृद्धि नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के बढ़ते खुलापन का स्पष्ट संकेत भी है।” उन्होंने बताया कि वीजा-मुक्त पारगमन और विदेशियों के प्रवेश कार्ड के ऑनलाइन पंजीकरण जैसी सुविधाजनक नीतियों के लागू होने से चांगमू बंदरगाह का अंतर्राष्ट्रीय आकर्षण काफी बढ़ा है। अब तक, दुनिया के 80 से अधिक देशों और क्षेत्रों के यात्री इस बंदरगाह से होकर गुजर चुके हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
चीन की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में स्थिर और सकारात्मक बढ़त जारी
बीजिंग, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। चीनी राज्य परिषद सूचना कार्यालय ने गुरुवार सुबह राजधानी पेइचिंग में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें कृषि एवं ग्रामीण मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2026 की पहली तिमाही में चीन की कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था ने सकारात्मक विकास की गति बनाए रखी है। साथ ही, ग्रामीण पुनरुद्धार की प्रक्रिया को भी ठोस और व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, चीन में खाद्यान्न और तिलहन उत्पादन की बुनियाद मजबूत बनी हुई है। सर्दियों में गेहूं की फसल सामान्य स्थिति में पहुंच चुकी है, जबकि रेपसीड का रकबा स्थिर रहने के साथ उसकी फसल भी अच्छी बताई गई है। वसंत ऋतु की बुवाई का कार्य सुचारू रूप से जारी है और अब तक कुल बुवाई का 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरा किया जा चुका है।
‘रसोई की टोकरी’ से जुड़े उत्पादों की आपूर्ति भी पर्याप्त बनी हुई है। पहली तिमाही में सूअर, गोवंश, भेड़ और मुर्गी के मांस का कुल उत्पादन 2 करोड़ 66 लाख 20 हजार टन रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.8 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में दूध उत्पादन 92 लाख 20 हजार टन दर्ज किया गया, जिसमें 3.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मत्स्य उत्पादन 1 करोड़ 54 लाख 71 हजार टन रहा, जो 4.3 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है। इसके अलावा, सब्जियों और फलों की आपूर्ति भी स्थिर बनी हुई है।
गरीबी उन्मूलन के लिए नियमित और लक्षित सहायता कार्यक्रमों की शुरुआत भी सकारात्मक रही है। औद्योगिक और रोजगार सहायता योजनाएं लगातार जारी हैं। पहली तिमाही में ऋण सहायता के तहत 10 अरब 13 करोड़ युआन वितरित किए गए, जिससे सहायता प्राप्त परिवारों के रोजगार की स्थिति स्थिर बनी हुई है।
औद्योगिक क्षेत्र में भी कृषि से जुड़ी गतिविधियों में अच्छी प्रगति दर्ज की गई है। निर्धारित सीमा से अधिक कृषि-खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के मूल्यवर्धन में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कृषि उत्पादों की ऑनलाइन खुदरा बिक्री में तेजी आई है और ग्रामीण उद्योगों का विकास भी संतोषजनक रहा है। इसी के साथ, ग्रामीण निवासियों की प्रति व्यक्ति प्रयोज्य आय में 5.4 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि दर्ज की गई है।
निवेश के मोर्चे पर भी मजबूत संकेत मिले हैं। पहली तिमाही में देश के प्राथमिक क्षेत्र में स्थिर पूंजी निवेश 15.9 प्रतिशत बढ़ा है। उच्च मानक कृषि भूमि निर्माण और सुविधा कृषि के आधुनिकीकरण जैसी परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। कृषि निवेश का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता वस्तुओं की खुदरा बिक्री 3.1 प्रतिशत बढ़ी है, जिससे ग्रामीण उपभोग के दायरे का विस्तार हुआ है और उपभोग क्षमता को नई गति मिली है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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