अदाणी ग्रीन एनर्जी का वित्त वर्ष 26 में शानदार प्रदर्शन, कोर एबिटा सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 10,865 करोड़ रुपए रहा
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। अदाणी समूह की रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी अदाणी ग्रीन एनर्जी ने शुक्रवार को नतीजे घोषित किए। पूरे वित्त वर्ष 26 में कंपनी का बिजली आपूर्ति से एबिटा सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 10,865 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 25 में 8,818 करोड़ रुपए पर था। इस दौरान कंपनी का एबिटा मार्जिन 91 प्रतिशत रहा है।
वहीं, वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में कंपनी का बिजली आपूर्ति से एबिटा 2,944 करोड़ रुपए रहा है, जो कि वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही के 2,453 करोड़ रुपए से सालाना आधार पर 20 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी ने बताया कि पूरे वित्त वर्ष 26 में कंपनी की बिजली आपूर्ति से आय 11,602 करोड़ रुपए रही है, जो कि पिछले साल की आय 9,495 करोड़ रुपए से सालाना आधार पर 22 प्रतिशत अधिक है।
वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में कंपनी की बिजली आपूर्ति से आय 3,094 करोड़ रुपए रही है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 2,666 करोड़ रुपए पर थी।
पूरे वित्त वर्ष 26 के लिए कंपनी का कैश प्रॉफिट सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़कर 5,399 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 25 में 4,871 करोड़ रुपए था।
वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में कंपनी का कैश प्रॉफिट सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़कर 1,494 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 1,231 करोड़ रुपए था।
अदाणी ग्रीन एनर्जी ने कहा कि वित्त वर्ष 26 में कंपनी की एनर्जी सेल्स सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 37,567 मिलियन यूनिट्स हो गई है।
कंपनी ने आगे कहा कि पूरे वित्त वर्ष 26 में कंपनी ने 5.1 गीगावाट की ग्रीनफील्ड ऑपरेशनल क्षमता जोड़ी है। वित्त वर्ष 25 में यह आंकड़ा 3.3 गीगावाट था। इससे कंपनी की कुल ऑपरेशनल क्षमता बढ़कर 19.3 गीगावाट हो गई है।
अदाणी ग्रीन एनर्जी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने कहा, वित्त वर्ष 2026 अदाणी ग्रीन के इतिहास में एक ऐतिहासिक वर्ष रहा। कंपनी ने मजबूत परियोजना और परिचालन उत्कृष्टता के दम पर 5.1 गीगावाट की ग्रीनफील्ड क्षमता को चालू किया, जिससे उसकी कुल परिचालन क्षमता 19.3 गीगावाट तक पहुंच गई। यह वैश्विक स्तर पर किसी भी कंपनी (चीन के बाहर) द्वारा की गई सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड वार्षिक क्षमता विस्तार है। यह उपलब्धि न केवल भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में हमारी अग्रणी स्थिति को मजबूत करती है, बल्कि हमें एग्जीक्यूशन के एक नए स्तर पर भी ले जाती है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
शीत्सांग में चांगमू बंदरगाह : आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या 10 लाख से अधिक हो गई
बीजिंग, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। हाल ही में, शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के शिगात्से शहर की न्यालम काउंटी स्थित आव्रजन और सीमा निरीक्षण केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, इस काउंटी में स्थित चांगमू बंदरगाह के सितंबर 2023 में पूर्ण रूप से पुनः खुलने के बाद से 20 अप्रैल तक, यहां से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या 10 लाख से अधिक हो गई है।
जानकारी के अनुसार, दक्षिण एशियाई उपमहाद्वीप में चीन के व्यापार के एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में चांगमू बंदरगाह कभी एक प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र रहा है और चीन तथा नेपाल के बीच सबसे बड़ा स्थलीय बंदरगाह था। 25 अप्रैल 2015 को नेपाल में आए भूकंप से इस बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को गंभीर क्षति पहुंची, जिसके कारण सीमा शुल्क निकासी को निलंबित करना पड़ा। बाद में माल परिवहन की आंशिक बहाली के साथ एक संक्रमणकालीन अवधि के बाद, यह बंदरगाह सितंबर 2023 में पूरी तरह से फिर से खोल दिया गया।
बंदरगाह के दोबारा खुलने के बाद से यात्री यातायात में तेज सुधार और निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2023 से वर्ष के अंत तक यहां आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या 1,33,000 से अधिक रही। वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 3,58,000 से अधिक हो गई। वर्ष 2025 की शुरुआत से यात्री प्रवाह की वृद्धि और तेज़ हुई, और पूरे वर्ष में 4,26,000 से अधिक लोगों का आव्रजन निरीक्षण किया गया। इस प्रकार, पूर्ण रूप से पुनः खुलने के बाद से अब तक कुल संख्या 10 लाख से अधिक पहुंच चुकी है।
उल्लेखनीय है कि भूकंप के बाद के व्यवधान से लेकर माल परिवहन की बहाली और फिर पूर्ण रूप से पुनः संचालन तक, चांगमू बंदरगाह ने लगभग 20 प्रतिशत की औसत वार्षिक वृद्धि दर हासिल की है। यह विकास भौतिक पुनर्निर्माण और संस्थागत सुधार के संयोजन का परिणाम माना जा रहा है।
न्यालम आव्रजन और सीमा निरीक्षण केंद्र के प्रमुख ने कहा, “यह केवल संख्या में वृद्धि नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के बढ़ते खुलापन का स्पष्ट संकेत भी है।” उन्होंने बताया कि वीजा-मुक्त पारगमन और विदेशियों के प्रवेश कार्ड के ऑनलाइन पंजीकरण जैसी सुविधाजनक नीतियों के लागू होने से चांगमू बंदरगाह का अंतर्राष्ट्रीय आकर्षण काफी बढ़ा है। अब तक, दुनिया के 80 से अधिक देशों और क्षेत्रों के यात्री इस बंदरगाह से होकर गुजर चुके हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















