Baglamukhi Jayanti 2026: आज मनाई जा रही बगलामुखी जयंती, शत्रु से मुक्ति और सफलता के लिए करें ये उपाय
Baglamukhi Jayanti 2026: वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाई जाने वाली बगलामुखी जयंती इस वर्ष शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को पड़ रही है। यह दिन देवी बगलामुखी की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। देवी बगलामुखी को दस महाविद्याओं में विशेष स्थान प्राप्त है और इन्हें शत्रु नाश, वाणी नियंत्रण और विजय की अधिष्ठात्री देवी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी पूजा में पीले रंग का विशेष महत्व होता है, इसलिए इस दिन पीले वस्त्र धारण करना और पूजा में पीली वस्तुओं का उपयोग करना शुभ फलदायक माना जाता है।
इस पावन अवसर पर श्रद्धालु अपने जीवन की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए विशेष उपाय करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन और विधि-विधान से किए गए ये उपाय सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं और जीवन में संतुलन लाने में सहायक होते हैं। अगर आप अपने व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ाना चाहते हैं, तो इस दिन घी, शहद और शक्कर के साथ विशेष आहुति देकर हवन करना लाभकारी माना जाता है। वहीं संबंधों में सामंजस्य और प्रभाव बढ़ाने के लिए तिल के साथ इसी प्रकार की आहुति दी जा सकती है।
स्वास्थ्य लाभ के लिए करें ये काम
स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत पाने के लिए कुछ लोग प्राकृतिक सामग्री जैसे दूब या अन्य पवित्र वनस्पतियों को घी और शहद के साथ मिलाकर हवन करते हैं। इसके अतिरिक्त, परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य के लिए अलग-अलग प्रकार के अनाज का दान करना भी पुण्यदायक माना जाता है।
पारिवारिक खुशहाली के लिए
यदि पारिवारिक जीवन में तनाव बना हुआ है, तो घर की नकारात्मकता को दूर करने के लिए प्रतीकात्मक उपाय किए जाते हैं, जैसे घर की धूल को किसी सुरक्षित स्थान पर त्यागना। वहीं व्यापारिक संबंधों में सुधार के लिए सफेद फूलों वाले पौधों का आदान-प्रदान शुभ संकेत माना जाता है। मानसिक शांति और संतुलन के लिए इस दिन सादा भोजन जैसे मीठे चावल का दान या गौ सेवा करना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। साथ ही, घर की सुख-समृद्धि के लिए घी के दीपक से जुड़ा विशेष उपाय कर मंदिर में समर्पित करना शुभ फल देता है।
वैवाहिक जीवन में मधुरता के लिए करें काम
प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए अपने छोटे रिश्तेदारों को वस्त्र भेंट करना और उनका आशीर्वाद लेना सकारात्मक परिणाम दे सकता है। वहीं वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने के लिए जरूरतमंदों को भोजन कराना और ईश्वर से प्रार्थना करना लाभकारी माना गया है। अगर किसी व्यक्ति को अपने स्वभाव में अस्थिरता महसूस होती है, तो तिल को जल में प्रवाहित करने का उपाय मन को स्थिर करने में सहायक माना जाता है। इसके अलावा, कार्यकुशलता और सफलता के लिए गुरु या किसी ज्ञानी व्यक्ति का आशीर्वाद लेना और उन्हें पीली वस्तु अर्पित करना भी शुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हरिभूमि.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है।
24 April 2026 Ka Panchang: यहां जानें आज का पंचांग, तिथि, शुभ मुहूर्त, योग; नक्षत्र और राहुकाल
24 April 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 24 अप्रैल 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज बैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है, जो शाम 7 बजकर 22 मिनट तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि आरंभ हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
नक्षत्र और योग
पंचांग के अनुसार, इस दिन पुष्य नक्षत्र रात 8 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। पुष्य नक्षत्र को अत्यंत शुभ और मंगलकारी नक्षत्रों में गिना जाता है, जिसमें किए गए कार्य दीर्घकालिक सफलता प्रदान करते हैं। वहीं, रवि योग का निर्माण रात 8 बजकर 14 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 25 अप्रैल की सुबह 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। यह योग भी सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
शुभ मुहूर्त
यदि शुभ मुहूर्त की बात करें, तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:45 बजे से 5:30 बजे तक रहेगा, जो ध्यान और पूजा के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:11 बजे से 1:02 बजे तक रहेगा, जिसमें महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की जा सकती है। विजय मुहूर्त दोपहर 2:44 बजे से 3:35 बजे तक रहेगा, जो सफलता प्राप्ति के लिए उपयुक्त है। वहीं, गोधूलि मुहूर्त शाम 6:57 बजे से 7:20 बजे तक रहेगा, जो संध्या पूजन के लिए उत्तम माना जाता है। अमृत काल दोपहर 2:01 बजे से 3:35 बजे तक रहेगा।
राहुकाल
राहुकाल को अशुभ समय माना जाता है, इसलिए इस दौरान किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए। भोपाल में राहुकाल सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:19 बजे तक रहेगा। अन्य प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और कोलकाता में भी राहुकाल लगभग इसी अवधि के आसपास रहेगा, इसलिए स्थानीय समय के अनुसार सावधानी रखना आवश्यक है।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय भी दिनचर्या और पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण होता है। 24 अप्रैल को सूर्योदय सुबह 5:46 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6:51 बजे रहेगा। इस समय के अनुसार दिन की योजना बनाना शुभ फलदायक माना जाता है।
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