Middle East Tension: ईरान युद्ध के बीच अमेरिका को बड़ा झटका, नौसेना सचिव ने दिया इस्तीफा
होर्मुज जलमार्ग की नाकाबंदी और ईरान युद्ध के नाजुक युद्धविराम के बीच अमेरिकी नौसेना के शीर्ष नागरिक अधिकारी, नौसेना सचिव जॉन फेलन ने ट्रंप प्रशासन से इस्तीफा दे दिया है. पेंटागन ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि फेलन तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ रहे हैं.
पेंटागन ने इस अचानक बदलाव का कोई कारण नहीं बताया है. एक्स पर पोस्ट किए गए एक संक्षिप्त बयान में, पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने कहा कि फेलन प्रशासन छोड़ रहे हैं और उन्होंने नौसेना विभाग और संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए उनकी सेवाओं के लिए उन्हें धन्यवाद दिया.
यह अचानक इस्तीफा उस दिन आया है जब फेलन ने वाशिंगटन डीसी में नौसेना के वार्षिक सम्मेलन में बड़ी संख्या में नाविकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित किया था और पत्रकारों से अपने एजेंडे पर चर्चा की थी.
फेलन का इस्तीफा रक्षा सचिव पीट हेगसेथ द्वारा सेना के शीर्ष अधिकारी जनरल रैंडी जॉर्ज को बर्खास्त किए जाने के कुछ हफ्तों बाद हुआ है. हेगसेथ ने पिछले साल पद संभालने के बाद से कई वरिष्ठ जनरलों, एडमिरलों और रक्षा नेताओं को हटाया है. अन्य बर्खास्तियों की तरह, पेंटागन ने फेलन के इस्तीफे का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है.
'दुनिया देख रही आपकी पाखंडी बयानबाजी', ईरान ने बताई क्यों विफल हुई अमेरिका के साथ वार्ता
US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच अनिश्चितकाल के लिए सीजफायर हो चुका है. लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका की नाकाबंदी अभी भी जारी है. हालांकि पाकिस्तान की मध्यस्थता से होने वाली दोनों देशों के बीच शांति वार्ता नहीं हो सकी. इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अमेरिका पर निशाना साधा और दोनों देशों के बीच शांति वार्ता के विफल होने के कारण भी बताए.
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने बुधवार को अमेरिका के साथ वार्ता की असफलता के कई कारण गिनाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर की जा रही नौसैनिक नाकाबंदी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि दुनिया देख सकती है कि अमेरिका के दावे और कार्य आपस में मेल नहीं खाते.
جمهوری اسلامی ایران همواره از گفتگو و توافق استقبال کرده و میکند. بدعهدی، محاصره و تهدید مانع اصلی مذاکره واقعی است. دنیا شاهد پرحرفیهای مزورانه و تناقض ادعا و عمل شماست. https://t.co/wNLZayW5gX
— Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) April 22, 2026
ईरान ने बताया क्यों विफल हुई अमेरिका के साथ वार्ता?
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अमेरिका के साथ विफल हुई वार्ता की तीन वजह बताई. जिसमें उन्होंने अमेरिका पर प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करने, होर्मुज और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी और धमकियां देना शामिल है. पेज़ेश्कियन ने एक्स पर लिखा, "दुनिया आपकी अंतहीन पाखंडी बयानबाजी और दावों तथा कार्यों के बीच विरोधाभास देख रही है." उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान कभी भी संवाद और समझौते के खिलाफ नहीं था.
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच इस सप्ताह पाकिस्तान में होने वाली वार्ता को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बुधवार को समाप्त होने वाले युद्धविराम को बढ़ाने की घोषणा के बाद स्थगित कर दिया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वार्ता में मुख्य वार्ताकार पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान को एक एकीकृत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए समय दिया जा रहा है.
सीजफायर के बाद भी कम नहीं हुआ खतरा
अमेरिका ने भले ही सीजफायर को बढ़ा दिया हो लेकिन दोनों पक्षों से खतरे अभी भी जारी हैं. क्योंकि ईरान ने युद्धविराम की घोषणा के बाद तीन जहाजों को जब्त कर लिया है. जिनकी पहचान एमएससी फ्रांसेस्का, एपामिनोंडास और यूफोरिया के रूप में की गई है. इसके साथ ही अमेरिका ने भी अपनी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखी है और होर्मुज पर कड़ा पहरा दे रहा है. जिससे इस सीजफायर के कभी भी टूट जाने का भी खतरा मंडर रहा है.
ईरान प्रस्ताव पर ट्रंप की कोई समयसीमा नहीं
उधर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लैविट ने बुधवार को कहा कि ट्रंप ने ईरान प्रस्ताव पर कोई समयसीमा तय नहीं की है, बल्कि वे समयसीमा खुद तय करेंगे. उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि कुछ अज्ञात सूत्रों से खबरें आई हैं कि तीन से पांच दिन की समयसीमा तय की गई है. यह सच नहीं है. राष्ट्रपति ने खुद कोई समयसीमा तय नहीं की है. अंततः, वे ही समयसीमा तय करेंगे."
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सीजफायर बढ़ाने के मूड में नहीं थे ट्रंप
बता दें कि ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी ईरान और अमेरिका के बीच प्रमुख तनावों में से एक है. हालांकि ट्रंप ने युद्धविराम बढ़ाने पर सहमति जताई, जबकि कुछ ही घंटों पहले उन्होंने कहा था कि उनकी ओर से ऐसा कदम उठाना "बहुत मुश्किल" है, लेकिन उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास नाकाबंदी के बारे में अपना रुख नहीं बदला है. ट्रंप ने मंगलवार को 'ट्रुथ सोशल' पर कहा, "इसलिए मैंने अपनी सेना को नाकाबंदी जारी रखने का निर्देश दिया है और अन्य सभी मामलों में तैयार और सक्षम रहने को कहा है."
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