तमिलनाडु की विरुधुनगर विधानसभा सीट पर इस बार काफी रोचक मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस विधानसभा सीट को तमिलनाडु की महत्वपूर्ण और राजनीतिक रूप से सक्रिय सीटों में गिनी जाती है। खासकर शिवकाशी क्षेत्र की वजह से यहां का नाम पूरे देश में प्रसिद्ध है। जहां पर माचिस और पटाखा उद्योग बड़े पैमाने पर है। यही कारण है कि विरुधुनगर विधानसभा सीट पर चुनावों में आर्थिक और रोजगार जैसे मुद्दे केंद्र में रहते हैं।
रोचक मुकाबले के आसार
साल 2026 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर मुकाबला रोचक और दिलचस्प होता जा रहा है। इस सीट पर बहुकोणीय मुकाबला है। इस दौरान कई पार्टियां अपनी किस्मत आजमा रही हैं। यहां पर डीएमडीके से विजय प्रभाकरन चुनावी रण में उतरे हैं। वहीं एआईएडीएमके से वीजी गणेशन अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। तो वहीं टीवीके से एसपी सेल्वम और एनटीके से तो लक्ष्मणन चुनावी रण में उतरे हैं। हालांकि अगर राजनीतिक इतिहास की बात करें, तो इस सीट पर DMK और AIADMK का लंबे समय तक दबदबा रहा है।
DMK का दबदबा
फिलहाल यहां पर द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम इस सीट पर अपनी जीत को बरकरार रखने की कोशिश में हैं। वहीं डीएमके, टीवीके और एनटीके जैसे सियासी दल विरुधुनगर विधानसभा सीट पर जीत हासिल करने की पूरी कोशिश में हैं। यह सीट राजनीतिक लिहाज से काफी अहम साबित हो सकती है। राज्य विधानसभा चुनाव में सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल 2026 को मतदान होने हैं। वहीं वोटों की गिनती 04 मई 2026 को होगी।
Continue reading on the app
आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को नामांकन बंद होने से एक दिन पहले घोषणा की कि वह दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के महापौर चुनाव नहीं लड़ेगी। 250 सदस्यीय एमसीडी विधानसभा में भाजपा के पास 123 पार्षदों का आरामदायक बहुमत है। आम आदमी पार्टी (AAP) के 101 पार्षद हैं और शेष में इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (AAP से अलग हुई पार्टी), कांग्रेस और निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक बयान में कहा कि पार्टी ने महापौर चुनाव में भाग न लेने का फैसला किया है। पार्टी ने पिछले साल भी महापौर और उप महापौर पदों के लिए चुनाव नहीं लड़ा था।
भारद्वाज ने कहा कि चुनाव में भाग न लेकर आम आदमी पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि भाजपा एमसीडी में सत्ता में आए और अपनी नाकामियों के जरिए बेनकाब हो जाए। आम आदमी पार्टी के नेता ने दावा किया कि सभी स्तरों पर सत्ता में होने के बावजूद भाजपा दिल्ली में कोई बदलाव लाने में नाकाम रही है। भाजपा को काम करना नहीं आता। सिर्फ आम आदमी पार्टी ही काम करना जानती है। केंद्र और दिल्ली दोनों में भाजपा सत्ता में है, साथ ही एमसीडी पर भी उसका नियंत्रण है।
महापौर, उप महापौर और इसकी स्थायी समिति के तीन सदस्यों के पदों के लिए चुनाव 29 अप्रैल को होंगे। पार्षदों के नामांकन की प्रक्रिया 23 अप्रैल को शाम 5 बजे समाप्त हो जाएगी। वहीं, गुजरात के पंचमहल जिले में पुलिस ने गोधरा नगरपालिका चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के एक उम्मीदवार और पार्टी के दो कार्यकर्ताओं से जुड़े कथित हवाला लेनदेन की जांच शुरू की है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह जांच 26 अप्रैल को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव से पहले शुरू हुई है।
Continue reading on the app