टैक्सी ड्राइवर की बेटी बनी RAS, संघर्ष से सफलता तक गुंजन की कहानी ने सबको किया प्रेरित, देखें वीडियो
RAS Exam Success Story : बाड़मेर की साधारण गलियों से निकली एक असाधारण कहानी आज हर किसी को प्रेरित कर रही है. एक टैक्सी चालक की बेटी ने साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर हौसले मजबूत हों तो मंजिल जरूर मिलती है. गुंजन शर्मा ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद पढ़ाई को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया और दूसरे प्रयास में आरएएस परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की. पिता दिन-रात मेहनत कर परिवार चलाते रहे और बेटी ने उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया. बचपन में जहां पिता दूसरों के बच्चों को टैक्सी से स्कूल छोड़ते थे, वहीं उनकी अपनी बेटी पैदल स्कूल जाती थी, लेकिन उसी ने आज RAS बनकर परिवार का नाम रोशन कर दिया. गुंजन की यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखता है.
इन दो महीने खाली ना छोड़ें खेत, लगा दें मूंग-उर्द... बढ़ेगी मिट्टी की उर्वरता और आय
Moong and Urad Sown in the Vacant Field: अप्रैल में गेहूं की कटाई के बाद जुलाई-अगस्त में धान रोपाई तक खेत अक्सर खाली रहते है. ऐसे में किसान मूंग और उर्द की खेती कर अतिरिक्त मुनाफा कमा सकते है. जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि गेहूं कटने के बाद खेत की जुताई कर तुरंत मूंग और उर्द की बुवाई करनी चाहिए. ये कम अवधि की फसलें है जो धान रोपाई से पहले तैयार हो जाती है. इससे खेत खाली नहीं रहता फसल चक्र बेहतर होता है और मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ती है. कृषि विभाग किसानों को मिनी किट के जरिए बीज उपलब्ध करा रहा है. बाजार में मूंग और उर्द की मांग हमेशा बनी रहती है. जिससे किसानों को अच्छी कीमत मिलती है. कम समय और कम लागत में यह खेती बेहतर आय का विकल्प साबित हो सकती है.
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