आस्था के नाम पर बड़ा धोखा! वैष्णो देवी चढ़ावे की चांदी में 95% मिलावट सिर्फ 5% असली धातु
देश के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में से एक वैष्णो देवी मंदिर से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां चढ़ावे में दी जा रही चांदी को लेकर ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने लाखों श्रद्धालुओं को हैरान कर दिया है। अब सवाल सिर्फ पैसे का नहीं, बल्कि आस्था और सेहत का भी है।
लोग अपनी श्रद्धा से मंदिरों में चढ़ावा चढ़ाते हैं। वे विश्वास करते हैं कि जो कुछ वे अर्पित कर रहे हैं, वह शुद्ध और पवित्र है। लेकिन इस मामले ने उस भरोसे को हिला दिया है। जांच में सामने आई सच्चाई बेहद चिंताजनक है।
वैष्णो देवी चांदी घोटाला
जांच में पता चला कि मंदिर में चढ़ाई जा रही चांदी की वस्तुएं पूरी तरह शुद्ध नहीं हैं। इन वस्तुओं में सिर्फ 5 से 6 प्रतिशत ही असली चांदी पाई गई। बाकी हिस्सा कैडमियम और लोहे जैसी सस्ती धातुओं का है। यह धातुएं देखने में चांदी जैसी लगती हैं, इसलिए आम श्रद्धालु इन्हें पहचान नहीं पाते। यह वैष्णो देवी चांदी घोटाला अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है।
500 करोड़ की उम्मीद, सिर्फ 30 करोड़ की हकीकत
मंदिर प्रशासन ने हाल ही में चढ़ावे में मिली करीब 20 टन धातु को जांच के लिए भेजा था। शुरुआती अनुमान था कि इससे 500 से 550 करोड़ रुपये की चांदी मिलेगी। लेकिन जब जांच हुई, तो सच्चाई सामने आ गई। असली चांदी की कीमत सिर्फ करीब 30 करोड़ रुपये ही निकली। इस अंतर ने साफ कर दिया कि मिलावट कितने बड़े स्तर पर की गई थी।
श्रद्धालुओं की सेहत पर असर
जांच में कैडमियम जैसी खतरनाक धातु भी पाई गई। यह धातु बेहद जहरीली मानी जाती है। जब इसे गर्म किया जाता है, तो इससे निकलने वाला धुआं शरीर के लिए नुकसानदायक होता है। इससे फेफड़ों और किडनी पर असर पड़ सकता है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। यही वजह है कि इसके इस्तेमाल पर कई जगह प्रतिबंध है।
श्रद्धालुओं के साथ धोखा, आस्था पर चोट
यह मामला सिर्फ आर्थिक घोटाले का नहीं है। यह श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा मामला है। लोग माता को चढ़ाने के लिए चांदी के छत्र, पायल और सिक्के खरीदते हैं। लेकिन जब वही चीजें मिलावटी निकलती हैं, तो यह विश्वास को तोड़ता है। वैष्णो देवी चांदी घोटाले ने आस्था को गहरा झटका दिया है।
धार्मिक स्थलों पर निगरानी की जरूरत
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है। क्या धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे की सही जांच हो रही है? अगर इस तरह की मिलावट जारी रही, तो लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि सख्त निगरानी रखी जाए। इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी जरूरी है।
Rajpal Yadav ने बताई चेक बाउंस मामले की सच्चाई, बोले- ऐसा नहीं है कि मेरे पास पैसे…
पिछले कुछ दिनों से राजपाल यादव चेक बाउंस मामले को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। इस मामले में एक्टर और कॉमेडियन ने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। कुछ दिनों बाद उन्होंने बकाया राशि में से कुछ हिस्सा जमा कर दिया था। इसके बाद उन्हें अंतरिम जमानत दे दी गई थी।
राजपाल यादव को अपने फिल्मी करियर में कभी भी विवादों में नहीं देखा गया। अब उन्हें अपनी जिंदगी के सबसे बड़े जवाब पर खुलकर बात करते हुए देखा गया। उन्होंने इंडस्ट्री के लोगों से मिले सपोर्ट के बारे में बताया है कि वो जेल इसलिए नहीं गए थे कि उनके पास 5 करोड़ नहीं थे। एक्टर के मुताबिक इसकी वजह कुछ ओर थी।
5 करोड़ चुकाने से ज्यादा बड़ा था मामला
राजपाल यादव को हाल ही में शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में शामिल होते हुए दिखाई दिए। यहां उनसे 5 करोड़ के चेक बाउंस मामले को लेकर जब सवाल किए गए तो उन्होंने पूरे मामले की सच्चाई बताई। शुभांकर ने उनसे पूछा कि आपने ढाई सौ से ज्यादा फिल्में की है ऐसे में लोगों को लगता है कि आपके लिए 5 करोड़ चुकाना मुश्किल काम नहीं था। इसका जवाबदेते हुए राजपाल ने कहा कि यही मेरा सवाल है जिस दिन लोगों को यह बात समझ आएगी उस दिन उन्हें मेरा केस भी समझ जाएंगे। मैं जेल इसलिए नहीं गया क्योंकि मेरे पास पैसे नहीं थे। यह उससे भी बड़ा मुद्दा है और सिद्धांत का मामला है। यह मामला 2012 में ही सुलझ गया होता।
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एक्टर ने बताई सच्चाई
राजपाल यादव ने कहा कि इस विवाद की वजह से उन्हें 17 से 22 करोड़ का भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। प्रोजेक्ट पर पहले से 12 करोड़ लग गए थे और आगे चलकर यह 22 करोड़ का बन गया। अगर किसी प्रोजेक्ट में आपका दुश्मन भी हो तो उसे रिलीज होने देना चाहिए। प्रोजेक्ट का फैसला दर्शकों को करने दें। इंडस्ट्री में 100 फिल्में बनती हैं, जिनमें से 80 फेल होती है और 20 पास होती है। इसका मतलब यह नहीं होता कि किसी के साथ फ्रॉड किया गया है।
इंडस्ट्री से कैसे मिला सपोर्ट
जब राजपाल यादव मुश्किल में थे तब इंडस्ट्री ने उन्हें कैसे सपोर्ट किया। इस बारे में जवाब देते हुए एक्टर ने कहा कि पिछले 25 सालों में मेरे गांव से लेकर मुंबई तक कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जो मेरे साथ खड़ा नहीं हुआ है। ऐसा कोई भी निर्देशक या निर्माता नहीं है, जिसने मुझे काम के लिए नहीं बुलाया हो। अगर इंडस्ट्री मेरा साथ नहीं देती तो मैं इतनी सारी फिल्में कैसे करता।
न्याय व्यवस्था पर जताया भरोसा
एक्टर ने कहा मैं न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका का सम्मान करता हूं। मुझे हमारे सिस्टम पर पूरा भरोसा है। लड़ाई मैंने शुरू नहीं की लेकिन खत्म मेरे कारण होगी। बहुत सारी गलतफहमी हुई है लोगों को पूरी कहानी जाननी चाहिए। एक्टर के वर्कफ्रंट बात करें तो इन्हें हाल ही में रिलीज हुई फिल्म भूत बंगला में देखा जा रहा है। इसमें अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में हैं। बॉक्स ऑफिस पर ये फिल्म शानदार प्रदर्शन करती दिखाई दे रही है।
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