'भारत किसी भी तरह के आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा', पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर बोले PM मोदी
PM Modi: पहलगाम आतंकी हमले का आज एक साल पूरा हो गया. पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी. इसके साथ ही उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की. पीएम मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा कि पीड़ितों को कभी भुलाया नहीं जाएगा. उन्होंने 22 अप्रैल, 2025 के हमले को एक ऐसी त्रासदी बताया जो देश की अंतरात्मा पर आज भी बोझ बनी हुई है. पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि देश किसी भी प्रकार के आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा.
पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में कहा, "पिछले साल इसी दिन पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद कर रहा हूं. उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं, जो इस दुख से उबरने की कोशिश कर रहे हैं." इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा, "एक राष्ट्र के रूप में, हम शोक और दृढ़ संकल्प में एकजुट हैं. भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा. आतंकवादियों के घिनौने मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे."
Remembering the innocent lives lost in the gruesome Pahalgam terror attack on this day last year. They will never be forgotten. My thoughts are also with the bereaved families as they cope with this loss.
— Narendra Modi (@narendramodi) April 22, 2026
As a nation, we stand united in grief and resolve. India will never bow to…
आज ही के दिन हुआ था बैसरन घाटी में आतंकी हमला
बता दें कि पीएम मोदी का ये बयान ऐसे समय में आया है जब पीड़ितों के परिवार अपने प्रियजनों को खोने के गम में आज भी डूबे हुए हैं. पिछले साल 22 अप्रैल को, आतंकवादियों ने दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी. मरने वालों में ज्यादातर पर्यटक थे. जो देश के अलग-अलग राज्यों से जम्मू-कश्मीर की बैसरन घाटी घूमने के लिए पहुंचे थे. इस आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था.
भारत ने 7 मई को शुरू किया था ऑपरेशन सिंदूर
इस आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान परस्त आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया. इस दौरान भारतीय सेना के जवानों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बना कर तबाह कर दिया. प्रधानमंत्री मोदी के पोस्ट से कुछ देश पहले ही भारतीय सेना ने भी एक पोस्ट किया. जिसमें भारतीय सेना ने कहा कि भारत के खिलाफ कृत्यों के लिए जवाब सुनिश्चित है, न्याय मिलेगा. हमेशा.
इससे पहले, पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी की पूर्व संध्या पर, भारतीय सेना ने आतंकवाद के अपराधियों को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि "जब मानवता की सीमाएं पार की जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है." भारतीय सेना ने एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें कहा, "जब मानवता की सीमाएं पार की जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है. न्याय मिलता है. भारत एकजुट है."
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वैश्विक अनिश्चितता के बीच ऑस्ट्रेलिया ने सुरक्षित किए अतिरिक्त डीजल शिपमेंट, ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस
सिडनी, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता और मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ऑस्ट्रेलिया ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। एंथनी अल्बनीज ने बुधवार को घोषणा की कि सरकार ने अतिरिक्त डीजल शिपमेंट सुरक्षित कर लिए हैं, जिससे देश में ईंधन आपूर्ति को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
सिडनी में पत्रकारों से बातचीत में अल्बनीज ने बताया कि कुल 20 करोड़ लीटर डीजल के चार शिपमेंट तय किए गए हैं। इनमें से दो दक्षिण कोरिया से, जबकि एक-एक शिपमेंट ब्रुनेई और मलेशिया से आएगा। यह आपूर्ति बीपी और वीवा एनर्जी के सहयोग से सुनिश्चित की गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार वैश्विक अस्थिरता के बीच घरेलू ईंधन आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने यह भी दोहराया कि ऑस्ट्रेलिया मध्य पूर्व में तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस दौरान ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन ने बताया कि ये डीजल शिपमेंट मई के अंत या जून की शुरुआत तक ऑस्ट्रेलिया पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह आपूर्ति देश के रणनीतिक ईंधन भंडार के लिए एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच का काम करेगी।
सरकार इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। अल्बनीज गुरुवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नेताओं के साथ ईंधन सुरक्षा को लेकर तीसरी बार बैठक करने वाले हैं। यह बैठक मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद से हो रही चर्चाओं का हिस्सा है।
इससे पहले 18 अप्रैल को अल्बनीज ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दोबारा खुलने का स्वागत किया था। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। उन्होंने ईरान की उस घोषणा को सकारात्मक बताया था, जिसमें कहा गया था कि युद्धविराम के दौरान सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए यह मार्ग पूरी तरह खोल दिया गया है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि इस नाजुक व्यवस्था को स्थायी रूप से लागू किया जाना जरूरी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ऑस्ट्रेलिया इस क्षेत्र में जहाजरानी की सुरक्षा के लिए सैन्य संसाधन भेजेगा, तो उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह के किसी भी अनुरोध पर विचार करेगी।
ऊर्जा मंत्री बोवेन ने यह भी बताया कि ऑस्ट्रेलिया ने हाल के समय में अपने रणनीतिक ईंधन भंडार में वृद्धि की है, ताकि किसी भी आपूर्ति संकट से निपटा जा सके।
मौजूदा हालात में, जब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है, ऑस्ट्रेलिया का यह कदम न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए अहम है, बल्कि यह देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा रणनीति को भी मजबूत करता है।
--आईएएनएस
केआर/
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