A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "response" on null

Filename: controllers/Web.php

Line Number: 294

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 294
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

eZeNews - Best Indian Hindi News App, हिंदी न्यूज़, Latest News in Hindi, Hindi news
Responsive Scrollable Menu

शूटिंग रोकी तो मधुबाला को कटघरे तक ले पहुंचे बी.आर.चोपड़ा:प्रिंस ने भारत को समझने के लिए इनकी फिल्म देखी, जवाहरलाल नेहरू ने लिखी चिट्ठी

22 अप्रैल 1914 आज से ठीक 112 साल पहले अखण्ड भारत के पंजाब में पीडब्ल्यू डी में सरकारी नौकरी करने वाले विलायती राज चोपड़ा के घर बेटे बलदेव का जन्म हुआ। बलदेव राज चोपड़ा, 6 भाई-बहनों के परिवार में दूसरे नंबर पर थे। पढ़ाई में अव्वल रहने वाले बलदेव के लिए पिता ने बचपन से सोच रखा था कि इसे सरकारी अफसर बनाऊंगा। समय बीता और तैयारी शुरू कर दी गई। पाकिस्तान के लाहौर गवर्नमेंट कॉलेज में इंग्लिश में मास्टर डिग्री लेते हुए उनका इंडियन सिविल सर्विस का फॉर्म भरवाया गया। पिता को उम्मीद थी कि बेटा परीक्षा निकाल लेगा, लेकिन परीक्षा की तारीखों से ठीक पहले बलदेव की तबीयत ऐसी बिगड़ी की पूरी तैयारी में पानी फिर गया। परीक्षा दी, परिणाम आए तो वो फेल हो चुके थे। बलदेव खूब रोए। पिता ने समझाया, कुछ दिनों के लिए लंदन चले जाए, 6 महीनें बाद फिर तारीख है, तब पेपर दे देना। रोते हुए बच्चे ने एक ही जवाब दिया- अब कभी सरकारी नौकरी नहीं करूंगा। सरकारी नौकरी का सपना चूर-चूर हो गया, लेकिन किसे पता था कि वही लड़का एक दिन हिंदी सिनेमा में इतिहास रच देगा। वो फेल होने वाला लड़का था बलदेव राज चोपड़ा, जिसे देश बी.आर.चोपड़ा नाम से जानता है। जिसकी फिल्मों की तारीफ तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू तक किया करते थे। भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के दंगों के बीच हिंदी सिनेमा में कदम रखने वाले बी.आर.चोपड़ा ने हमराज, नया दौर, साधना, निकाह, कानून जैसी कई सुपरहिट फिल्में बनाईं। समय से आगे चलने वाली कहानियां और सस्पेंस, किरदारों की कहानियों ने दर्शकों को खूब बांधे रखा और फिर 1988 में उन्होंने टीवी शो महाभारत बनाया, तो भगवान और पौराणिक कथा को घर-घर पहुंचातकर इतिहास ही रच दिया। लोग शो शुरू होने से पहले चप्पल उतारकर, जमीन पर हाथ जोड़े बैठते, तो कुछ टीवी की आरती उतारते। वो शो, जिसके नाम आज भी विश्व रिकॉर्ड है। इस कामयाबी के सफर में बी.आर.चोपड़ा की जिद और स्वाभिमान भी चर्चा में रहा। कभी शूटिंग में खलल पैदा करने वालीं मधुबाला को कठघरे में खड़ा किया, तो कभी गोविंदा जैसे स्टार को ऑफिस से बाहर भगाय दिया। बी.आर. चोपड़ा की आज 112 वीं बर्थ एनिवर्सरी है, इस खास मौके पर पढ़िए, उनके फिल्मों में आने और इतिहास रचने से जुड़े कुछ चुनिंदा किस्से- किस्सा-1, अखबार के लिए लिखते थे, दोस्तों के कहने पर फिल्म बनाई तो हुआ नुकसान कॉलेज के दिनों में बी.आर.चोपड़ा ने कलकत्ता के वैराइटी अखबार के लिए लिखना शुरू कर दिया। उनका पहला आर्टिकल फिल्मों पर था। एक आर्टिकल में फिल्म बनाने वाले कलाकारों को ललकारते हुए उन्होंने लिखा, कुछ अच्छा बनाओ, कहानी डालो, समाज को बताओ की समाज में क्या चल रहा है, क्या दिक्कतें हैं। आर्टिकल कलकत्ता भेजा, लेकिन वो छपा ही नहीं। अगले 3 आर्टिकल भी छपे नहीं। तीसरे हफ्ते उन्हें एक पार्सल मिला, जिसमें वैराइटी अखबार की एक प्रति थी, जिसमें उनके पिछले तीनों आर्टिक्ल थे। इसके साथ एडिटर का एक माफीनामा भी था। लिखने का सिलसिला चल निकला। 1944 में बी.आर.चोपड़ा न्यू स्टार फिल्म प्रोडक्शन कंपनी की सिने हैराल्ड मैगजीन के लिए लिखने लगे। जब आजादी की लड़ाई से तनाव बढ़ने लगा, तो बचने के लिए बी.आर.चोपड़ा जालंधर के पैतृक घर में रहने लगे। वहां 150 लोग और ठहरे हुए थे। एक रोज पिता के कुछ दोस्तों ने उन्हें हिंदी सिनेमा की फिल्मों में पैसे लगाने का सुझाव दिया। 5 दोस्त और जुड़ गए। सभी ने फिल्म करवट बनाई, जो बुरी तरह फ्लॉप हो गई। बी.आर.चोपड़ा की पूरी कमाई खत्म हो गई। किस्सा-2, नुकसान के बाद फिर अखबार में काम करने की अर्जी दी फिल्म प्रोडक्शन में नुकसान होने के बाद बी.आर.चोपड़ा ने तय किया कि अब वो अखबार में काम करेंगे। तब हिंदुस्तान टाइम्स के एडिटर उनके अंकल दुर्गा दास थे। खत लिखा, तो जवाब मिला, बॉम्बे आ जाओ, लेकिन हारकर मत आना। बी.आर.चोपड़ा सोच में थे कि क्या किया जाए, वो पैरिसियन कैफे में चाय पीने गए। चाय पी ही रहे थे कि आवाज आई- अरे चोपड़ा साहब क्या कर रहे हैं। उन्होंने थकी सी आवाज में कहा- चाय पी रहे हैं। उस शख्स ने फिर कहा- क्या कर रहा है तू। इस पर बी.आर.चोपड़ा ने गुस्से में कहा- कर ही क्या सकता हूं, न पैसा है न ढेला है, न अनुभव है। कहां से करूं कुछ। इस पर उस शख्स ने कहा- एक काम कर, कुछ तो कर। स्टोरी ले ले कम से कम। वो शख्स थे, आई.एस.जौहर। उस दौर के जाने-माने एक्टर और कॉमेडियन। उस स्टोरी पर बी.आर.चोपड़ा ने लाहौर में फिल्म चांदनी चौक बनाना शुरू किया। शूटिंग शुरू हुई ही थी कि बंटवारे में दंगे ऐसे भड़के की शूटिंग बंद करनी पड़ी। वो बॉम्बे जाकर बसे, जहां दोस्तों की सलाह पर उन्होंने दोबारा फिल्ममेकिंग शुरू की। दो नाकामी के बाद 1951 की उनकी बतौर डायरेक्टर फिल्म अफसाना चल निकली। इस फिल्म में अशोक कुमार ने डबल रोल निभाया। कहा जाता है कि डबल रोल का ट्रेंड यही फिल्म लाई थी। ये फिल्म पहले दिलीप कुमार को ऑफर हुई थी, लेकिन उन्होंने ये कहते हुए इनकार कर दिया कि वो जज के रोल में फिट नहीं बैठेंगे। आगे बी.आर.चोपड़ा ने हमराज, कानून जैसी कई हिट फिल्में बनाईं। किस्सा-3, संजीव कुमार ने ठंडे-ठंडे पानी से गाने में वजन घटाने का वादा कर वजन बढ़ाया साल 1978 में बी.आर.चोपड़ा ने फिल्म पति पत्नी और वो बनाई, जिसमें संजीव कुमार लीड रोल में थे। फिल्म का गाना ठंडे-ठंडे पानी में के लिए संजीव कुमार को शर्टलेस होकर बच्चे के साथ बैठकर नहाना था। बिना कपड़ो के बैठने में संजीव कुमार का पेट काफी दिख रहा था। उन्होंने शूटिंग शुरू होने के बाद बी.आर.चोपड़ा से कहा, देखिए, मेरा पेट बहुत निकल गया है, क्यों न हम इस गाने की शूटिंग आखिर में करें। तब तक मैं वजन घटा लूंगा। बी.आर.चोपड़ा उनकी जिद पर मान गए। अगले ही दिन से संजीव कुमार ने डाइटिंग शुरू कर दी। अगले दिन सेट पर उनके लिए खाने में सिर्फ सलाद और सूप आया। उन्होंने खाना खाया और बी.आर.चोपड़ा से कहा- चोपड़ा अब मैं थोड़ी देर सो जाता हूं। थोड़ी देर बाद चोपड़ा साहब का लंच आया। जैसे ही वो खोला गया, तो उसमें फिश करी और चावल थे। खूशबू आते ही संजीव कुमार उठ खड़े हुए और कहा- आज के दिन डाइटिंग छोड़ देता हूं। ऐसा ही उन्होंने रोज किया। वो पहले सलाद खाते और फिर दूसरों के घर से आने वाला लजीज खाना। एक महीने बाद जब उस गाने की शूटिंग की बारी आई, तो संजीव कुमार का वजन पहले से भी कहीं ज्यादा बढ़ा हुआ था। मजबूरन उन्हें तोंद के साथ ही शूटिंग करनी पड़ी। ये गाना उस समय काफी हिट रहा, जिसे आज भी सुना जाता है। किस्सा-4, फिल्म देखकर विधवा लड़की के पिता ने बदली सोच, करवाई दूसरी शादी एक दिन बी.आर.चोपड़ा अपने दफ्तर में बैठे थे कि तभी एक आदमी आकर उनके कदमों में गिर गया। बी.आर.चोपड़ा ने वजह पूछी तो उसने कहा, मैं एक छोटे से गांव का हैडमास्टर हूं, मेरी बेटी की 8 महीने पहले शादी हुई थी। बदकिस्मती से 3 महीने बाद ही उसके पति की मौत हो गई। मैं उसे घर ले आया। हम घर से निकलते नहीं थे। हमें लगा दुनिया खत्म हो गई है। खाना-पीना भी लगभग बंद कर दिया था। एक दिन मेरे स्कूल का दूसरा हैडमास्टर आया और कहा, चलो तुम्हें सिनेमा ले चलूं। मैंने उसे कहा- मेरी बेटी विधवा है, मैं सिनेमा देखना छोड़ चुका हूं। उसने कहा, कब तक छिपे रहोगे, कभी तो बाहर निकलोगे। हैडमास्टर ने कहानी आगे सुनाते हुए बी.आर.चोपड़ा से कहा- साहब, मैं पिक्चर देखने चला गया, पिक्चर थी, हमराज। उसमें एक गाना था, न मुंह छुपा के जियो और न सिर झुका के जियो। गमों का दौर भी आए तो मुस्कुरा के जियो। घर आकर मैंने बेटी से कहा, देखो, जिंदगी तो चलने का नाम है, रुकने का नहीं। आगे उस शख्स ने कहा, चोपड़ा साहब, मैं आज इसलिए आपके पैरों पर हूं। मैंने फिल्म देखी, मैंने अपनी बेटी की दूसरी शादी करवा दी। आज वो बहुत खुश है। मैं भी बहुत खुश हूं। इसलिए आपको धन्यवाद देने आया हूं। किस्सा-5, शूटिंग रुकी तो मधुबाला के खिलाफ कर दिया केस 50 के दशक में मधुबाला और दिलीप कुमार रिलेशनशिप में थे। फिल्म इंसानियत (1955) के प्रीमियर में साथ पहुंचकर दोनों रिश्ते पर मुहर लगा चुके थे। हालांकि तब ये खबरें भी थीं कि मधुबाला के पिता इस रिश्ते के बेहद खिलाफ हैं। दरअसल, 1956 में खबरें आईं कि दोनों शादी कर सकते हैं, दिलीप कुमार ने ये शर्त रखी थी कि शादी के बाद मधुबाला फिल्मों में काम नहीं करेंगी। शादी के बाद इनकम रुकने डर से मधुबाला के पिता अताउल्लाह खान इस शादी के खिलाफ थे। मधुबाला पर कई पाबंदियां लगीं और उन्हें दिलीप कुमार से अलग-अलग रखने के लिए कहा जाने लगा। इसी समय बी.आर.चोपड़ा ने मधुबाला को 32 हजार रुपए का साइनिंग अमाउंट देकर दिलीप कुमार के साथ फिल्म नया दौर में साइन किया। फिल्म की 15 दिनों की शूटिंग मुंबई में हुई, जिसके बाद आगे की शूटिंग भोपाल में होनी थी। जब ये बात मधुबाला के पिता तक पहुंची तो उन्होंने एक्ट्रेस को भेजने से साफ इनकार कर दिया। उन्हें लगा कि दिलीप कुमार ने मुंबई में पाबंदियां बढ़ने पर भोपाल में शूटिंग करने का दबाव बनाया है, जिससे वो मधुबाला के करीब रह सकें। पिता के दबाव में मधुबाला को भी मानना ही पड़ा। लेकिन इस बात से फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर बी.आर.चोपड़ा जमकर नाराज हुए। मधुबाला शूटिंग में नहीं पहुंचीं, तो बी.आर.चोपड़ा ने मुंबई के गिरगांव के मजिकस्ट्रेट कोर्ट में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी। धोखाधड़ी और कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने का आरोप लगाते हुए उन्होंने 32 हजार रुपए वापस मांगे। उस समय बी.आर.चोपड़ा वैराइटी मैग्जीन के एडिटर थे। उन्होंने इस विवाद पर वैराइटी मैगजीन में दो पन्नों का लेख भी लिखा। साथ ही उन्होंने मधुबाला की एक बड़ी सी तस्वीर में लाल काटने का निशान लगाया और लिखा कि अब उनकी जगह वैजयंतीमाला हीरोइन होंगी। मीडिया ने इस खबर को खूब उछाला और मधुबाला की बदनामी हुई। जब सुनवाई शुरू हुई, तो मधुबाला को कटघरे में खड़ा किया। गवाह के तौर पर दिलीप कुमार को बुलाया गया। मधुबाला, उनके साथ रिश्ते में थे, उन्हें उम्मीद थी कि दिलीप कुमार साथ देंगे, लेकिन उल्टा उन्होंने सबके सामने कहा कि मधुबाला पिता के डर से शूटिंग के लिए भोपाल नहीं आईं। अपने खिलाफ गवाही सुनकर एक्ट्रेस टूट गईं। केस 4 महीने रहा, लेकिन बी.आर.चोपड़ा ने बाद में केस वापस ले लिया। लेकिन इस विवाद के बाद मधुबाला को सोहनी महेवाल और सवेरा जैसी फिल्मों से भी निकाल दिया गया। ये फिल्म जबरदस्त हिट रही। विवाद खत्म होने के बाद मधुबाला चाहती थीं कि दिलीप कुमार उनके पिता से माफी मांगे, लेकिन उन्होंने माफी मांगने से इनकार किया और रिश्ता भी खत्म कर लिया। किस्सा-6, प्रिंस फिलिप भारत आए तो देखी बी.आर.चोपड़ा की फिल्म, जवाहरलाल नेहरू ने लिखी चिट्ठी बी.आर.चोपड़ा उस दौर के ऐसे फिल्ममेकर थे, जो समाजिक मुद्दों को फिल्मों के जरिए जनता तक पहुंचाते थे। चाहे कानून हो, हमराज हो, निकाह या नया दौर। फिल्म नया दौर 1957 में रिलीज हुई थी। फिल्म रिलीज हुए कुछ दिन हुए ही थे कि एक रोज बी.आर.चोपड़ा के दफ्तर में प्राइम मिनिस्टर की ऑफिस से चिट्ठी आई हुई थी। ऑफिस के तमाम लोग घबराए हुए थे। बी.आर.चोपड़ा भी डर गए कि ऐसा तो मैंने कुछ नहीं बनाया, जिस पर सरकार को आपत्ति हो। चिट्ठी खोली गई, तो वो तत्कालीन प्राइम मिनिस्टर जवाहरलाल नेहरू ने भेजी थी। उसमें लिखा था, डियर चोपड़ा। ड्यूक ऑफ एडनबर्ग प्रिंस फिलिप (क्वीन एलिजाबेथ के पति) भारत आए हुए थे। उन्हें गांव का जीवन समझने के लिए एक फिल्म दिखाई जानी थी। किसी ने कहा कि नया दौर दिखा दो। मैंने सोचा 15 मिनट तक उन्हें फिल्म दिखा दूंगा। लेकिन फिल्म जब चली तो इतनी अच्छी थी कि मैं पूरी फिल्म देखे बिना वहां से उठ नहीं सका। किस्सा- 7, महाभारत ठुकराने पर गोविंदा को ऑफिस से भगाया, मां को कहे अपशब्द गोविंदा की मां निर्मला देवी पटियाला घराने की सिंगर थीं और पिता अरुण आहूजा भी फिल्ममेकर हुआ करते थे। शुरुआत में गोविंदा अपने डांस की सीडी प्रोड्यूसर्स के दफ्तर पहुंचाते थे। आखिरकार 1986 में उन्हें पहली फिल्म लव 86 मिल गई। गोविंदा के परिवार के करीबी गूफी पेंटल उस समय बी.आर.चोपड़ा के निर्देशन में बन रहे महाभारत शो की कास्टिंग कर रहे थे। एक दिन गोविंदा गूफी पेंटल की पत्नी के एक काम के सिलसिले में उनके घर पहुंचे। बी.आर.चोपड़ा भी वहीं थे। उन्होंने गोविंदा को देखा और कहा, हमने तुम्हें अभिमन्यू के रोल के लिए सिलेक्ट किया है। लेकिन तब गोविंदा की मां ने उन्हें फिल्मों में काम करने के लिए ही कहा था। गोविंदा ने कहा- सर मं नहूं करूंगा। मेरी मां ने मना किया है। इस पर बी.आर.चोपड़ा ने पूछा- क्या हैं तुम्हारी मां। जवाब मिला- साध्वी हैं। गेरुवा वस्त्र पहनती हैं, जो कहती हैं, वही करता हूं। फिल्म लाइन तो सेकेंड्री है। जब गोविंदा ने इनकार किया तो, बी.आर.चोपड़ा ने कहा- तुम्हारी मां पागल हैं। इस पर गोविंदा चिढ़ गए। उन्होंने कहा, उनकी पहली फिल्म शारदा थी, 9 फिल्में कर चुकी हैं, आपकी भी सीनियर हैं। डेडी भी आपके सीनियर हैं। मैं स्ट्रगल कर रहा हूं, जो वो कहती हैं, वही होता है। गोविंदा की मां ये सब सुनकर नाराज हुईं। उन्होंने कहा, जाओ, उनके सामने एक्टिंग करते हुे कहना, आपकी सोच मैं खा गया। गोविंदा ने यही किया। वो उनके दफ्तर गए और कहा- मैं आपकी सोच खा गया। बी.आर.चोपड़ा चिढ़ गए। उन्होंने तुरंत अपने गार्ड्स से कहा, इसे बाहर निकालो, ये पागल है। गोविंदा ने तब कहा, देखिए, आप गोविंदा को बाहर निकाल रहे हैं। 4 नेशनल अवॉर्ड जीते, पद्मभूषण से भी सम्मानित हुए बी.आर.चोपड़ा को फिल्म कानून, धर्मपुत्र, गुमराह और हमराज के लिए 4 नेशनल अवॉर्ड मिले हैं। इसके अलावा उन्हें 1998 में दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। साल 2001 में बी.आर.चोपड़ा को पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है। इनके अलावा उनके पास 2 फिल्मफेयर अवॉर्ड भी हैं।

Continue reading on the app

अभिषेक ने कोहली की बराबरी की:9वां टी-20 शतक लगाया, राहुल-नीतीश का कैच पकड़कर मैच पलटा, क्लासन के 100 सिक्स पूरे; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL 2026 के 31वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स को 47 रन से हरा दिया। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में अभिषेक शर्मा ने 9वां टी-20 शतक लगाकर विराट कोहली की बराबरी कर ली। मंगलवार को अभिषेक ने फील्डिंग में भी कमाल दिखाया। उन्होंने केएल राहुल और नीतीश राणा के कैच पकड़कर मैच का रुख पलट दिया। हेनरिक क्लासन ने 100 IPL सिक्स पूरे किए। SRH Vs DC मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. अभिषेक ने 184 पारी में 9 टी-20 शतक लगाए अभिषेक शर्मा के टी-20 में 9 शतक पूरे हो गए। उन्होंने यह उपलब्धि 184 पारियों में हासिल की, जो भारतीयों में सबसे तेज है। कोहली को यहां तक पहुंचने में 403 पारियां लगी थीं। टी-20 में ओवरऑल सबसे ज्यादा शतक का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने 22 शतक लगाए हैं। बाबर आजम (12) और डेविड वॉर्नर (10) उनके बाद हैं। 2. अभिषेक ने 5वीं बार एक पारी में 10+ सिक्स लगाए अभिषेक शर्मा ने टी-20 में पांचवीं बार एक पारी में 10 या उससे ज्यादा छक्के लगाए। वे इस मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। उनसे आगे क्रिस गेल हैं, जिन्होंने 18 बार ऐसा किया है। एविन लुईस और श्रेयस अय्यर ने 4-4 बार यह कारनामा किया है। IPL में यह दूसरी बार है जब अभिषेक ने एक पारी में 10 छक्के लगाए और वे गेल के बाद ऐसा कई बार करने वाले दूसरे बल्लेबाज बने। उन्होंने टी-20 क्रिकेट में 350 छक्के भी पूरे कर लिए। 3. अभिषेक ने केएल राहुल को पीछे छोड़ा अभिषेक शर्मा ने IPL में नाबाद 135 रन बनाकर केएल राहुल (132*) को पीछे छोड़ दिया है। वे IPL के हाईएस्ट इंडविजुअल स्कोरर की लिस्ट में दूसरी बार शामिल हो गए। इससे पहले पिछले साल उन्होंने 141 रन की पारी खेली थी। टी-20 में 130+ स्कोर के मामले में अभिषेक 4 बार के साथ टॉप पर पहुंच गए हैं, जबकि आरोन फिंच और क्रिस गेल ने 3-3 बार यह कारनामा किया है। 4. क्लासन IPL में 100 सिक्स लगाने वाले तीसरे सबसे तेज बल्लेबाज हेनरिक क्लासन IPL में 100 छक्के लगाने वाले तीसरे सबसे तेज बल्लेबाज बन गए। उन्होंने यह उपलब्धि 52 पारियों में हासिल की। उनसे आगे क्रिस गेल (37 पारियां) और आंद्रे रसेल (47 पारियां) हैं। गेंदों के हिसाब से क्लासन 1072 गेंदों में इस आंकड़े तक पहुंचे और सातवें स्थान पर हैं। यहां से टॉप-5 मोमेंट्स… 1. अक्षर पटेल का 100वां टी-20 मैच दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल टीम के लिए अपना 100वां टी-20 मैच खेल रहे हैं। वे 2019 से टीम का हिस्सा हैं और उसी साल 5 करोड़ रुपए में खरीदे गए थे। शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें मेगा नीलामी से पहले 16.50 करोड़ रुपए में रिटेन किया गया। 14 मार्च 2025 को उन्हें टीम की कमान सौंपी गई। 2. अभिषेक की हाफ सेंचुरी, रनआउट होने से बचे 9वें ओवर की पहली बॉल पर अभिषेक शर्मा ने हाफ सेंचुरी पूरी की। उन्होंने अक्षर पटेल की गेंद को लेग साइड में खेलकर दो रन लिए। दूसरे रन पर थ्रो विकेटकीपर केएल राहुल के पास आया, लेकिन वे गेंद को साफ तरीके से कलेक्ट नहीं कर सके। रिप्ले में दिखा कि अगर राहुल गेंद पकड़ लेते, तो अभिषेक क्रीज से बाहर थे। 3. नीतीश राणा ने अभिषेक का कैच छोड़ा 13वें ओवर की तीसरी गेंद पर अभिषेक शर्मा को एक और जीवनदान मिला। टी. नटराजन की लो फुलटॉस पर उन्होंने बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से खेलने की कोशिश की। डीप में खड़े नीतीश राणा बाईं ओर दौड़ते हुए पहुंचे, लेकिन दोनों हाथों से कैच पकड़ने के बावजूद गेंद उनके हाथ से निकल गई। 4. अभिषेक का शतक और ईशान किशन रनआउट 14वें ओवर की दूसरी गेंद पर अभिषेक शर्मा ने छक्का लगाकर शतक पूरा किया। नीतीश राणा की शॉर्ट गेंद को उन्होंने डीप मिडविकेट के ऊपर से पुल किया। इसी ओवर की चौथी गेंद पर ईशान किशन रनआउट हो गए। अभिषेक ने गेंद को सामने खेला, लेकिन नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े ईशान काफी आगे निकल चुके थे। नीतीश राणा ने गेंद को स्टंप्स पर डिफ्लेक्ट किया और ईशान समय पर क्रीज में नहीं लौट सके। 5. अभिषेक ने राहुल-राणा के कैच लपके अभिषेक शर्मा ने फील्डिंग में कमाल दिखाते हुए लगातार ओवरों में दो कैच पकड़कर मैच का रुख बदल दिया। 10वें ओवर में ईशान मलिंगा की फुल लेंथ गेंद पर नीतीश राणा ने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद सही तरीके से बैट पर नहीं आई। लॉन्ग-ऑन से दौड़ते हुए अभिषेक शर्मा ने आगे स्लाइड कर लो कैच पकड़ा। राणा 30 गेंदों में 57 रन बनाकर आउट हुए। इससे पहले 9वें ओवर में साकिब हुसैन की फुलटॉस गेंद पर केएल राहुल ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन टाइमिंग सही नहीं रही और गेंद डीप बैकवर्ड स्क्वेयर पर खड़े अभिषेक के हाथों में गई। राहुल 23 गेंदों में 37 रन बनाकर आउट हुए।

Continue reading on the app

  Sports

'हद से ज्यादा चढ़ा दिया...' किंग बनने के दबाव में बिखर गए बाबर आजम, हाथ आया मौका भी गंवा दिया

Babar Azam vs Virat Kohli Comparison: वसीम जाफर का मानना है कि बाबर आजम की फॉर्म में गिरावट का सबसे बड़ा कारण विराट कोहली से उनकी बेवजह तुलना और मीडिया द्वारा बनाया गया अत्यधिक दबाव है. जाफर के मुताबिक बाबर निस्संदेह पाकिस्तान के बेहतरीन बल्लेबाज हैं, लेकिन उन्हें उनकी क्षमता से ज्यादा 'रेट' किया गया.'किंग' कहलाने की होड़ और कोहली की नकल करने की कोशिश में बाबर अपनी स्वाभाविकता खो बैठे, जिसका असर उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों पर पड़ा. Fri, 24 Apr 2026 20:39:11 +0530

  Videos
See all

दूसरी महिला के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया इंस्पेक्टर पति | #amravati #viralvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-24T15:36:25+00:00

Gold - Silver Price Today : शुक्रवार को सोने के भाव में गिरावट, जानिए कितना है दाम | Share Market #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-24T15:36:23+00:00

Valsad में खौफनाक हादसा CCTV में रिकॉर्ड #viralvideo #shortsvideo #aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-24T15:35:59+00:00

What's going on between the US and Nato? #BBCNews #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-24T15:40:09+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "author_list" on null

Filename: front/post_detail.php

Line Number: 408

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 408
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: foreach() argument must be of type array|object, null given

Filename: front/post_detail.php

Line Number: 408

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 408
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once