"हमसे चूक हो गई", मुंबई इंडियंस के खिलाफ 99 रन की हार बोले शुभमन गिल, इन खिलाड़ियों को ठहराया जिम्मेदार
Shubman Gill on lost against Mumbai Indians: शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात टाइटंस को मुंबई इंडियंस के सामने हार का सामना करना पड़ा है. दोनों टीमें बीते सोमवार यानि 20 अप्रैल को एक दूसरे के खिलाफ मैदान पर थी. एमआई ने तिलक वर्मा के 101 रन के दम पर 199 रन बोर्ड पर लगाए जवाब में गुजरात की टीम संयुक्त रूप से सिर्फ 100 रनों पर सिमट कर रह गई. इस हार के बाद गिल ने गेंदबाजों पर हार का ठीकरा फोड़ा है.
शुभमन गिल ने इन खिलाड़ियों को ठहराया जिम्मेदार
शुभमन गिल ने पोस्ट मैच प्रेज़न्टेशन में गेंदबाजों को हार का जिम्मेदार माना है. कप्तान ने कहा कि पिच धीमी थी ऐसे में 160-170 रन का स्कोर यहां पर ठीक होता. लेकिन मिडल ओवर के दौरान गेंदबाजों ने अतिरिक्त रन खर्च कर दिए. गिल ने माना कि उनके गेंदबाज सही जगह पर गेंद नहीं डाल पाए. अंत में उन्होंने कहा कि ओस होने के बावजूद भी उनकी टीम बेहतर तरीके से बल्लेबाजी नहीं कर पाई. शुभमन ने कहा,
सच कहूं तो, मुझे लगता है कि हमने बीच के ओवरों में बहुत ज्यादा रन लुटा दिए. ऐसी विकेट पर 160-170 रन ठीक-ठाक स्कोर होता. थोड़ी सी चूक हुई, लेकिन अब हमें कुछ मैच बाहर खेलने हैं, तो उम्मीद है कि हम जीत की लय में वापसी करेंगे. मुझे लगता है कि विकेट थोड़ी धीमी थी. मुझे नहीं लगता कि हम सही जगह पर गेंद डाल पाए. लेंथ बॉल, कुछ अच्छी तरह से अंदर आ रही थीं, कुछ नहीं. हम लगातार सही लेंथ पर गेंद नहीं डाल पाए. मुझे लगता है कि ओस होने की वजह से बल्लेबाजी और बेहतर हो सकती थी.
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मिडल ओवर्स में ढील देना पड़ा भारी
गुजरात टाइटंस ने पहले 12 ओवर तक मुंबई इंडियंस पर शिकंजा कसा हुआ था. सिर्फ 96 के स्कोर पर 4 बल्लेबाज पवेलियन की राह लौट चुके थे. लेकिन फिर आखिरी 8 ओवर में एमआई ने 103 रन बना डाले. अशोक शर्मा ने 3 ओवर में 38 रन खर्च किए और एक भी विकेट हासिल नहीं किया. सबसे महंगे प्रसिद्ध कृष्णा साबित हुए, उन्होंने 4 ओवर के स्पेल में 54 रन खर्च कर डाले और बदले में सिर्फ एक ही बल्लेबाज को आउट किया. मोहम्मद सिराज और कगीसो रबाडा ने बेहतरीन गेंदबाजी की, दोनों ने अपने 4 ओवर के स्पेल में क्रमश 25 और 33 रन दिए. रबाडा ने 3 विकेट भी लिए. स्पिनर राशिद खान ने 3 ओवर में 31 रन खर्च किए.
तिलक वर्मा ने दिखाया रौद्र रूप
टाइटंस की गेंदबाजी की सबसे ज्यादा दुर्गति तिलक वर्मा ने की, शुरुआती 19 गेंदों में उनके बल्ले से सिर्फ 17 रन निकले थे. लेकिन इसके बाद उन्होंने रन गति को बढ़ाना शुरू कर दिया. अगली 23 गेंदों में 83 रन बना डाले. उनकी इस दमदार पारी के बूते मुंबई इंडियंस ने 199 रन का आंकड़ा हासिल किया. तिलक के अलावा दानिश मालेवार (13), क्विंटन डिकॉक (13), नमन धीर (45) सूर्यकुमार यादव (15) और हार्दिक पंड्या (15) उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाए.
गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी हुई फ्लॉप
गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी गुजरात टाइटंस का डब्बा गोल होता हुआ नजर आया. जसप्रीत बुमराह ने पहली ही गेंद पर सै सुदर्शन का शिकार कर दिया था. फिर शुभमन फिल ने 13 गेंदों में 14 रन बनाकर अच्छा स्टार्ट लिया, लेकिन इस बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके. जोस बटलर सिर्फ 5 रन का योगदान देकर चले गए. वाशिंगटन सुंदर ने 17 गेंदों में 26 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की, वह इस पारी में सर्वाधिक निजी स्कोर बनाने वाले बलेबज भी बने. ग्लेन फिलिप्स और राहुल तेवतिया ने क्रमश: 6 और 8 रन बनाए. सिर्फ 15.5 ओवर में गुजरात टाइटंस की टीम संयुक्त रूप से सिर्फ 100 रन पर सिमट कर रह गई.
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तीन दिवसीय जर्मनी यात्रा आज से, रक्षा औद्योगिक सहयोग और एआई-ड्रोन टेक्नोलॉजी पर रहेगा फोकस
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत-जर्मनी रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने और द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के उद्देश्य से मंगलवार से जर्मनी की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे।
इस यात्रा के दौरान, राजनाथ सिंह अपने जर्मन समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस और जर्मन सरकार के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
इन चर्चाओं का केंद्र बिंदु रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाना, सैन्य जुड़ाव का विस्तार करना और साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ड्रोन प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए अवसरों की खोज करना होगा।
इस यात्रा के दौरान दोनों रक्षा मंत्रियों की उपस्थिति में रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप और संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियानों के प्रशिक्षण में सहयोग के लिए एक कार्यान्वयन व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।
यात्रा से पहले जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन समझौतों को रक्षा उपकरणों के संयुक्त विकास और सह-उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
यह दौरा चल रही रक्षा सहयोग पहलों की समीक्षा करने और दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच भी प्रदान करेगा।
राजनाथ सिंह द्वारा भारत की मेक इन इंडिया पहल के अनुरूप संयुक्त उद्यमों, प्रौद्योगिकी साझेदारियों और सह-उत्पादन परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए जर्मन रक्षा उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने की उम्मीद है।
पिछले सात वर्षों में किसी भारतीय रक्षा मंत्री की जर्मनी की यह पहली यात्रा है, जो वर्तमान समय में इस सहयोग के महत्व को रेखांकित करती है।
इससे पहले इस तरह की यात्रा निर्मला सीतारमण ने फरवरी 2019 में की थी। बोरिस पिस्टोरियस ने इससे पहले जून 2023 में भारत का दौरा किया था, जहां उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ व्यापक चर्चा की थी।
भारत और जर्मनी के बीच एक मजबूत और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी है, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्धता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए एक साझा दृष्टिकोण पर आधारित है।
हाल के वर्षों में, रक्षा और सुरक्षा सहयोग इस रिश्ते का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है, जिसमें दोनों देश कई क्षेत्रों में जुड़ाव को गहरा करने की कोशिश कर रहे हैं।
आगामी यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक गहरा करने और क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि में सार्थक योगदान देने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
एसएके/वीसी
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