सीजफायर खत्म, अब युद्ध की बारी? Donald Trump की Iran को दो टूक चेतावनी- समझौता करो या सैन्य टकराव के लिए तैयार रहो
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ट्रंप की कड़ी चेतावनी
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ترامپ با اعمال محاصره و نقض آتشبس میخواهد تا به خیال خود این میز مذاکره را به میز تسلیم تبدیل کند یا جنگافروزی مجدد را موجّه سازد.
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) April 20, 2026
مذاکره زیر سایهٔ تهدید را نمیپذیریم و در دو هفتهٔ اخیر برای رو کردن کارتهای جدید در میدان نبرد آماده شدهایم.
नासा के हबल टेलीस्कोप ने कैद की ट्राइफिड नेबुला की शानदार तस्वीर, दिखाई 5 हजार प्रकाश वर्ष दूर ब्रह्मांड की झलक
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने तारों के निर्माण वाले क्षेत्र ट्राइफिड नेबुला की एक आकर्षक नई तस्वीर जारी की है। यह तस्वीर हबल के लॉन्च की 36वीं वर्षगांठ (24 अप्रैल) के मौके पर सामने आई है। पृथ्वी से करीब 5 हजार प्रकाश वर्ष दूर स्थित यह नेबुला तारों के बनने और गैस-धूल को आकार देने का अद्भुत नजारा पेश करता है।
यह नई तस्वीर न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि यह ब्रह्मांड में हो रही जटिल प्रक्रियाओं को समझने में भी अहम भूमिका निभाती है। हबल का यह मिशन लगातार वैज्ञानिकों को नई जानकारी दे रहा है और अंतरिक्ष के अनसुलझे रहस्यों को सुलझाने में मदद कर रहा है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस नेबुला में शक्तिशाली तारे अपने आसपास मौजूद गैस और धूल को प्रभावित करते हैं। उनकी तेज हवाएं और ऊर्जा इन बादलों को धकेलती है, जिससे नए तारों का निर्माण होता है। हबल द्वारा ली गई यह तस्वीर इस पूरी प्रक्रिया को बारीकी से दिखाती है, जिससे खगोलविदों को यह समझने में मदद मिलती है कि समय के साथ तारा निर्माण कैसे विकसित होता है।
इस तस्वीर में एक अनोखा दृश्य दिखाई देता है, जिसे वैज्ञानिक ‘कॉस्मिक सी लेमन’ जैसा रूप बताते हैं। यह संरचना गैस और धूल के बादलों से बनी है, जो देखने में किसी समुद्री जीव जैसी लगती है। इसके भीतर कई युवा तारे बन रहे हैं, जिनमें से कुछ अपने आसपास जेट के रूप में ऊर्जा छोड़ रहे हैं। ये जेट प्लाज्मा की धाराओं के रूप में बाहर निकलते हैं और आसपास के वातावरण को प्रभावित करते हैं।
हबल ने पहले भी वर्ष 1997 में इस नेबुला का अवलोकन किया था। अब करीब तीन दशक बाद फिर से उसी क्षेत्र की तस्वीर लेकर वैज्ञानिकों को तुलना का अवसर मिला है। इससे यह पता चलता है कि इतने लंबे समय में इस क्षेत्र में क्या बदलाव आए हैं। नई तकनीक और उन्नत कैमरों की मदद से इस बार अधिक स्पष्ट और विस्तृत तस्वीर सामने आई है।
तस्वीर में अलग-अलग रंग भी महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। नीले रंग वाले हिस्से अपेक्षाकृत साफ हैं, जहां बड़े तारों की पराबैंगनी रोशनी ने गैस को आयनित कर दिया है। वहीं गहरे भूरे और काले क्षेत्र घनी धूल को दर्शाते हैं, जहां अभी भी तारे बन रहे हैं और जो सामान्य रोशनी में दिखाई नहीं देते।
इस नेबुला में कई प्रोटोस्टार यानी नवजात तारे मौजूद हैं, जो अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुए हैं। कुछ स्थानों पर जेट और गैस की धाराएं यह संकेत देती हैं कि ये तारे अपने आसपास ऊर्जा छोड़ रहे हैं। इससे वैज्ञानिक यह समझ पाते हैं कि नए तारे अपने वातावरण के साथ किस तरह से प्रतिक्रिया करते हैं।
तस्वीर के एक हिस्से में घनी धूल के कारण लगभग अंधेरा दिखाई देता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यहां दिखने वाले कुछ तारे वास्तव में इस नेबुला का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि पृथ्वी के अपेक्षाकृत करीब मौजूद हो सकते हैं। वहीं, कुछ चमकीले नारंगी रंग के तारे ऐसे हैं, जो पूरी तरह विकसित हो चुके हैं और उन्होंने अपने आसपास की धूल को साफ कर दिया है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले लाखों वर्षों में इस नेबुला की गैस और धूल धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी और यहां केवल तारे ही बचेंगे। हबल टेलीस्कोप की लंबी उम्र और उन्नत तकनीक की वजह से इस तरह के अवलोकन संभव हो पाए हैं।
--आईएएनएस
एमटी/पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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