स्वस्थ लिवर है सेहतमंद जीवन की नींव, रोजाना करें ये 10 आसान योगासन
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। लिवर हमारे शरीर का फिल्टर होता है जो खून को साफ करता है, पाचन में मदद करता है और कई जरूरी रसायनों का संतुलन बनाए रखता है। अगर लिवर कमजोर हो जाए तो थकान, पाचन खराब होना, त्वचा संबंधी समस्याएं और कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे में योग एक बहुत अच्छा सहारा बन सकता है।
स्वस्थ लिवर के लिए योगिक प्रबंधन एक बहुत ही सरल, प्राकृतिक और प्रभावी तरीका है जिससे हम अपने शरीर के इस महत्वपूर्ण अंग को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं। सबसे पहले बात करते हैं कुंजल क्रिया की। यह एक शुद्धिकरण प्रक्रिया है जिसमें गुनगुने पानी को पीकर उल्टी के माध्यम से पेट की सफाई की जाती है। इससे पेट और लिवर पर जमा विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं और शरीर हल्का महसूस करता है।
इसके बाद त्रिकोणासन आता है। इस आसन में शरीर त्रिकोण की तरह बनता है। यह लिवर और पाचन तंत्र को सक्रिय करता है और पेट की चर्बी कम करने में भी मदद करता है। गोमुखासन भी बहुत उपयोगी है। इसमें शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव आता है और यह लिवर के आसपास रक्त संचार को बेहतर करता है। इससे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।
शशकासन (खरगोश की मुद्रा वाला आसन) मन को शांत करता है और पेट के अंगों पर हल्का दबाव डालकर पाचन क्रिया को सुधारता है। पश्चिमोत्तानासन में आगे की ओर झुककर शरीर को खींचा जाता है। यह लिवर और पेट के अंगों की मालिश जैसा प्रभाव डालता है और पाचन शक्ति बढ़ाता है।
अर्धमत्स्येन्द्रासन एक बहुत प्रभावी ट्विस्टिंग पोज है। यह लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है क्योंकि इसमें पेट के अंदर के अंगों की अच्छी तरह से मालिश होती है। भुजंगासन (कोबरा पोज) लिवर को सक्रिय करता है और पेट के अंगों में रक्त संचार बढ़ाता है। यह आसन कमर दर्द में भी राहत देता है।
धनुरासन शरीर को धनुष की तरह मोड़ता है और यह लिवर तथा पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। इससे भूख भी संतुलित रहती है। कपालभाति प्राणायाम लिवर के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें तेज सांस छोड़ने की प्रक्रिया से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और लिवर की कार्यक्षमता बढ़ती है।
अंत में ध्यान (मणिपुर चक्र) करना बहुत महत्वपूर्ण है। मणिपुर चक्र को ऊर्जा और पाचन शक्ति का केंद्र माना जाता है। इस पर ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है और पाचन तंत्र तथा लिवर दोनों संतुलित रहते हैं।
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
मिस्र व भारतीय सेना के संयुक्त प्रशिक्षण "साइक्लोन-4" का समापन
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। मिस्त्र के अंशास में आयोजित मिस्र-भारत संयुक्त प्रशिक्षण साइक्लोन-4 का समापन हो गया है। यह जानकारी मिस्र आधिकारिक सैन्य प्रवक्ता ने दी है। इसके साथ ही उन्होंने प्रशिक्षण से जुड़े फोटो और वीडियो भी साझा किए हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सैद्धांतिक और व्यावहारिक घटकों का एक व्यापक मिश्रण शामिल था, जिसका उद्देश्य भाग लेने वाली सेनाओं के बीच परिचालन अवधारणाओं को एकीकृत करना और आपसी तालमेल को बढ़ाना था। इन गतिविधियों में विशेष व्याख्यान, उन्नत हथियारों और उपकरणों का प्रदर्शन और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संभालने का व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल था। इस अभ्यास का समापन एक बड़े पैमाने के सामरिक सिमुलेशन के साथ हुआ, जिसमें एक आवासीय क्षेत्र के भीतर स्थित आतंकवादियों के एक गढ़ पर हमला करने का अभ्यास किया गया। हेलीकॉप्टर की सहायता से भाग लेने वाली यूनिट्स ने सफलतापूर्वक समन्वित अभियान चलाए, जिनमें बंधकों को छुड़ाना, शत्रु तत्वों को बेअसर करना और उन्हें पकड़ना, हताहतों को सुरक्षित निकालना और उनका चिकित्सकीय उपचार करना शामिल था। अतिरिक्त अभ्यासों में स्थिर और गतिशील, दोनों ही परिस्थितियों में उन्नत निशानेबाजी क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया।
अतिरिक्त अभ्यासों में स्थिर और गतिशील दोनों स्थितियों में उन्नत निशानेबाजी क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया। सभी प्रतिभागियों के प्रदर्शन ने उच्च स्तर की व्यावसायिकता, तकनीकी दक्षता और परिचालन तत्परता को दर्शाया, जो सटीकता और कुशलता के साथ जटिल मिशनों को अंजाम देने की उनकी क्षमता को रेखांकित करता है। यह अभ्यास सशस्त्र बलों के विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और सहयोगी एवं साझेदार देशों के साथ सैन्य सहयोग को मजबूत करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। इस अभ्यास में मिस्र और भारत दोनों की विशिष्ट कमांडो इकाइयों ने भाग लिया और इसमें वरिष्ठ रेंजर्स कमांडरों के साथ-साथ काहिरा में भारतीय सैन्य अटैची भी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि भारतीय सेना का एक दस्ता मिस्र के भारत-मिस्र संयुक्त विशेष बल अभ्यास साइक्लोन-4 के चौथे संस्करण में भाग लिया, जिसका आयोजन 9 से 17 अप्रैल 2026 तक अंशास में किया गया था। यह अभ्यास भारत और मिस्र के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग की एक निरंतरता है और भारत में आयोजित पिछले संस्करण की सफलता के बाद इसका आयोजन किया जा रहा है। भारतीय दस्ते में विशेष बल इकाइयों के 25 जवान शामिल थे, जिन्होंने एक यथार्थवादी परिचालन वातावरण में अपने मिस्र के समकक्षों के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस अभ्यास का उद्देश्य विशेष अभियानों में सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के माध्यम से संयुक्त मिशन नियोजन क्षमताओं को बढ़ाना और आपसी तालमेल में सुधार करना है। भारतीय सैनिकों ने मिस्र सैनिकों के साथ रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी इलाकों में विशेष परिचालन युक्तियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं पर केंद्रित प्रशिक्षण गतिविधियों की एक श्रृंखला में हिस्सा लिया।
--आईएएनएस
ओपी/पीएम
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