गुजरात के अहमदाबाद जिले के धंधुका में एक मामूली मोटरसाइकिल दुर्घटना ने हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के बाद हुई बहस में रिजवान नाम के आरोपी ने धर्मेश गामरा पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और हिंसक घटनाएं शुरू हो गईं।
पीड़ित परिवार की अपील
मृतक धर्मेश गामरा के भाई गोविंद भाई ने बताया कि उनका भाई गांव गया था जहां यह झगड़ा हुआ। उन्होंने पुलिस की चल रही जांच पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है, साथ ही यह भी कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रिजवान और समीर को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, आगजनी और हिंसा में शामिल 15-20 लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।
आगजनी में उजड़ी एक मेहनतकश की दुनिया
हिंसा के दौरान भीड़ ने कई संपत्तियों को निशाना बनाया, जिसमें बिहार के रहने वाले मोहम्मद साबिर की दुकान भी जलकर राख हो गई। साबिर ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर अपनी पंक्चर की दुकान खोली थी, जिसमें उन्हें करीब 5 से 5.5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। साबिर ने रोते हुए बताया कि वे डर के मारे छिप गए थे और अपनी आंखों के सामने दुकान को जलते हुए देखने के अलावा कुछ नहीं कर पाए। उन्होंने सवाल उठाया कि वे तो यहाँ सिर्फ मेहनत-मजदूरी करने आए थे, फिर उनकी दुकान को क्यों जलाया गया? अब उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
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