चीन ने लेबनान-इजरायल सीजफायर बनाए रखने की अपील की, चीनी दौरे को लेकर ट्रंप ने दिखाया उत्साह
बीजिंग, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। लेबनान और इजरायल के बीच 10 दिनों का सीजफायर हुआ है। लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने कहा कि अब उनका फोकस स्थायी समझौते पर होना चाहिए। इस बीच चीन ने भी इजरायल और लेबनान के बीच इस सीजफायर का स्वागत किया है।
इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन के सीजफायर पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, चीन लड़ाई खत्म करने के लिए सभी कोशिशों का स्वागत करता है। उम्मीद है कि पार्टियां सीजफायर और बातचीत की रफ्तार बनाए रखेंगी और राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से झगड़े सुलझाएंगी, जो जिम्मेदारी का काम है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, राष्ट्रपति शी जिनपिंग बहुत खुश हैं कि होर्मुज स्ट्रेट खुल गया है।
अप्रैल में अमेरिका के राष्ट्रपति चीन के दौरे पर जाने वाले थे। हालांकि, ईरान के साथ भीषण तनाव के बीच ट्रंप का चीन दौरा आगे बढ़ा दिया गया, जो अब मई महीने में होगा। वहीं उन्होंने चीन दौरे को लेकर अपना उत्साह जाहिर किया है।
चीन दौरे को लेकर ट्रंप ने कहा कि चीन में हमारी मीटिंग खास होगी और शायद ऐतिहासिक भी। मैं राष्ट्रपति शी के साथ होने का इंतजार कर रहा हूं, बहुत कुछ हासिल होगा!
मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया जा रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति का चीनी दौरान अब 14 और 15 मई को होगा। ट्रंप ने पहले ईरान को बातचीत की टेबल तक लाने में चीन की भूमिका को माना है। वहीं, ईरान ने अपने दोस्तों चीन और रूस को उनकी भूमिका के लिए धन्यवाद दिया है।
हालांकि, चीन अब तक इस क्षेत्र में सुरक्षा गारंटर के रूप में काम करने की ईरान की अपील पर जवाब देने में हिचकिचा रहा है।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने कहा कि लेबनान एक नए फेज में आ गया है, जो अपने लोगों के अधिकारों, अपने इलाके की एकता और देश की संप्रभुता की सुरक्षा के लिए स्थायी समझौते पर बातचीत करने पर फोकस कर रहा है।
लेबनान के लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति आउन ने कहा कि देश सीजफायर लागू करने की कोशिशों से आगे बढ़कर लंबे समय तक स्थिरता बनाए रखने के बड़े स्टेज की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि पिछले फेज की तरह, ये कोशिशें लेबनान को बचाने में मदद करेंगी।
आउन ने कहा कि बातचीत कमजोरी या पीछे हटने का संकेत नहीं है, बल्कि यह लेबनान के हितों की रक्षा करने और जानमाल के नुकसान को रोकने और विस्थापन को खत्म करने का एक संप्रभु फैसला है।
संघर्ष में हुए भारी नुकसान के बारे में बताते हुए लेबनानी राष्ट्रपति आउन ने कहा कि हजारों लेबनानी मारे गए हैं और वादा किया कि विदेशी हितों या राजनीतिक हिसाब-किताब के लिए और जान नहीं जानी चाहिए। उन्होंने कहा, मैं इन फैसलों की पूरी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हूं।
--आईएएनएस
केके/एएस
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आज रात 8:30 बजे PM मोदी का संबोधन, किन मुद्दों पर हो सकती है बड़ी घोषणा?
Pm Modi address today live updates hindi: आज रात देश की नजरें एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिकी हैं. आज रात ठीक 8:30 बजे वे पूरे देश को संबोधित करने वाले हैं. आज पीएम मोदी क्या बोलेंगे, ये तो उनके लाइव संबोधन पर रात 8:30 बजे ही पता चलेगा. पिछले कुछ हफ्तों में देश और दुनिया में एक साथ कई मोर्चों पर हलचल रही है. ईरान युद्ध, परिसीमन बिल का विवाद, महंगाई की चिंता और बंगाल-तमिलनाडु चुनाव. इन्हीं के बीच PM मोदी का यह संबोधन काफी अहम माना जा रहा है.
PMO की तरफ से इस बारे में पुष्टि हो चुकी है लेकिन अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि इस संबोधन में आखिर बात किस बात पर होगी. ऐसे में देशभर में यह सवाल उठ रहा है कि आज की रात कुछ बड़ा होने वाला है? पीएमओ सूत्रों के अनुसार आज पीएम अपने लाइव संबोधन में कुछ संभावित ऐलान कर सकते हैं. अनुमान है कि वह ईरान युद्ध, परिसीमन बिल क्या है, महिला आरक्षण बिल अपडेट और महंगाई पर बयान दे सकते हैं.
Speaking in the Rajya Sabha. https://t.co/0MhP3145LO
— Narendra Modi (@narendramodi) April 17, 2026
परिसीमन बिल और दक्षिण भारत की चिंता
संसद के विशेष सत्र में तीन बड़े बिल आए परिसीमन बिल, महिला आरक्षण संशोधन और केंद्रशासित प्रदेश कानून संशोधन. परिसीमन बिल में लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर करीब 815 करने का प्रस्ताव है. इस बिल के आने के बाद दक्षिण के राज्यों में डर है कि कम जनसंख्या वृद्धि के बावजूद उनकी सीटें कम हो जाएंगी. इस बारे में PM मोदी ने लोकसभा में कहा है कि किसी राज्य के साथ नाइंसाफी नहीं होगी. लेकिन विपक्ष अब भी संतुष्ट नहीं है. आज के संबोधन में वे देश को सीधे इस बारे में समझाने की कोशिश कर सकते हैं.
ईरान युद्ध और पेट्रोल-गैस का संकट
जानकारी के अनुसार ईरान युद्ध और पेट्रोल-गैस का संकट इस संबोधन की सबसे बड़ी वजह बन सकती है. दरअसल, अभ्ज्ञी होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नाकाबंदी से तेल आपूर्ति पर असर पड़ रहा है और भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से मंगाता है. सरकार पहले ही पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटा चुकी है और LPG की वैकल्पिक सप्लाई के इंतजाम किए जा रहे हैं. आज रात राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूह की बैठक भी होनी है जिसमें पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा होगी. इस लिहाज से मोदी का संबोधन देश को इस संकट से जुड़ी किसी बड़ी घोषणा या राहत पैकेज की जानकारी दे सकता है.
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