Bhoot Bangla Movie | Priyadarshan और Akshay Kumar की कॉमेडी-हॉरर फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज़, जानें कब और किस OTT प्लेटफॉर्म पर देगी दस्तक
'भूत बंगला' किस OTT प्लेटफॉर्म पर आएगी?
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'भूत बंगला' OTT पर कब रिलीज़ होगी?
'भूत बंगला' के बारे में और जानकारी
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'भूत बंगला' का पहले दिन का कलेक्शन
इंपैक्ट फीचर:शिक्षा का Futuristic मॉडल दे रहा है Top Results, MATRIX High School में पढ़ाई के साथ भविष्य की तैयारी
राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र दशकों से अपनी बहादुरी और व्यापारिक सूझबूझ के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस मिट्टी ने देश के नए एजुकेशन हब के रूप में अपनी एक नई पहचान गढ़ी है। कोटा के बाद अगर किसी शहर ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी धाक जमाई है, तो वह सीकर है। गौरतलब है कि इस बदलाव की कहानी केवल ऊंची इमारतों या विज्ञापनों की नहीं है, बल्कि यह कहानी है उन विजनरी युवाओं की जिन्होंने अपनी करोड़ों की कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अपने क्षेत्र की शिक्षा के स्तर को बदलने का संकल्प लिया। आज सीकर की इस सफलता के केंद्र में Matrix High School (MHS) जैसे संस्थान खड़े हैं, जो केवल परीक्षा के परिणाम ही नहीं, बल्कि भविष्योन्मुख शिक्षा देकर एक उज्जवल कल का निर्माण कर रहे है। कॉर्पोरेट की 'चमक-दमक' छोड़ शिक्षा की अलख जगाने लौटे युवा आमतौर पर देखा जाता है कि IIT और IIM जैसे संस्थानों से निकलने वाले युवा विदेशों या बड़े महानगरों में करोड़ों के पैकेज चुनते हैं, लेकिन शेखावाटी में Matrix High School की कहानी इसके ठीक उलट है। यहां की कमान उन विजनरी टीम के हाथों में है, जिन्होंने खुद सफलता के शिखर को छुआ और फिर उसे अपनी माटी के लिए 'रिवर्स माइग्रेशन' की राह चुनी। JEE में सीकर के सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने के बाद अब इस टीम ने स्कूली शिक्षा की ओर रुख किया है, जिसका एकमात्र उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़कर एक वैश्विक मंच देना है। इस विजनरी टीम में कपिल सिंह ढाका (B.Tech IIT Kharagpur, MBA IIM Ahmedabad), अनिल गोरा (IIT Kharagpur), नरेन्द्र कोक (IIT Kharagpur), अनुपम अग्रवाल (IIT Kanpur) और राजेंद्र बुरडक (B.Tech SIST Chennai) के साथ 200 से अधिक एक्सपर्ट मेंटर्स शामिल हैं। रिजल्ट्स में कंसिस्टेंसी ही MHS की पहचान शिक्षा क्षेत्र में भरोसा केवल बातों से नहीं, बल्कि आंकड़ों से आता है। MATRIX High School ने अपनी स्थापना के बाद से हर साल नए बेंचमार्क सेट किए हैं। RBSE 12th Result 2026 की सफलता इसकी ताजा मिसाल है। संस्थान के दो छात्रों ने 98.40% अंक हासिल कर प्रदेश की मेरिट में स्थान बनाया, वहीं 424 से अधिक छात्रों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए। यह परिणाम दर्शाते हैं कि यहां की शैक्षणिक प्रणाली कितनी मजबूत है। बोर्ड परिणामों की इस अटूट निरंतरता को CBSE कक्षा 10 (2026) के शानदार परिणामों ने और भी पुख्ता कर दिया है। इस वर्ष के परिणाम संस्थान की सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं: पिछले वर्षों पर नज़र डालें तो CBSE कक्षा 10 के 2025 के परिणामों में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे, जबकि 2024 में यह संख्या 29 थी। वहीं CBSE कक्षा 12 के 2024 परिणामों में 106 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। बोर्ड ही नहीं, प्रतिभा परीक्षाओं में भी MATRIX का दबदबा कायम है। STSE (State Talent Search Examination) की राजस्थान टॉप-20 सूची में 10 छात्र इसी संस्थान से होना और NMTC में 158 छात्रों का चयन होना, यहां की शैक्षणिक उत्कृष्टता और गुणवत्ता को प्रमाणित करता है। यह उत्कृष्ट प्रदर्शन न केवल बोर्ड परीक्षाओं के लिए बल्कि IOQM, NSEJS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं और JEE, NEET, NDA व CLAT जैसी भविष्य की परीक्षाओं के लिए भी एक ठोस आधार तैयार करता है। अरावली की पहाड़ियों के बीच एक आधुनिक ‘ज्ञान तीर्थ’ सीकर के गोकुलपुरा में स्थित MATRIX High School का नया कैंपस किसी आर्किटेक्चरल मास्टरपीस से कम नहीं है। धूल और शोर से दूर, ऐतिहासिक देवगढ़ किले की तलहटी और अरावली की पहाड़ियों की गोद में बसा यह कैंपस छात्रों को एक शांत वातावरण देता है। कैंपस का कोना-कोना, चाहे वह अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब्स हों या विशाल लाइब्रेरी- छात्रों को 'ब्रीद, लर्न एंड ग्रो' का मंत्र देती है। MATRIX High School की कमान संभाल रहीं प्रिंसिपल राजेश्री सिहाग का शैक्षणिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत द अमेरिकन एम्बेसी स्कूल, नई दिल्ली से की और इसके बाद मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल (अजमेर), पाथवेज वर्ल्ड स्कूल (गुड़गांव) और द इंडियन हाई स्कूल (दुबई) जैसे नामी संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। विशेष रूप से, पिछले सात वर्षों तक द फैबइंडिया स्कूल की प्रिंसिपल के रूप में उन्होंने कई नवाचारी शैक्षणिक पद्धतियों को सफलतापूर्वक लागू किया है। दुबई के हाई-टेक इंटरनेशनल बोर्ड्स और भारत के नामी कॉन्वेंट संस्थानों में लीडरशिप भूमिकाएं निभाने के बाद, वे अब सीकर में शिक्षा की नई जमीन तैयार कर रही हैं। उनके अनुसार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर केवल महानगरों का एकाधिकार नहीं होना चाहिए। राजेश्री शिहाग का विजन स्पष्ट है। वे कहती हैं "अक्सर माना जाता है कि वर्ल्ड-क्लास एक्सपोजर सिर्फ बड़े शहरों के बच्चों को मिलता है, लेकिन हमने उस सोच को बदला है। हमारा लक्ष्य उन इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स को सीकर जैसे अर्ध-शहरी क्षेत्रों के बच्चों तक पहुंचाना है, जो आमतौर पर केवल दुबई या दिल्ली के स्कूलों में दिखते हैं। हम यहां केवल डिग्री बांटने वाले 'एजुकेशन सेंटर' नहीं चला रहे, बल्कि हमारा मिशन आत्मविश्वास से लबरेज ऐसे ग्लोबल सिटीजन तैयार करना है, जो दुनिया के किसी भी मंच पर खड़े होकर अपनी बात मजबूती से रख सकें।" पढ़ाई के साथ खेल और ग्लोबल एक्सपोजर MATRIX High School ने इस धारणा को बदल दिया है कि पढ़ाई और खेल साथ-साथ नहीं चल सकते। यहां 20 से अधिक प्रोफेशनल स्पोर्ट्स कोच की देखरेख में छात्र क्रिकेट, फुटबॉल और एथलेटिक्स जैसे खेलों में अपना हुनर निखार रहे हैं। 'सेंफनी - द फ्यूजन ईव' जैसे सांस्कृतिक आयोजन बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देते हैं। संस्थान की एक और बड़ी विशेषता इसका इंटीग्रेटेड कोचिंग प्रोग्राम है। यहाँ छात्रों को स्कूल फीस में ही NDA, CLAT और CUET जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। इसके साथ ही MATRIX Olympiad के जरिए मेधावी छात्रों को लंदन, पेरिस और सिंगापुर जैसे देशों के Free International Tour जीतने का मौका मिलता है, जो उनके सपनों को वैश्विक पंख देता है। डिजिटल लर्निंग और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर 30 वर्षों का अनुभव रखने वाले 'कट्टा सर' जैसे गणित विशेषज्ञों की टीम और युवा IITians का जोश, यही MATRIX High School की सफलता का असली फॉर्मूला है। यहां छात्रों को विषयवार वीडियो लेक्चर और डिजिटल एनालिसिस के जरिए हर परीक्षा के लिए तैयार किया जाता है। MATRIX के ऐसे वरिष्ठ शिक्षक हर सब्जेट के जटिल सिद्धांतों को सरल बनाते हैं, बल्कि वे छात्रों के लिए एक 'मेंटॉर' और 'गाइड' की भूमिका भी निभाते हैं। उनका दशकों का अनुभव यह समझने में मदद करता है कि परीक्षा में किस तरह के बदलाव आ रहे हैं और छात्रों की मनोवैज्ञानिक जरूरतें क्या हैं। डिजिटल लर्निंग और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पढ़ाई को बोझ से मुक्त करने के लिए यहां Video Lectures, Video Solutions और Online Testing Platform की सुविधा है। 200 से अधिक कंप्यूटर सिस्टम्स वाली लैब और एयर-कूल्ड लग्जरी हॉस्टल्स यह सुनिश्चित करते हैं कि छात्र का पूरा ध्यान केवल अपने लक्ष्य पर रहे। रट्टा नहीं, 'मल्टीपल इंटेलिजेंस' से निखरता है भविष्य सीकर के शैक्षणिक गलियारों में मैट्रिक्स हाई स्कूल ने अपनी एक अलग पहचान सिर्फ परिणामों से ही नहीं, बल्कि अपने अनूठे MIT (Multiple Intelligence Theory) मॉडल से भी बनाई है। जहां अधिकांश स्कूल केवल 'रट्टा मार' पढ़ाई (Rote Learning) पर जोर देते हैं, वहीं मैट्रिक्स छात्र की व्यक्तिगत क्षमता और उसकी स्वाभाविक प्रतिभा को पहचानने पर ध्यान केंद्रित करता है। क्या है मैट्रिक्स का MIT मॉडल? संस्थान का मानना है कि हर बच्चा एक जैसा नहीं होता। इसी सोच के साथ यहां 'मल्टीपल इंटेलिजेंस थ्योरी' को लागू किया गया है। यह मॉडल छात्र के समग्र विकास के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें हर छात्र की सीखने की गति के अनुसार शिक्षण, कोडिंग, रोबोटिक्स और आर्ट्स जैसे विषयों के जरिए प्रैक्टिकल ज्ञान और डिबेट, क्रिएटिव वर्कशॉप्स के जरिए छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार करना। हॉस्टल नहीं, 'Home Away from Home' मैट्रिक्स का रेजिडेंशियल कैंपस आज उन अभिभावकों के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरा है, जो अपने बच्चों की सुरक्षा और सुख-सुविधाओं को लेकर बेहद संजीदा रहते हैं। यहां के हॉस्टल्स को केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि लक्जरियस और स्पेशियस तर्ज पर एक आधुनिक निवास के रूप में विकसित किया गया है, जो छात्रों को 'Home Away from Home' का अहसास कराता है। इस वर्ल्ड-क्लास कैंपस की सुविधाओं की बात करें तो यहां का टॉप-क्लास कैफेटेरिया स्वच्छता के उच्चतम मानकों के साथ घर जैसा पौष्टिक और ताज़ा भोजन सुनिश्चित करता है। साथ ही, विद्यार्थियों के शारीरिक विकास के लिए यहां एक ह्यूमंगस प्लेग्राउंड, विभिन्न खेलों के लिए फुल-साइज कोट्स और एक अत्याधुनिक जिमनेजियम उपलब्ध है, जहां खेल केवल मनोरंजन नहीं बल्कि अनुशासन सीखने का माध्यम बन चुके हैं। सुरक्षा के नजरिए से भी संस्थान ने अभेद्य कवच तैयार किया है, जहां 24/7 सीसीटीवी निगरानी और मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बीच हर छात्र खुद को पूरी तरह सुरक्षित और तनावमुक्त महसूस करता है। सीकर के गोकुलपुरा में स्थित MATRIX High School आज शेखावाटी के सुनहरे भविष्य की इबारत लिख रहा है। यदि आप भी अपने बच्चे को एक ऐसी शिक्षा देना चाहते हैं जहां अनुशासन, परिणाम और सर्वांगीण विकास का संगम हो, तो MATRIX एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रहा है।
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