इस अनोखे मंदिर में विराजे हैं मूंछों वाले श्रीराम, जहां तैरता है पत्थर और दूर होता है कर्ज का संकट
Hyderabad Moustache Ram Temple: हैदराबाद का संगम श्री रामचंद्रजी मठ अपनी अनोखी मान्यताओं और चमत्कारों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है. लंगर हौज बापू घाट के पास स्थित इस प्राचीन मंदिर में एक ऐसा पत्थर रखा है जो पानी में तैरता है और श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है. मान्यता है कि यह पत्थर रामसेतु से जुड़ा प्रतीक है. मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहाँ भगवान श्रीराम मूंछों वाले स्वरूप में विराजमान हैं, जिसे देखने दूर-दूर से भक्त आते हैं. कहा जाता है कि प्रभु राम ने भक्त रामदास की रक्षा के लिए सैनिक रूप धारण किया था, उसी स्मृति में यह स्वरूप पूजित है. यह स्थान कर्ज मुक्ति मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि शुक्रवार और शनिवार को 21 परिक्रमा करने से आर्थिक संकट और कर्ज से राहत मिलती है.
'हरि कृपा बनी रहे… हरि यहां भी हैं और वहां भी हैं!' हरिवंश जी की तीसरी जीत पर क्या बोले PM मोदी?
PM Modi Speech: राज्यसभा में आज माहौल थोड़ा अलग था सिर्फ औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि सम्मान, अनुभव और भावनाओं का एक खास मिश्रण देखने को मिला. मौका था हरिवंश जी के लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने जाने का. पीएम मोदी ने शुरुआत ही बधाई और शुभकामनाओं से की, लेकिन जैसे-जैसे भाषण आगे बढ़ा, उसमें एक गहराई साफ नजर आई. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ एक पद पर दोबारा चुना जाना नहीं है, बल्कि ये पूरे सदन का हरिवंश जी पर गहरा भरोसा है. उनके मुताबिक, ये 'अनुभव का सम्मान' है और उनकी सहज कार्यशैली की स्वीकृति भी. मोदी ने खास तौर पर हरिवंश जी की कार्यशैली का जिक्र किया कैसे वे सदन को साथ लेकर चलते हैं, कैसे हर सदस्य को सुनने की कोशिश करते हैं, और कैसे उनका अनुभव सदन के माहौल को और परिपक्व बनाता है. उन्होंने ये भी कहा कि हरिवंश जी सिर्फ कार्यवाही चलाने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि अपने पत्रकारिता के लंबे अनुभव का इस्तेमाल करके सदन को समृद्ध करते हैं. भाषण में एक दिलचस्प बात तब आई जब पीएम ने हरिवंश जी के पत्रकारिता के दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि वे खुद उनके लेख पढ़ते थे और हमेशा महसूस करते थे कि उनकी बातों में गहराई और अध्ययन झलकता है. साथ ही, उनकी भाषा में दृढ़ता के साथ-साथ सौम्यता भी रहती है जो आज भी उनके व्यवहार में दिखाई देती है. भाषण के आखिर में मोदी का अंदाज़ थोड़ा हल्का-फुल्का भी हो गया, जब उन्होंने कहा 'हरि कृपा बनी रहे… हरि यहां भी हैं और वहां भी हैं. ' इस लाइन ने पूरे सदन में मुस्कान ला दी.
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