राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और ऑस्ट्रियाई चांसलर स्टॉकर की मुलाकात, भारत-ऑस्ट्रिया सहयोग पर हुई चर्चा
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। ऑस्ट्रिया के संघीय चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस दौरान भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को और मजबूत करने तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
राष्ट्रपति के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में साझा जानकारी के अनुसार, ऑस्ट्रिया के संघीय चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्थाएं हैं और विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि यह यात्रा भारत और ऑस्ट्रिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सभी महत्वपूर्ण आयामों को गति प्रदान करेगी।
चार दिवसीय दौरे पर भारत आए ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ मुलाकात के बाद अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और आतिथ्य के लिए धन्यवाद किया।
क्रिश्चियन स्टॉकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान मैंने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और एक मजबूत यूरोपीय साझेदार के तौर पर ऑस्ट्रिया और भारत के बीच कई अहम रणनीतिक हित साझा हैं। हम मिलकर एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित विश्व व्यवस्था के पक्ष में खड़े हैं, न कि ऐसी दुनिया के, जहां जिसकी लाठी, उसकी भैंस वाला नियम चलता हो। आपके आत्मीय आतिथ्य के लिए धन्यवाद।
इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच लोकतंत्र और कानून के शासन जैसे साझा मूल्यों पर आधारित घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि 2024 में भारत और ऑस्ट्रिया के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा ने हमारे संबंधों को एक नई दिशा दी, जिससे नवाचार, नवीकरणीय और स्वच्छ ऊर्जा, हाइड्रोजन, जल और अपशिष्ट प्रबंधन और एआई जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार हुआ।
राष्ट्रपति ने कहा कि यह यात्रा भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के संपन्न होने के तुरंत बाद हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे भारत-ऑस्ट्रिया के बढ़ते व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रियाई कंपनियों के पास भारत में व्यापार और निवेश का विस्तार करने के व्यापक अवसर हैं, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा और एआई जैसे उभरते क्षेत्रों में। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया दोनों ही ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्थाएं हैं और विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के पास दुनिया के सबसे बड़े स्टार्ट-अप इकोसिस्टम में से एक है। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि 2024 में शुरू किया गया भारत-ऑस्ट्रिया स्टार्ट-अप ब्रिज इस क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत कर रहा है।
दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि यह यात्रा भारत और ऑस्ट्रिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सभी महत्वपूर्ण आयामों को गति प्रदान करेगी।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
चीनी राष्ट्रीय फिल्म कार्य बैठक निंगपो में आयोजित
बीजिंग, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। वर्ष 2026 चीनी राष्ट्रीय फिल्म कार्य बैठक 15 से 16 अप्रैल तक पूर्वी चीन के चच्यांग प्रांत के निंगपो शहर में आयोजित हुई। इस बैठक में इस साल के फिल्म कार्य का सार किया गया, नई स्थिति का अध्ययन किया गया और अगले चरण में महत्वपूर्ण कार्यों का बंदोबस्त किया गया।
इसमें सीपीसी केंद्रीय कमेटी के प्रचार विभाग के उप मंत्री और सीएमजी अध्यक्ष शन हाईशुंग ने भाग लिया और भाषण दिया।
इस बैठक में कहा गया कि चीनी फिल्म की रचनाओं की गुणवत्ता स्थिरता से उन्नत हो रही है, व्यावसायिक ढांचे का समायोजन हो रहा है और बाजार का लचीलापन मजबूत हो रहा है।
इस बैठक में बल दिया गया कि फिल्म जनता की कला है। हमें सेवा उद्योग की क्षमता और गुणवत्ता की मजबूती का अवसर पकड़कर लोगों की व्यक्तिगत, विविध और गुणवत्तापूर्ण मांग के अनुसार निरंतर अच्छी फिल्म प्रदान करना और फिल्म उद्योग के गुणवत्ता विकास से जनता के सुखमय जीवन को शोभा देना और 15वीं पंचवर्षीय योजना में फिल्म कार्य की अच्छी शुरुआत को सुनिश्चित करना चाहिए।
इस बैठक में मांग की गई कि हमें सृष्टि करने की प्रारंभिक आकांक्षा का पालन कर उत्कृष्ट रचनाएं तैयार करने और श्रेष्ठ फिल्मों की सप्लाई की क्षमता उन्नत करनी चाहिए। हमें बाजार व्यवस्था संपूर्ण बनाकर फिल्म व्यवसाय की सृजन शक्ति प्रेरित कर, विज्ञान व तकनीक से सशक्तीकरण कर फिल्म की नई किस्म वाली उत्पादक शक्ति के विकास में तेजी लानी चाहिए। इसके अलावा हमें आदान-प्रदान व सहयोग गहराकर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दो बाजारों के दोहरे इंजनों के संचालन की स्थिति तैयार करनी चाहिए।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
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