India’s Got Latent 2 के लिए ऑडियंस रजिस्ट्रेशन ओपन, जानें इस बार क्या होगा खास
India’s Got Latent के दूसरे सीजन को समय रैना ने अनाउंस कर दिया है. जानिए शो कब आएगा और क्या होगा इस बार नया.
The post India’s Got Latent 2 के लिए ऑडियंस रजिस्ट्रेशन ओपन, जानें इस बार क्या होगा खास appeared first on Prabhat Khabar.
ईरान के पास सुनहरा भविष्य चुनने का मौका, नादानी की तो सब खत्म हो जाएगा: अमेरिकी युद्ध सचिव
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी युद्ध सचिव हेगसेथ ने गुरुवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में कड़ा संदेश देते हुए ईरानी नेतृत्व को चेतावनी दी। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच उन्होंने कहा कि ईरान के पास एक समृद्ध भविष्य चुनने का अवसर है, लेकिन गलत निर्णय लेने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका के युद्ध सचिव हेगसेथ ने ईरानी नेतृत्व को एक संदेश में कहा कि ईरान एक समृद्ध भविष्य और एक सुनहरा पुल चुन सकता है। जैसा कि हमारे वार्ताकारों ने कहा कि हमें उम्मीद है कि आप ईरान की जनता के लिए ऐसा ही करेंगे। इस बीच और जब तक भी जरूरी होगा, हम इस सफल नाकेबंदी को जारी रखेंगे। अगर ईरान कोई गलत विकल्प चुनता है तो उसे नाकेबंदी के साथ-साथ अपने बुनियादी ढांचे, बिजली और ऊर्जा संयंत्रों पर बमबारी का भी सामना करना पड़ेगा।
अमेरिकी युद्ध सचिव हेगसेथ की यह प्रेस ब्रीफिंग ईरान के उस बयान के बाद हुई है, जिसमें ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने अपने न्यूक्लियर संवर्धन अधिकारों से कोई समझौता न करने की बात कही थी।
तेहरान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बाघेई ने पश्चिमी मीडिया में ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को लेकर फैल रही अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ईरान के वैध अधिकार पर कोई समझौता नहीं होगा।
सरकारी मीडिया ने गुरुवार को बताया कि न्यूक्लियर एनर्जी पर उसका अधिकार अंतरराष्ट्रीय कानून और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर आधारित है।
बाघेई ने कहा कि शांतिपूर्ण परमाणु संवर्धन का अधिकार किसी बाहरी शक्ति की कृपा या रियायत नहीं है, जिसे दबाव या संघर्ष के समय वापस लिया जा सके। जब तक ईरान एनपीटी का सदस्य है, उसे इस संधि के सभी प्रावधानों का पूरा लाभ मिलना चाहिए। पाकिस्तान में हाल ही में हुई ईरान-अमेरिका वार्ता को लेकर संवर्धन से जुड़ी चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए बाघेई ने कहा कि किसी भी संभावित समझौते के लिए पहले एक व्यापक ढांचा तय होना जरूरी है। जब तक बुनियादी शर्तें तय नहीं होतीं तब तक युद्ध और शांति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तृत बातचीत जल्दबाजी होगी।
उन्होंने कहा कि ईरान ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र का संरक्षक रहा है और पिछले 40 दिनों में जो भी व्यवधान हुए हैं, वे अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संघर्ष का परिणाम हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बाहरी हस्तक्षेप से क्षेत्रीय स्थिति और जटिल हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ यूरोपीय देश अमेरिकी और इजरायल की रणनीति के जाल में नहीं फंसे हैं, यह सकारात्मक संकेत है।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation




















