आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण पर प्रहार, पोषण सुधा योजना से मां और बच्चे की सेहत होगी दुरुस्त
गुजरात सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने राज्य के आदिवासी जिलों में रहने वाली महिलाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है. 'पोषण सुधा' नाम की इस योजना को खास तौर पर उन गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं (धात्री माता) के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें सही पोषण की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. आदिवासी इलाकों में अक्सर पोषण की कमी के कारण महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. इसी समस्या को दूर करने के लिए इस योजना के जरिए महिलाओं को सीधे सहायता पहुंचाई जा रही है.
योजना के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके तहत रजिस्टर्ड महिलाओं को हर दिन एक वक्त का पूरा और पौष्टिक भोजन दिया जाता है. इसके अलावा, महिलाओं में खून की कमी और हड्डियों की कमजोरी को दूर करने के लिए आयरन और कैल्शियम के सप्लीमेंट्स भी मुहैया कराए जाते हैं. योजना सिर्फ भोजन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्वास्थ्य शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है. महिलाओं को अवेयरनेस सेशन के जरिए यह सिखाया जाता है कि वे अपनी और अपने बच्चे की सेहत का ख्याल कैसे रखें और पोषण का महत्व क्या है.
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ
पोषण सुधा योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें रखी गई हैं. सबसे पहले, आवेदक महिला को गुजरात का निवासी होना अनिवार्य है. इसके साथ ही, वह महिला गुजरात के किसी भी आदिवासी जिले की रहने वाली होनी चाहिए. इस योजना का फायदा उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो गर्भवती हैं या फिर अपने बच्चे को स्तनपान करा रही हैं. सबसे जरूरी शर्त यह है कि महिला का नाम उसके इलाके के स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र में रजिस्टर्ड होना चाहिए, तभी वह इस सरकारी सहायता की पात्र मानी जाएगी.
आवेदन करने का आसान तरीका
इस योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है और बहुत ही आसान है. सबसे पहले योग्य महिला को अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाना होगा. वहां जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. रजिस्ट्रेशन के दौरान कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे और प्रक्रिया पूरी होते ही महिला को तय दिनों पर मिलने वाले लाभ मिलने शुरू हो जाएंगे. यह सरकार की एक ऐसी कोशिश है जिससे जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है.
जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया
आवेदन के वक्त महिलाओं को अपनी पहचान साबित करने के लिए आईडी प्रूफ (जैसे पहचान पत्र) और निवास प्रमाण पत्र की जरूरत होगी. इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को अपनी गर्भावस्था का मेडिकल सर्टिफिकेट भी जमा करना होगा. अगर विभाग द्वारा किसी अन्य दस्तावेज की मांग की जाती है, तो वह भी उपलब्ध कराना होगा. इन दस्तावेजों की जांच के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लाभार्थी को योजना से जोड़ देते हैं. इस पहल से न केवल माताओं की सेहत सुधरेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी भी कुपोषण से मुक्त और सेहतमंद होगी.
ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी सख्त, अमेरिकी सेना बड़े सैन्य अभियान के लिए तैयार: जनरल डैन केन
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त राज्य अमेरिका की ऑपरेशन एपिक फ्यूरी पर आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में द जॉइंट स्टाफ, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना किसी भी समय बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने ईरान के बंदरगाहों और तटरेखा पर लागू की गई नाकाबंदी को लेकर भी सख्त रुख की बात दोहराई।
जनरल डैन केन ने कहा, मैं इस विराम के दौरान इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि संयुक्त राज्य अमेरिका की संयुक्त सेना पूरी तरह से तैयार है और सचमुच एक पल के नोटिस पर ही बड़े युद्धक अभियान फिर से शुरू करने के लिए तत्पर हैं।
चेयरमैन जनरल डैन केन कहा, मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि यह नाकाबंदी उन सभी जहाजों पर लागू होती है, चाहे वे किसी भी देश के हों, जो ईरानी बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं। अमेरिका की यह कार्रवाई ईरान के बंदरगाहों और तटरेखा की नाकाबंदी है, न कि होर्मुज स्ट्रेट की। इसे ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में लागू किया जाएगा।
उन्होंने ईरान की नाकेबंदी लागू करने वाली वीर सेनाओं के बारे में कहा, हमारे नाविक लगातार निगरानी रखते हैं और जहाज को बहुत सावधानी और रणनीति के साथ हमेशा भीड़भाड़ वाले समुद्री रास्तों से चलाते हैं। यह ऐसा है जैसे किसी बहुत व्यस्त दिन (जब लोगों को वेतन मिला हो) सुपरमार्केट की पार्किंग में, जहां बहुत सारे लोग और बच्चे हों, वहां एक स्पोर्ट्स कार चलाना।
वहीं, ब्रीफिंग में यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कपूर ने कहा, हमने अपने सहयोगी देशों के सैनिकों के साथ अमेरिका के विशेष रूप से प्रशिक्षित हवाई रक्षा सैनिकों को तैनात किया है।
दूसरी ओर, ईरान पहले ही कहा चुका है कि अगर अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी करने का फैसला करता है तो हम अमेरिकी जहाजों को डुबो देंगे।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई का कहना है कि ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट के लिए पुलिस बनना चाहते हैं। मोहसेन रेजाई ने कहा, मैं युद्धविराम को बढ़ाने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हूं, और यह मेरा व्यक्तिगत विचार है।
बता दें कि अमेरिकी नौसेना के जहाज ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे हैं।
रेजाई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि आपके ये जहाज हमारी पहली मिसाइलों से डूब जाएंगे। ये निश्चित रूप से हमारी मिसाइलों की चपेट में आ सकते हैं और हम इन्हें नष्ट कर सकते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अगर संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान पर जमीनी आक्रमण शुरू करता है तो यह और अच्छा होगा, क्योंकि हम हजारों अमेरिकी सैनिकों को पकड़ लेंगे और फिर प्रत्येक बंधक के बदले हमें एक अरब डॉलर मिलेंगे।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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