ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी सख्त, अमेरिकी सेना बड़े सैन्य अभियान के लिए तैयार: जनरल डैन केन
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त राज्य अमेरिका की ऑपरेशन एपिक फ्यूरी पर आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में द जॉइंट स्टाफ, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना किसी भी समय बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने ईरान के बंदरगाहों और तटरेखा पर लागू की गई नाकाबंदी को लेकर भी सख्त रुख की बात दोहराई।
जनरल डैन केन ने कहा, मैं इस विराम के दौरान इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि संयुक्त राज्य अमेरिका की संयुक्त सेना पूरी तरह से तैयार है और सचमुच एक पल के नोटिस पर ही बड़े युद्धक अभियान फिर से शुरू करने के लिए तत्पर हैं।
चेयरमैन जनरल डैन केन कहा, मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि यह नाकाबंदी उन सभी जहाजों पर लागू होती है, चाहे वे किसी भी देश के हों, जो ईरानी बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं। अमेरिका की यह कार्रवाई ईरान के बंदरगाहों और तटरेखा की नाकाबंदी है, न कि होर्मुज स्ट्रेट की। इसे ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में लागू किया जाएगा।
उन्होंने ईरान की नाकेबंदी लागू करने वाली वीर सेनाओं के बारे में कहा, हमारे नाविक लगातार निगरानी रखते हैं और जहाज को बहुत सावधानी और रणनीति के साथ हमेशा भीड़भाड़ वाले समुद्री रास्तों से चलाते हैं। यह ऐसा है जैसे किसी बहुत व्यस्त दिन (जब लोगों को वेतन मिला हो) सुपरमार्केट की पार्किंग में, जहां बहुत सारे लोग और बच्चे हों, वहां एक स्पोर्ट्स कार चलाना।
वहीं, ब्रीफिंग में यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कपूर ने कहा, हमने अपने सहयोगी देशों के सैनिकों के साथ अमेरिका के विशेष रूप से प्रशिक्षित हवाई रक्षा सैनिकों को तैनात किया है।
दूसरी ओर, ईरान पहले ही कहा चुका है कि अगर अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी करने का फैसला करता है तो हम अमेरिकी जहाजों को डुबो देंगे।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई का कहना है कि ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट के लिए पुलिस बनना चाहते हैं। मोहसेन रेजाई ने कहा, मैं युद्धविराम को बढ़ाने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हूं, और यह मेरा व्यक्तिगत विचार है।
बता दें कि अमेरिकी नौसेना के जहाज ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे हैं।
रेजाई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि आपके ये जहाज हमारी पहली मिसाइलों से डूब जाएंगे। ये निश्चित रूप से हमारी मिसाइलों की चपेट में आ सकते हैं और हम इन्हें नष्ट कर सकते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अगर संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान पर जमीनी आक्रमण शुरू करता है तो यह और अच्छा होगा, क्योंकि हम हजारों अमेरिकी सैनिकों को पकड़ लेंगे और फिर प्रत्येक बंधक के बदले हमें एक अरब डॉलर मिलेंगे।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
प्रधानमंत्री मोदी को 'मित्र' मैक्रों ने किया फोन, पश्चिम एशिया के हालात और होमुर्ज पर की बात
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फोन किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी दी। बातचीत का अहम मुद्दा होर्मुज की सुरक्षा और नेविगेशन की आजादी था।
पीएम मोदी ने लिखा, मेरे प्यारे मित्र राष्ट्रपति मैक्रों का फोन आया। हमने पश्चिम एशिया के हालात पर बात की और होर्मुज स्ट्रेट में तुरंत सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही बहाल करने की जरूरत पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री के अनुसार तनाव पूर्ण क्षेत्र में शांति और स्थिरता के साथ दोनों मिलकर आगे बढ़ने को तत्पर हैं।
पश्चिम एशिया संकट के बीच दूसरी बार पीएम मोदी से राष्ट्रपति मैक्रों ने फोन पर बात की। इससे पहले 19 मार्च को भी दोनों में बातचीत हुई थी। इस दौरान दोनों ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और बढ़ते तनाव पर चिंता जाहिर की थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि मौजूदा हालात में तनाव कम करने के लिए तुरंत संवाद और कूटनीति की जरूरत है। भरोसा दिलाया था कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए भारत और फ्रांस मिलकर काम करेंगे।
इसके बाद पीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा, मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति पर बातचीत हुई। हमने तनाव कम करने की जरूरत और संवाद व कूटनीति की ओर लौटने पर जोर दिया। क्षेत्र और उससे आगे शांति और स्थिरता के लिए हम तालमेल जारी रखेंगे।
ईरान-यूएस के बीच अस्थाई संघर्ष की घोषणा होने के बाद पहली बार दोनों ने फोन पर बात की।
14 अप्रैल को ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पीएम मोदी को फोन किया था। इस दौरान दोनों के बीच 40 मिनट तक बात हुई थी। प्रधानमंत्री ने बताया था कि हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर भी जोर दिया।
--आईएएनएस
केआर/
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