Video: लिखो और उगाओ! रद्दी से बनी पेन-पेंसिल उगाएगी टमाटर-मिर्च, ऋषभ के स्टार्टअप की देश में धूम
Success Story: अक्सर इस्तेमाल के बाद हम पेन और पेंसिल को कचरा समझकर फेंक देते हैं, लेकिन पटना के एक युवा उद्यमी ने इस कचरे को हरियाली में बदल दिया है. ऋषभ और उनकी कंपनी ओरिजिंस ट्राइब ने ऐसी ईको-फ्रेंडली पेन-पेंसिल तैयार की है. जिसे इस्तेमाल के बाद मिट्टी में दबाने पर सब्जियां और फूल उगते हैं. इन पेन और पेंसिल के पिछले हिस्से में टमाटर, मिर्च, धनिया और फूलों के बीज लगे होते हैं. चूंकि ये रद्दी कागज को रिसाइकिल करके बनाई गई हैं, इसलिए मिट्टी में जाते ही कागज गल जाता है. बीज अंकुरित होकर पौधा बन जाते हैं. मात्र 10 से 15 रुपये की कीमत वाली यह कलम प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ एक बड़ा हथियार साबित हो रही है. तीन साल पहले शुरू हुआ यह स्टार्टअप आज सफलता की ऊंचाइयों पर है. कंपनी सिर्फ पेन ही नहीं, बल्कि बांस की बोतलें, नीम की कंघी और टूथब्रश जैसे उत्पाद भी बना रही है. बिहार सरकार के विभागों से लेकर देशभर के कॉरपोरेट जगत तक इनके उत्पादों की भारी मांग है. आज ऋषभ की यह कंपनी डेढ़ करोड़ रुपये का सालाना टर्नओवर कर रही है.
गर्मी में देसी स्वाद: अजमेर के बाजारों में कैरी और कैर-सांगरी अचार की जबरदस्त मांग, दिल्ली तक हो रही सप्लाई
Ajmer Hindi News: गर्मी के मौसम में देसी अचारों की मांग तेजी से बढ़ गई है, खासकर अजमेर के बाजारों में इसका खास असर देखने को मिल रहा है. यहां कैरी (कच्चे आम), मिर्च और कैर-सांगरी के अचार की जबरदस्त बिक्री हो रही है. पारंपरिक स्वाद और लंबे समय तक सुरक्षित रहने की वजह से लोग इन अचारों को काफी पसंद कर रहे हैं. स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, इस बार मांग इतनी अधिक है कि अचार की सप्लाई दिल्ली तक की जा रही है. खासतौर पर घर में बने शुद्ध और मसालेदार अचारों की डिमांड ज्यादा है. यह न केवल स्थानीय कारोबार को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि पारंपरिक खाद्य संस्कृति को भी जीवित रख रहा है. गर्मी में खाने के साथ अचार का स्वाद लोगों को आकर्षित कर रहा है, जिससे इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है.
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