Farooq Abdullah ने Jammu Kashmir का राज्य दर्जा मांगा; केंद्र से रिश्तों में बदलाव का आह्वान
श्रीनगर, आठ अगस्त नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को केंद्र से जम्मू-कश्मीर के साथ अपने संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक सिद्धांतों और संवैधानिक गारंटी पर आधारित होना चाहिए। अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करना इस दिशा में पहला और जरूरी कदम होना चाहिए।
उन्होंने नयी दिल्ली और श्रीनगर के बीच संबंधों में ‘‘निर्णायक बदलाव’’ की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा सरकार के पास जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा कर एक ऐतिहासिक कदम उठाने का अवसर है, जिससे विश्वास बहाली, मेल-मिलाप और भरोसे के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सके। राज्य का दर्जा बहाल करना अधिकारों की बहाली, न्याय, सम्मान और आपसी आदर की व्यापक प्रक्रिया की शुरुआत होनी चाहिए।
जम्मू-कश्मीर के लोग इससे कम कुछ भी पाने के हकदार नहीं हैं।’’ अब्दुल्ला ने नौ अगस्त, 1953 की घटनाओं को, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की असंवैधानिक गिरफ्तारी और पद से हटाए जाने को जम्मू-कश्मीर के इतिहास का काला दिन बताया। नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने कहा कि एक कार्यरत प्रधानमंत्री की अवैध और असंवैधानिक गिरफ्तारी ने जम्मू-कश्मीर के लोगों की सामूहिक चेतना पर गहरा और स्थायी घाव छोड़ा। अब्दुल्ला ने दावा किया, ‘‘1953 के राजनीतिक तख्तापलट ने जम्मू-कश्मीर को दिए गए लोकतांत्रिक और संवैधानिक आश्वासनों पर लोगों का भरोसा तोड़ दिया और श्रीनगर तथा नयी दिल्ली के बीच गहरे अविश्वास की नींव रख दी।
वह घाव आज भी नहीं भरा है।
Dharmendra Pradhan बोले: NEET विरोध के दौरान Gen Z को गुमराह करने की कोशिश हुई
भुवनेश्वर, आठ अगस्त वरिष्ठ भाजपा नेता और संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान ‘जेन जी’ को ‘‘गुमराह’’ करने की कोशिशें की गईं, जिसके बाद उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधान ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच पद छोड़ने के दो सप्ताह बाद, यहां जीएम विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए अपने इस्तीफे पर पहली बार प्रतिक्रिया दी। प्रधान ने कहा, ‘‘जेन जी हमारे बच्चे हैं।
कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं। पिछले 10 वर्षों में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं।
उनकी अपनी आकांक्षाएं हैं और वे भारत को विश्व गुरु बनाएंगे। मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था।’’ धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
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