Prayagraj में Rahul Gandhi के संवाद कार्यक्रम के बाद छात्रों ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया
प्रयागराज, आठ अगस्त लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हजारों की संख्या में छात्र शामिल हुए और कार्यक्रम संपन्न होने पर उनकी मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी कर नेट परीक्षा की तैयारी कर रहे हिमांशु त्रिपाठी ने कहा, “राहुल ने विद्यार्थियों के मुद्दे बहुत जबरदस्त ढंग से उठाए लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं कि वह सत्ता में आने के बाद इनका समाधान करेंगे।” वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही रश्मि यादव ने कहा कि वह राहुल गांधी के विचार इसलिए सुनने आई थीं कि उनका विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर क्या दृष्टिकोण है। उन्होंने कहा, “सभी राजनेता मंच से बात तो बड़ी बड़ी करते हैं लेकिन सरकार में आने के बाद उनकी प्राथमिकताएं बदल जाती हैं।” कार्यक्रम में छोटा बघाड़ा से आए राकेश मौर्य ने कहा, “राहुल ने अपनी बातों से सभी का दिल जीत लिया।
वास्तव में गरीब घर के बच्चे कितनी दिक्कतों से पढ़ाई पूरी करते हैं, लेकिन नौकरी मिलने का इंतजार ही करते रहते हैं।” काशी हिंदू विश्वविद्यालय से प्रयागराज आए शशि प्रकाश ने कहा, “राहुल गांधी ने आज के युवाओं की नब्ज पकड़ ली है। वह यह अच्छी तरह से समझते हैं कि आज का युवा किन समस्याओं से जूझ रहा है। जंतर मंतर की घटना के बाद राहुल के प्रति लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं।” राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान जहां मंच पर कई छात्र छात्राओं से उनकी समस्याएं पूछीं, वहीं मंच से दूर बैठे कई विद्यार्थियों से भी संवाद किया।
केपी ग्राउंड में कई जगह कीचड़ और पानी भरे होने के बावजूद भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
West Bengal सरकार 325 लोगों को देगी Emergency सम्मान, सीएम करेंगे शुरुआत
कोलकाता, आठ अगस्त पश्चिम बंगाल सरकार रविवार को उन 325 लोगों को पहली बार ‘पश्चिमबंग लोकतंत्र सेनानी सम्मान’ प्रदान करेगी, जिन्हें 1975 में आपातकाल के दौरान विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के कारण जेल भेजा गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। भारत में 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक आपातकाल लागू रहा।
21 महीने की इस अवधि में मीडिया पर प्रतिबंध, विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारियां, नागरिक स्वतंत्रताओं पर अंकुश और प्रशासनिक शक्तियों के अधिक केंद्रीकरण जैसी घटनाएं हुईं। ये मुद्दे आज भी राजनीतिक बहस का विषय बने हुए हैं। जहां केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाती है, वहीं कई राज्य, खासकर भाजपा शासित, आपातकाल के दौरान जेल भेजे गए लोगों को पुरस्कार और पेंशन देकर सम्मानित करते हैं।
इस साल विधानसभा चुनाव में भाजपा पहली बार पश्चिम बंगाल में सत्ता में आई है। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी नौ अगस्त को राज्य सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में ‘पश्चिमबंग लोकतंत्र सेनानी सम्मान’ प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि सम्मान पाने वालों में लगभग सभी जिलों के वे लोग शामिल हैं, जिन्हें आपातकाल के दौरान आंदोलनों में भाग लेने के कारण जेल में रखा गया था।
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