ताशकंद में नीना मल्होत्रा, सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों को सुदृढ़ बनाने पर जोर
ताशकंद, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। उज्बेकिस्तान की अपनी यात्रा के दौरान, सचिव (दक्षिण) ने ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज (टीएसयूओएस) स्थित महात्मा गांधी सेंटर फॉर इंडोलॉजी का भी दौरा किया। उन्होंने इंडोलॉजिस्ट्स और छात्रों के साथ बातचीत की, और सांस्कृतिक-शैक्षिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए सहयोग के विभिन्न अवसरों पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। बताया कि नीना मल्होत्रा ने टीएसयूओएस में आयोजित “एम्पावरिंग वीमेन इन द ग्लोबल साउथ – पाथवेज टू सस्टेनेबल डेवलपमेंट” (ग्लोबल साउथ में महिलाओं का सशक्तिकरण - सतत विकास के मार्ग) विषयक सम्मेलन में मुख्य वक्तव्य दिया।
उन्होंने अपने संबोधन में वैश्विक दक्षिण के देशों में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि समावेशी विकास और सतत प्रगति के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर सचिव (दक्षिण) ने महात्मा गांधी इंडोलॉजी केंद्र का भी दौरा किया। यहां उन्होंने इंडोलॉजिस्ट्स और छात्रों के साथ संवाद किया, जिसमें हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष चर्चा हुई।
टीएसयूओएस के आधिकारिक वेबसाइट में इसका उल्लेख किया गया है। उज्बेकिस्तान में भारत की राजदूत स्मिता पंत भी उनके साथ थीं। यहां उज्बेकिस्तान और भारत के साहित्य में महिलाएं शीर्षक से एक गोलमेज चर्चा आयोजित की गई, इसमें संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
गोलमेज चर्चा के दौरान, पंत और डॉ. नीना मल्होत्रा ने भारत और उज्बेक समाज में महिलाओं की भूमिका और विज्ञान और संस्कृति के विकास में उनके अमूल्य योगदान पर चर्चा की। विशेष रूप से, उन्होंने इंडोलॉजी (भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास, संस्कृति, भाषाओं, साहित्य और दर्शन का अकादमिक अध्ययन) को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए विश्वविद्यालय की रेक्टर, प्रोफेसर जी.एस. रिख्सियेवा के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में सहयोग के लिए अपने प्रस्ताव साझा किए।
बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच शैक्षणिक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भाषा शिक्षण को बढ़ावा देने के नए अवसरों पर विचार किया गया, जिससे भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लोगों के संबंध और अधिक मजबूत हो सकें।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
शीर्ष 10 में से आठ कंपनियों का मार्केटकैप 4.13 लाख करोड़ रुपए बढ़ा, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक सबसे आगे रहे
मुंबई, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय इक्विटी मार्केट में बीते हफ्ते बड़ी रैली देखने को मिली है। इस दौरान देश की शीर्ष 10 में से आठ कंपनियों के मार्केट कैप में 4,13,003.23 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है।
बाजार में तेजी आने की वजह शेयर बाजार का शानदार प्रदर्शन था। 6-10 मार्च की अवधि में सेंसेक्स 4,230.70 अंक या 5.77 प्रतिशत बढ़कर 77,550.25 और निफ्टी 1,337.50 अंक या 5.89 प्रतिशत बढ़कर 24,050.60 पर बंद हुआ।
शीर्ष 10 में से जिन आठ कंपनियों के मार्केटकैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, उनमें एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टीसीएस और एचयूएल शामिल हैं।
वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इन्फोसिस के मार्केटकैप में गिरावट देखी गई है।
एचडीएफसी बैंक का मार्केटकैप 91,282.67 करोड़ रुपए बढ़कर 12,47,478.57 करोड़ रुपए हो गया है। आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 76,036.36 करोड़ रुपए बढ़कर 9,46,741.85 करोड़ रुपए हो गया है।
बजाज फाइनेंस का बाजार मूल्यांकन 60,980.35 करोड़ रुपए बढ़कर 5,75,206.47 करोड़ रुपए हो गया है। एलएंडटी का मार्केटकैप 47,624.97 करोड़ रुपए बढ़कर 5,44,736.59 करोड़ रुपए हो गया है।
भारती एयरटेल का बाजार मूल्यांकन 45,873.43 करोड़ रुपए बढ़कर 10,66,293.69 करोड़ रुपए हो गया है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का मार्केटकैप 43,614.67 करोड़ रुपए बढ़कर 9,84,629.98 करोड़ रुपए हो गया है।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) र्केट कैप में 26,303.49 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई, जिससे इसका मार्केट कैप बढ़कर 9,13,331.92 करोड़ रुपये हो गया।
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) के मार्केट कैप में भी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे इसका मूल्यांकन 21,287.29 करोड़ रुपए बढ़कर 5,06,477.89 करोड़ रुपए हो गया।
दूसरी तरफ इन्फोसिस के मार्केट कैपिटलाइजेशन में 3,285.03 करोड़ रुपए की गिरावट आई और यह 5,24,124.40 करोड़ रुपए रह गया।
इसी तरह, रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैपिटलाइजेशन में 947.28 करोड़ रुपए की मामूली गिरावट आई, जिससे इसका मूल्यांकन 18,27,086.79 करोड़ रुपए पर आ गया।
गिरावट के बावजूद, रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में अपनी स्थिति बरकरार रखने में सफल रही, जिसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का स्थान रहा।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation















.jpg)






