DUSU elections: Delhi University में छात्र संगठनों ने चुनावी मुद्दों पर मंथन शुरू किया
नयी दिल्ली, आठ अगस्त दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के चुनाव सितंबर में होने की संभावना के बीच छात्र संगठन जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों की भावना को आगे बढ़ा रहे हैं और अभियान के मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। इनमें प्रवेश से जुड़ी चिंताएं और मेट्रो में रियायत जैसी पुरानी मांगें शामिल हैं। विभिन्न छात्र संगठनों के नेताओं ने कहा कि संभावित उम्मीदवार कॉलेजों में छात्रों से संपर्क करने लगे हैं और उन मुद्दों का आकलन कर रहे हैं, जो उनके चुनाव प्रचार का मुख्य आधार बन सकते हैं।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई की सचिव अंजलि ने कहा कि जंतर-मंतर पर हालिया छात्र आंदोलन वामपंथी छात्र संगठनों के बीच व्यापक गठबंधन का आधार बन सकता है। उन्होंने कहा, जैसा कि हमने हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों में देखा है, हमारा एक साझा दुश्मन है। हमें उम्मीद है कि पिछले साल की तरह इस बार भी आइसा और एसएफआई के बीच वामपंथी गठबंधन होगा, ताकि हम छात्रों के हालिया विरोध प्रदर्शनों के मूल्यों को आगे बढ़ा सकें।
अंजलि ने कहा कि आइसा की व्यापक मांगों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को वापस लेना और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करना शामिल है। अंजलि ने कहा, डूसू चुनावों के लिए, जाहिर है, मुद्दे मुख्य रूप से छात्रों और उनकी जरूरतों पर केंद्रित होंगे। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) से जुड़े दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कार्यकर्ता ने कहा कि हालिया जंतर-मंतर प्रदर्शन और संगठन की ओर से की गई भूख हड़ताल ने यह साबित कर दिया है कि छात्र अपनी मांगों के लिए एकजुट हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, डीयू प्रशासन के साथ कई तरह की समस्याएं रही हैं: सीट, पाठ्यक्रम और कई अन्य मुद्दे। वहां अराजकता रही है। उन्होंने कहा कि मेट्रो पास और किराये में रियायत जैसी छात्रों की पुरानी मांगें भी चुनाव प्रचार का हिस्सा बन सकती हैं।
उन्होंने कहा, ये बार-बार उठने वाले मुद्दे हैं और निश्चित रूप से इन पर ध्यान दिया जाएगा। हालांकि, अभी संभावित उम्मीदवार कॉलेजों का दौरा कर रहे हैं और छात्रों से मिलकर यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे क्या हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) भी कॉलेज स्तर पर छात्रों की समस्याओं का आकलन कर रही है और इसके बाद अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देगी।
पिछले डूसू चुनाव में एनएसयूआई ने एक पद पर जीत हासिल की थी, जबकि एबीवीपी ने तीन पदों पर कब्जा किया था।
Independence Day: Pradhanmantri Sangrahalaya में वंदे मातरम् पर विशेष प्रदर्शनी शुरू
नयी दिल्ली, आठ अगस्त स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रधानमंत्री संग्रहालय एक प्रदर्शनी आयोजित कर रहा है, जिसमें कई तरह की वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है। इनमें वंदे मातरम् पर जारी स्मृति डाक टिकट, वर्ष 1976 में इसके रचयिता के सम्मान में जारी विशेष प्रथम दिवस आवरण और चंदन की लकड़ी पर नक्काशी करके बनाई गई भारत माता की मूर्ति शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार से शुरू हुई पांच दिवसीय प्रदर्शनी में एक पुराने तिरंगे को भी प्रदर्शित किया गया है, जिसके बीच में देवनागरी लिपि में वंदे मातरम् लिखा हुआ है।
यह आयोजन 15 अगस्त को मनाए जाने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोहों के तहत तीन मूर्ति भवन परिसर स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय के नए खंड में आयोजित किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी आठ से 12 अगस्त तक आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में इसके योगदान का भी उत्सव मना रही है।
इसमें प्रदर्शित अन्य वस्तुओं में सजावटी बटन का एक सेट भी शामिल है, जिन पर पृष्ठभूमि में पुराने तिरंगे के साथ देवनागरी लिपि में वंदे मातरम् अंकित है। प्रदर्शनी में वंदे मातरम् पर जारी स्मृति डाक टिकट और इसके रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी के सम्मान में वर्ष 1976 में जारी विशेष प्रथम दिवस आवरण के साथ-साथ भारतीय डाक द्वारा नवंबर 2025 में जारी स्मृति डाक टिकट भी प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अलावा, प्रदर्शनी में ‘आनंदमठ’ की प्रतियां भी प्रदर्शित की गई हैं, जिसमें वर्ष 1882 में पहली बार वंदे मातरम् को पूरी तरह बांग्ला में प्रकाशित किया गया था।
इसके साथ ही वर्ष 1909 में अरविंद घोष द्वारा किए गए इसके अंग्रेजी अनुवाद की एक प्रति भी प्रदर्शनी का हिस्सा है। इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनी में शामिल कुछ वस्तुएं प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (पीएमएमएल) के तोशाखाना संग्रह से ली गई हैं। बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा वर्ष 1875 में रचित वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान एक प्रमुख नारे के रूप में उभरा और इसने आंदोलन को नयी ऊर्जा दी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









