असम में 85% वोटिंग का मतलब क्या है, BJP जीतेगी या हारेगी? समझें वो 3 इलाके जो तय करते हैं सरकार
Assam Election 2026 voting percentage: 9 अप्रैल को असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर एक चरण में वोटिंग हुई. चुनाव आयोग के मुताबिक राज्य में करीब 85 फीसदी से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया है. खास बात ये है कि ये वोटिंग साल 2021 में हुई 82 फीसदी से तकरीबन 3 फीसदी ज्यादा है.
अब हर तरफ एक ही सवाल है, इतनी भारी वोटिंग प्रतिशत का किसे फायदा मिलेगा? क्या BJP यहां तीसरी बार अपनी सरकार बनाएगी या इस बार कांग्रेस को मौका मिलेगा? बहरहाल ये तो 4 मई को आने वाले चुनाव नतीजे ही बताएंगे. आइए आपको बताते हैं कि असम में किन पार्टियों के बीच लड़ाई है और यहां जीत के क्या समीकरण हैं?
Raipur, Chhattisgarh: On Assam, Kerala and Puducherry Assembly Elections 2026, Congress leader and Former CM Bhupesh Baghel says, "It depends a lot on the Election Commission... The voting percentage that suddenly increases by 3-4% at night - we will have to see whether that is… pic.twitter.com/V2qQOYKmGs
— IANS (@ians_india) April 9, 2026
असम में लड़ाई किनके बीच है?
असम में BJP और Congress के बीच मुख्य मुकाबला है. BJP यहां पहले से दो बार जीत चुकी है और इस बार हैट्रिक बनाने की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा यहां पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा हैं. वहीं, दूसरी तरफ Congress की बात करें तो वह करीब 10 साल से सत्ता से बाहर है.
इस कार AIUDF ने क्यों तोड़ा कांग्रेस से नाता
पार्टी ने इस बार अपने फायर ब्रांड नेता गौरव गोगोई को आगे करके सरमा का विकल्प पेश किया है. इसके अलावा AIUDF यानी बदरुद्दीन अजमल की पार्टी भी चुनाव मैदान में पूरी चुनौती दे रही है. AIUDF इस बार कांग्रेस से अलग चुनाव लड़ रही है इससे पहले वह कांग्रेस को सपोर्ट कर रही थी.
2021 के बाद राज्य में हुआ परिसीमन बदलाव
2021 के बाद राज्य में परिसीमन बदला है. यानी इस बार कई विधानसभा क्षेत्रों की सीमाएं बदल गईं. यह परिसीमन के बाद पहला चुनाव है. नई सीमाओं में पुराने वोट समीकरण कहां कितने और किसके काम आएंगे फिलहाल यह अभी तक साफ नहीं हुआ है. बता दें इस बार प्रदेश में करीब 10 लाख नए और युवा वोटर पहली बार वोट डालने आए. इनकी पसंद भी नतीजों पर बड़ा असर डाल सकती है.
असम के मुख्य तीन इलाके...
असम की राजनीति को समझने के लिए राज्य को तीन हिस्सों में बांटकर देखा जाता है. पहले प्रदेश का ऊपरी इलाकों जहां कुल 35 विधानसभा सीटें हैं. यहां हिंदू वोटर ज्यादा हैं और पारंपरिक रूप से ये लोग BJP को सपोर्ट करते हैं.
सरकार बनने में कौन निभाता अहम भूमिका
मध्य असम जिसे बोडोलैंड भी कहते हैं वहां 41 सीटें हैं. यहां जनजातीय समुदायों के लोग रहते हैं. इसके अलावा प्रदेश का निचला हिस्सा है जहां 50 सीटें हैं और यह इलाका बांग्लादेश की सीमा से सटा है और यहां मुस्लिम वोटर निर्णायक भूमिका में हैं. राजनीतिक जानकार ऐसा मानते हैं कि असम की सरकार बनाने और बिगाड़ने की असली ताकत इसी इलाके के पास है.
85% वोटिंग, किसके लिए अच्छी खबर?
असम में 85% से अधिक वोटिंग हुई है, जिससे ऐसा माना जा रहा है कि इस ज्यादा मतदान का सत्ताधारी पार्टी को फायदा मिल सकता है. बता दें 2021 के विधानसभा चुनाव में 82% वोटिंग हुई थी और BJP ने अपनी सरकार बनाई थी. पिछले साल के मुकाबले इस बार 3 फीसदी ज्यादा वोटिंग हुई है. वहीं, Congress की बात करें तो वह अधिक वोटिंग को अपने पक्ष में बदलाव का संकेत मान रही है.
नतीजा कब आएगा?
4 मई 2026 को वोटों की गिनती होगी और उसी दिन साफ होगा कि असम में BJP की हैट्रिक होती है या Congress 10 साल बाद घर वापसी करती है.
FAQ
Q1. असम चुनाव 2026 में कुल कितनी सीटें थीं और जीतने के लिए कितनी चाहिए?
उत्तर. असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं. सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को कम से कम 64 सीटें जीतनी होंगी.
Q2. असम में इस बार चुनाव लड़ रहे मुख्य चेहरे कौन हैं?
उत्तर. BJP की तरफ से मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा सबसे बड़ा चेहरा हैं, जो जलुकबाड़ी सीट से खुद भी उम्मीदवार थे. वहीं, Congress की ओर से सांसद गौरव गोगोई पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे.
Q3. इस बार मतदान प्रतिशत 2021 से कितना ज्यादा रहा?
उत्तर. 2021 में असम में करीब 82 फीसदी वोटिंग हुई थी. इस बार यह आंकड़ा 85 फीसदी के पार चला गया है.
Q4. असम चुनाव 2026 का नतीजा कब आएगा?
उत्तर. वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी. उसी दिन तय हो जाएगा कि असम में अगली सरकार किसकी बनेगी.
Q5. क्या इस बार असम में एग्जिट पोल आएंगे?
नहीं. चुनाव आयोग ने एग्जिट पोल पर 29 अप्रैल तक रोक लगा रखी है क्योंकि दूसरे राज्यों में अभी भी वोटिंग बाकी है. इसलिए 29 अप्रैल के बाद ही एग्जिट पोल सार्वजनिक होंगे.
एलएसजी की जीत में आयुष बडोनी के योगदान को कम आंका गया: सुनील गावस्कर
कोलकाता, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। आईपीएल 2026 में गुरुवार को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के बीच एक रोमांचक मुकाबला खेला गया। मुकुल चौधरी ने 27 गेंदों पर 7 छक्कों और 1 चौके की मदद से नाबाद 54 रन की पारी खेल एलएसजी को 3 विकेट से जीत दिला दी। महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने कहा है कि एलएसजी की जीत में हमें मुकुल के साथ ही आयुष बडोनी के योगदान को नहीं भूलना चाहिए।
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