लेबनान पर इजरायल का हमला: 10 मिनट में दागीं 100 मिसाइलें, 250 लोगों की मौत
मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। बुधवार रात इजरायल ने लेबनान पर ऐसा हमला किया, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने महज 10 मिनट के भीतर 100 से ज्यादा ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन ठिकानों को हिज्बुल्लाह के कमांड सेंटर और सैन्य अड्डे बताया गया है।
इन हमलों में 250 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 890 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। हमले के बाद कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इजरायल ने इसे अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया है। राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों, दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेका घाटी को खास तौर पर निशाना बनाया गया। हमलों के कई घंटों बाद भी राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक 1700 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें कम से कम 130 बच्चे शामिल हैं। वहीं, इजरायल का दावा है कि उसने हिज्बुल्लाह के करीब 1100 लड़ाकों को मार गिराया है।
गौरतलब है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब ईरान के साथ सीजफायर की बात चल रही है। हालांकि इजरायल ने साफ कर दिया है कि लेबनान इस युद्धविराम का हिस्सा नहीं है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने भी इस बात को खारिज किया कि लेबनान के साथ कोई समझौता हुआ है।
वहीं, अमेरिका की ओर से भी इसी तरह का रुख सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रेस सेक्रेटरी ने साफ कहा कि लेबनान इस सीजफायर समझौते में शामिल नहीं है।
दूसरी तरफ लेबनान के राष्ट्रपति कार्यालय ने शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि वे हालात को काबू में करने की कोशिश कर रहे हैं।
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच यह संघर्ष नया नहीं है। दोनों के बीच दशकों से तनाव चला आ रहा है, लेकिन हाल के दिनों में यह टकराव और तेज हो गया है। खासकर तब, जब हिज्बुल्लाह ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से जुड़े घटनाक्रम के बाद इजरायल पर रॉकेट हमले तेज कर दिए।
नवंबर 2024 में दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम की सहमति बनी थी, लेकिन उसके बाद भी सीमित स्तर पर हमले जारी रहे। अब ताजा हमलों ने यह साफ कर दिया है कि हालात अभी शांत होने वाले नहीं हैं।
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेना का फिलहाल अभियान रोकने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि हिज्बुल्लाह को पूरी तरह कमजोर करना आसान नहीं होगा।
Share Market Today: सेंसेक्स में 405 अंकों की गिरावट, निफ्टी 23900 के नीचे, गिरावट के बाद भी बाजार का ट्रेंड सकारात्मक
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को दबाव में हुई। सेंसेक्स ज सुबह 243.57 अंक की गिरावट के साथ 77,319.33 पर खुला। इसके बाद इसमें और गिरावट देखने को मिली। 9.45 बजे तक 558.21 अंक या 0.72% गिरावट के साथ सेंसेक्स 77,004.69 के स्तर पर आ गया। एनएसई का निफ्टी सुबह 88.30 अंक की गिरावट के साथ 23,909.05 पर खुला। एनएसई का यह बेंचमार्क इंडेक्स इस समय 140.15 अंक या 0.58% गिरावट के साथ 23,857.20 पर ट्रेड कर रहा है। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी, लेकिन आज के कारोबार में निवेशकों में निराशा साफ दिखाई दे रही है। अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम के उल्लंघन से निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ और इसका दबाव शुरुआती कारोबार में दिखाई दे रहा है।
वैश्विक संकेतों से दबाव, निवेशक सतर्क
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम को लेकर बनी अनिश्चितता का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है। निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं और मुनाफावसूली का रुख अपनाते दिख रहे हैं। हालांकि गिरावट बहुत ज्यादा नहीं है, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और बैंकिंग इंडेक्स दोनों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। वहीं भारत-22 जैसे कुछ इंडेक्स में मामूली बढ़त भी देखने को मिली, जो बाजार में संतुलन का संकेत है। कुल मिलाकर बाजार में मिलाजुला रुख बना हुआ है, जहां कुछ सेक्टर दबाव में हैं तो कुछ में खरीदारी जारी है।
टॉप गेनर्स: इन शेयरों में दिखी तेजी
आज के कारोबार में कुछ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। आईटीआई, जेबीएम ऑटो और होनासा जैसे शेयरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। इसके अलावा स्टरलाइट टेक और ओला इलेक्ट्रिक में भी मजबूती देखने को मिली, जिससे इन स्टॉक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया। दूसरी ओर कुछ शेयरों में गिरावट का दबाव भी स्पष्ट नजर आया। आईएक्सआईजीओ, सीसीएल और चोला होल्डिंग जैसे शेयरों में बिकवाली देखी गई।
शैली इंजीनियरिंग और रेनबो जैसे स्टॉक्स भी कमजोर रहे, जिससे निवेशकों का रुझान इनसे दूर दिखा।
मार्केट ब्रेड्थ और आंकड़े क्या कहते हैं?
बाजार में कुल मिलाकर सकारात्मक ब्रेड्थ देखने को मिली, जहां बढ़ने वाले शेयरों की संख्या गिरने वालों से अधिक रही। शुरुआती कारोबार में करीब 2900 से ज्यादा शेयरों में ट्रेडिंग होती दिख रही है, जिसमें 1700 से अधिक शेयर बढ़त में हैं। शुरुआती कारोबार में ही कई शेयर अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर के करीब जा पहुंचे हैं, जो बाजार में छिपी मजबूती को दिखाते हैं। मौजूदा स्थिति को देखते हुए बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें और महत्वपूर्ण स्तरों पर नजर रखें। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह समय अवसर और जोखिम दोनों का मिश्रण माना जा सकता है।
वैश्विक बाजारों का मिला-जुला असर
अमेरिकी शेयर बाजारों में बुधवार को जोरदार उछाल आया और प्रमुख इंडेक्स 2.5% से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। इसके विपरीत एशियाई बाजारों में गुरुवार को हल्की गिरावट देखने को मिली, क्योंकि ईरान की ओर से युद्धविराम के उल्लंघन की आशंका जताई गई है। इससे निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है, जो बाजार की दिशा तय कर सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार को फिर से तेजी देखने को मिली, क्योंकि सप्लाई को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
निवेशक अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। डॉलर में हल्की मजबूती देखने को मिली है, जो वैश्विक निवेशकों के सतर्क रुख को दर्शाती है। कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल अस्थिरता बनी रह सकती है। जहां एक ओर तकनीकी संकेत तेजी की ओर इशारा कर रहे हैं, वहीं वैश्विक अनिश्चितता दबाव बना सकती है। ऐसे में विशेषज्ञों ने निवेशकों को सतर्क रहकर महत्वपूर्ण स्तरों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
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