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गोवा मनी लॉन्ड्रिंग केस: ईडी ने ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ से जुड़ी 17.45 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की

पणजी, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को गोवा के अरपोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ प्रतिष्ठान के कथित अवैध संचालन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लगभग 17.45 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है।

यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत पणजी क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा की गई है।

ईडी के अनुसार, यह जांच गोवा पुलिस द्वारा अंजुना और मापुसा पुलिस थानों में सौरभ लूथरा और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। ये मामले भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं।

एफआईआर में 6 दिसंबर 2025 को हुई भीषण आग की घटना के साथ-साथ नियामक मंजूरियां हासिल करने के लिए कथित जालसाजी और दस्तावेजों में हेरफेर के गंभीर आरोप शामिल हैं। इस अग्निकांड कांड में 25 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे।

जांच के दौरान ईडी को पता चला कि इस प्रतिष्ठान का संचालन ‘बीइंग जीएस हॉस्पिटैलिटी गोवा अरपोरा एलएलपी’ द्वारा आवश्यक वैधानिक मंजूरियों के बिना किया जा रहा था। इनमें सबसे महत्वपूर्ण फायर एनओसी का अभाव भी शामिल है।

एजेंसी के अनुसार, लाइसेंस और परियोजना से जुड़े अनुपालन प्राप्त करने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें नकली स्वास्थ्य एनओसी और फर्जी पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट शामिल हैं।

ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि संस्था के साझेदारों ने आपसी मिलीभगत से आवश्यक लाइसेंसों की अनुपस्थिति और उनकी अवधि समाप्त होने के बावजूद व्यवसायिक गतिविधियां जारी रखीं।

विशेष रूप से प्रतिष्ठान का व्यापार लाइसेंस 31 मार्च 2024 को समाप्त हो गया था, जिसे बाद में नवीनीकृत नहीं कराया गया, फिर भी नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालन जारी रहा।

वित्तीय जांच में सामने आया है कि वित्त वर्ष 2023-24 से लेकर 6 दिसंबर 2025 के बीच इस प्रतिष्ठान ने लगभग 29.78 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया। पीएमएलए के तहत इस आय को ‘अपराध की आय’ (पीओसी) के रूप में चिन्हित किया गया है।

इससे पहले, 23 जनवरी को ईडी ने इस मामले से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे। साथ ही करीब 59 लाख रुपए जमा वाले बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया था। फिलहाल, इस पूरे मामले में आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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कैबिनेट ने खरीफ सीजन 2026 के लिए फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरकों पर 41,533 करोड़ रुपए की सब्सिडी को मंजूरी दी

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को खरीफ सीजन 2026 (01 अप्रैल, 2026 से 30 सितंबर, 2026 तक) के लिए फॉस्फेट और पोटेशियम (पीएंडके) उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरें निर्धारित करने के उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

कैबिनेट नोट के मुताबिक, खरीफ सीजन 2026 के लिए अनुमानित बजटीय आवश्यकता लगभग 41,533.81 करोड़ रुपए होगी, जो खरीफ सीजन 2025 के बजटीय आवश्यकता से लगभग 4,317 करोड़ रुपए अधिक है। खरीफ सीजन 2025 का बजट 37,216.15 करोड़ रुपए था।

इस मंजूरी से किसानों को रियायती, किफायती और उचित कीमतों पर उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही, उर्वरकों और अन्य सामग्रियों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हाल के रुझानों को देखते हुए फॉस्‍फेट और पोटेशियम उर्वरकों पर दी जाने वाली सब्सिडी तर्कसंगत हो सकेगी।

डीएपी और एनपीकेएस ग्रेड सहित फॉस्‍फेट और पोटेशियम उर्वरकों पर सब्सिडी खरीफ सीजन 2026 के लिए अनुमोदित दरों के आधार पर प्रदान की जाएगी ताकि किसानों को ये उर्वरक किफायती कीमतों पर आसानी से उपलब्ध हो सकें।

कैबिनेट ने बयान में कहा कि सरकार उर्वरक निर्माताओं/आयातकों के माध्यम से किसानों को रियायती दरों पर डीएपी सहित 28 श्रेणियों के फॉस्‍फेट और पोटेशियम उर्वरक उपलब्ध करा रही है। फॉस्‍फेट और पोटेशियम उर्वरकों पर सब्सिडी 1 अप्रैल, 2010 से राष्ट्रीय उपज नीति (एनबीएस) योजना के अंतर्गत आती है। किसान हितैषी दृष्टिकोण के अनुरूप सरकार किसानों को किफायती कीमतों पर फॉस्‍फेट और पोटेशियम उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

यूरिया, डीएपी, एमओपी और सल्फर जैसे उर्वरकों और अन्य सामग्रियों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हालिया रुझानों को देखते हुए सरकार ने खरीफ वर्ष 2026 के लिए फॉस्‍फेट और पोटेशियम (पी एंड के) उर्वरकों (डीएपी और एनपीकेएस ग्रेड सहित) पर 01 अप्रैल, 2026 से 30 सितंबर, 2026 तक प्रभावी राष्ट्रीय सब्सिडी दरों को मंजूरी देने का निर्णय लिया है। अनुमोदित और अधिसूचित दरों के अनुसार उर्वरक कंपनियों को सब्सिडी प्रदान की जाएगी ताकि किसानों को उर्वरक किफायती कीमतों पर उपलब्ध हो सकें।

--आईएएनएस

एबीएस/

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एक्शन मोड में RBI, 54 फाइनेंस कंपनियों का लाइसेंस रद्द, 16 ने सरेंडर किया CoR, देखें लिस्ट 

अप्रैल में एक बार फिर आरबीआई की बड़ी कार्रवाई (RBI Action) सामने आई है। देशभर के अलग-अलग राज्यों में स्थित कुल 54 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC) का लाइसेंस यानि सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। जिसके बाद इन कंपनियों को नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के तौर पर कारोबार करने की अनुमति नहीं … Wed, 08 Apr 2026 23:04:55 GMT

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