UK: साथी कर्मचारी को ‘आंटी’ कहना नर्स को पड़ा भारी, अदालत ने ठोका 1.8 लाख का जुर्माना
UK: भारत में जहां आंटी शब्द सम्मान का प्रतीक माना जाता है तो वहीं ब्रिटेन में किसी महिला को आंटी कहना आपको मुश्किलों में डाल सकता है. ब्रिटेन के वर्कप्लेस कल्चर में इसे उम्र और लिंग आधारित उत्पीड़न करार दिया गया है. इस चक्कर में ब्रिटेन में एक महिला को भारी नुकसान हुआ है. आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला...
ट्रिब्यूनल जज ने सुनाया फैसला
दरअसल, वेस्ट लंदन एनएचएस ट्रस्ट को भारतीय मूल की हेल्थकेयर असिस्टेंट इल्डा एस्टेवेस (64) की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए 1,425 यूरो (करीब 1.8 लाख रुपये) मुआवजा देने का आदेश दिया गया है. एम्प्लॉयमेंट ट्रिब्यूनल के जज एलीट ने ये फैसला सुनाया है.
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‘आंटी' कहने का मामले पर बवाल
जानकारी के अनुसार, घाना मूल की एक नर्स सहकर्मी चार्ल्स ओप्पोंग ने काम के दौरान, भारतीय मूल की इल्डा को बार-बार आंटी कहकर बुलाया. इल्डा ने उनको कई बार टोका लेकिन ओप्पोंग नहीं मानीं. ओप्पोंग ने जून 2023 में ये भी कहा कि इल्डा 61 साल की जॉर्ज नाम के एक बुजुर्ग स्टाफ के लिए अच्छी पार्टनर साबित हो सकती हैं. इल्डा ने इसकी शिकायत दर्ज करवाई.
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सुनवाई के दौरान, ट्रिब्यूनल में ओप्पोंग ने आरोपों से इनकार कर दिया. हालांकि, उन्होंने ये जरूर स्वीकार किया कि उन्होंने एक बार इल्डा को आंटी कहकर बुलाया था. जस्टिस एलीट ने माना की घाना की संस्कृति में बुजुर्गों को आंटी कहा जाता है और ये बुजुर्गों के प्रति सम्मान का शब्द है. लेकिन इल्डा को यह शब्द पसंद नहीं था. इसलिए उनके लिए ये शब्द अपमानजनक था.
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'आंटी' कहना उत्पीड़न माना गया
मामले में जस्टिस एलीट ने कहा कि ये अच्छा आचरण नहीं था. वर्कप्लेस में आंटी वाले कमेंट से इल्डा को ठेस पहुंची है. ये शिकायतकर्ता की उम्र और लिंग से जुड़ा हुआ उत्पीड़न है. ट्रिब्यूनल ने इल्डा के उत्पीड़न के दावे को सही माना. हालांकि, उनकी पहचान को गुप्त रखने की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया.
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युद्ध विराम के बाद शेयर बाजार ने लगाई बड़ी छलांग, मार्केट कैप करीब 17 लाख करोड़ रुपए बढ़ा
मुंबई, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार के कारोबारी सत्र में दमदार तेजी देखने को मिली। दिन के अंत में सेंसेक्स 2,946.32 अंक या 3.95 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,563.90 और निफ्टी 873.70 अंक या 3.78 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,997.35 पर था।
बाजार में चौतरफा तेजी देखी गई। इसका नेतृत्व रियल्टी और ऑटो स्टॉक्स ने किया। निफ्टी रियल्टी (6.75 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (6.69 प्रतिशत) की मजबूती के साथ टॉप गेनर्स थे। निफ्टी प्राइवेट बैंक (5.56 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (5.54 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (5.46 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरबेल्स (5.23 प्रतिशत) और निफ्टी इन्फ्रा (4.13 प्रतिशत) की मजबूती के साथ बंद हुआ।
कोई भी सूचकांक लाल निशान में बंद नहीं हुआ।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में मजबूत बढ़त देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2,198.95 अंक या 4.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 56,799.50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 694.75 अंक या 4.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,538.05 पर था।
सेंसेक्स पैक में इंडिगो, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, एमएंडएम, एक्सिस बैंक, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, अदाणी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील और एसबीआई गेनर्स थे। केवल टेक महिंद्रा, सन फार्मा और पावर ग्रिड ही लाल निशान में बंद हुए।
बाजार में तेजी के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप लगभग 17 लाख करोड़ रुपए बढ़कर करीब 446 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पहले 429 लाख करोड़ रुपए था।
वेंचुरा के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध विराम से जोखिम में सुधार हुआ है और इससे कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है।
उन्होंने आगे कहा कि निवेशकों को अपने पोर्टफलियो में ऐसे लार्जकैप को शामिल करना चाहिए, जिनकी आय मजबूत हो।
युद्ध विराम के ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आई है और ब्रेंट क्रूड का दाम करीब 14 प्रतिशत कम होकर 94 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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