सीजफायर ऐलान के बाद भारतीय दूतावास ने नागरिकों से ईरान छोड़ने को कहा
तेहरान, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान में संघर्ष विराम के बीच भारत सरकार की ओर से भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की गई है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है।
दूतावास ने कहा कि पिछली एडवाइजरी की निरंतरता बरकरार सखते हुए अब भी ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को देश जल्द छोड़ने की सलाह दी जाती है। नागरिक तय किए गए रूट्स का इस्तेमाल करते हुए सुरक्षित तरीके से देश से बाहर निकलें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि दूतावास से संपर्क किए बिना कोई भी किसी अंतरराष्ट्रीय सीमा का रुख न करे।
वहीं किसी भी विपत्ति या आपातकालीन स्थिति में हों तो नागरिक दूतावास के जारी मोबाइल नंबरों या ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं। ये नंबर-+989128109115; +989128109102, +989128109109;+989932179359 हैं।
7 अप्रैल की रात भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डेडलाइन करीब आने के साथ ही दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी थी। इसमें अगले 48 घंटों तक कहीं आने-जाने से बचने की सलाह दी गई थी। अपील की गई कि भारतीय नागरिक बिजली, सैन्य ठिकानों और बहुमंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल पर जाने से बचें, घर के अंदर रहें, और हाईवे पर किसी भी मूवमेंट के लिए दूतावास से पूरी तरह से संपर्क साधें।
ईरान संघर्ष से पहले (28 फरवरी) और बाद में भी लगातार अपने लोगों को भारत सरकार की ओर से संभल कर रहने, सतर्कता बरतने का निर्देश जारी किया जाता रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आए सकारात्मक बदलाव को देखते हुए नई एडवाइजरी जारी की गई। अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिन से जारी संघर्ष के बाद आखिरकार 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बनी। इसका ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर किया।
सीजफायर से पहले ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिला तो वह उसकी पूरी सभ्यता को खत्म कर देंगे। उन्होंने अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की भी धमकी दी थी।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
कुर्सी योग : बढ़ती उम्र में जोड़ों के दर्द और कमजोरी को दूर करने का आसान तरीका, सावधानी भी जरूरी
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक गतिशीलता कम होना और संतुलन बनाए रखने में दिक्कत आना आम बात है। कई बुजुर्ग फर्श पर बैठने-उठने में असमर्थ हो जाते हैं और पारंपरिक योग आसनों से दूर रहते हैं। बुजुर्गों के लिए योग को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए कुर्सी योग बहुत अहम साबित हो सकता है।
कुर्सी योग बुजुर्गों और उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जिन्हें जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी या संतुलन की समस्या है। इसमें योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कुर्सी पर बैठकर या उसका सहारा लेकर किया जाता है। इसके लिए सिर्फ एक मजबूत और स्थिर कुर्सी की जरूरत पड़ती है। इसे घर पर, पार्क में या किसी भी सुरक्षित जगह पर आसानी से किया जा सकता है।
कुर्सी योग न सिर्फ बुजुर्गों के लिए, बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक सुरक्षित और सुलभ विकल्प है जो योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहते हैं लेकिन पारंपरिक तरीके से करने में परेशानी महसूस करते हैं। यह स्वास्थ्य सुधारने और खुशहाल जीवन जीने का एक सरल, प्रभावी और जोखिम मुक्त तरीका है। नियमित अभ्यास से बुजुर्ग अपनी शारीरिक क्षमता बढ़ा सकते हैं और मानसिक रूप से भी स्वस्थ और प्रसन्न रह सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कुर्सी योग को अपनाकर बढ़ती उम्र की कई समस्याओं से आसानी से निपटा जा सकता है।
इस योग में कंधे और गर्दन की स्ट्रेचिंग, कुर्सी पर बैठकर पैरों की विभिन्न गतिविधियां और सहारे के साथ खड़े होकर किए जाने वाले आसन शामिल हैं। ये आसान तरीके पारंपरिक योग को जोखिम मुक्त बनाते हैं। नियमित अभ्यास से जोड़ों की जकड़न कम होती है, मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और शरीर में लचीलापन बढ़ता है। प्राणायाम की तकनीकों से तनाव और चिंता घटती है, जिससे मानसिक शांति मिलती है। यह हृदय को स्वस्थ रखने, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने और अच्छी नींद लाने में भी मदद करता है। बुजुर्ग बिना किसी डर के सहज तरीके से व्यायाम कर सकते हैं।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, कुर्सी योग की शुरुआत सरल आसनों से करनी चाहिए। विशेषज्ञों का सुझाव है कि प्रशिक्षित योग शिक्षक की देखरेख में इसे शुरू करना बेहतर होता है। सप्ताह में दो-तीन बार 20 से 30 मिनट का अभ्यास भी काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
कुर्सी योग करते समय सावधानियां बरतनी भी जरूरी हैं। इसके लिए बिना पहियों वाली मजबूत कुर्सी चुनें। कुर्सी की सीट ज्यादा गद्देदार न हो, कुर्सी की पीठ सीधी होनी और ऊंचाई ऐसी हो कि पैर जमीन पर पूरी तरह सपाट रखे जा सकें।
--आईएएनएस
एमटी/एएस
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