IITian Baba Love Story: महाकुंभ वाले 'IIT बाबा' ने रचाई शादी, इंजीनियर पत्नी संग घर पहुंचे तो मां ने.....? मची हलचल
IITian Baba Abhay Singh Marriage: प्रयागराज महाकुंभ 2025 में जब भगवा वस्त्र पहने और लंबी दाढ़ी-जटाओं के साथ एक युवक नजर आया, तो उसकी 'IITian' पहचान ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था।
बॉम्बे IIT से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग करने वाले झज्जर के अभय सिंह 'IITian बाबा' के नाम से मशहूर हुए। लेकिन अब उनके जीवन में एक नया मोड़ आया है। आध्यात्मिक खोज के लिए घर-बार छोड़ने वाले अभय सिंह ने अब गृहस्थ जीवन को अपनाया है।
उन्होंने हाल ही में शादी कर ली है और अपनी पत्नी प्रतीका के साथ पहली बार अपने गृह नगर झज्जर पहुंचे, जहाँ उनका भव्य स्वागत हुआ।
कौन हैं प्रतीका? कैसे शुरू हुई प्रेम कहानी
अभय सिंह की पत्नी प्रतीका मूल रूप से कर्नाटक की रहने वाली हैं। प्रतीका खुद भी एक इंजीनियर हैं। दोनों की मुलाकात करीब एक साल पहले हुई थी। प्रतीका ने मीडिया को बताया कि अभय का स्वभाव बेहद सरल और ईमानदार है, जिससे प्रभावित होकर उन्होंने साथ चलने का फैसला किया।
प्रतीका के अनुसार, वे दोनों मिलकर अब 'सनातन' की परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे। उनकी योजना भविष्य में एक 'सनातन यूनिवर्सिटी' बनाने की भी है, जहाँ अध्यात्म, गुरु और साधकों को एक मंच पर लाया जा सके।
मंदिर में फेरे और फिर कोर्ट मैरिज: शादी की पूरी कहानी
अभय सिंह ने अपनी शादी को लेकर खुलासा किया कि उन्होंने इसी साल 15 फरवरी को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित ऐतिहासिक 'अघंजर महादेव मंदिर' में प्रतीका के साथ फेरे लिए थे।
इसके बाद 19 फरवरी को दोनों ने कोर्ट मैरिज भी की। इस पूरी प्रक्रिया को उन्होंने काफी गुप्त रखा था। अभय के अनुसार, उन्होंने कुछ भी छिपाया नहीं, बस वे अपनी नई जिंदगी की शुरुआत सादगी से करना चाहते थे।
झज्जर में अचानक एंट्री: परिवार भी था अनजानसोमवार को जब अभय सिंह अपनी पत्नी के साथ झज्जर पहुंचे, तो सबसे पहले वे बैंक गए और वहां अपनी केवाईसी (KYC) कराई। इसके बाद वे अपने पिता कर्ण सिंह से मिलने उनके चैंबर पहुंचे। पिता को तब तक बेटे की शादी की भनक भी नहीं थी।
इसके बाद जब नवविवाहित जोड़ा पैतृक घर पहुँचा, तो मां शीला देवी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मां ने बहू प्रतीका की आरती उतारी, मिठाई खिलाई और तिलक लगाकर गृह प्रवेश कराया। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे अभय के इस फैसले से बहुत खुश हैं।
सन्यास से विवाह तक का सफर: क्यों बदला फैसला?
अभय सिंह ने बताया कि अध्यात्म की तरफ रुझान होने से पहले वे अपने पिता के साथ केस स्टडी में हाथ बंटाते थे। सन्यास के दौरान उन्हें अध्यात्म का सच तो समझ आया, लेकिन उन्हें लगा कि समाज और सनातन की सेवा गृहस्थ रहकर भी की जा सकती है। फिलहाल अभय अपनी पत्नी के साथ हिमाचल के धर्मशाला में रह रहे है।
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