कश्मीर में पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी जैसे जैसे नजदीक आ रही है, वैसे वैसे घाटी की हवा में एक नया संदेश साफ सुनाई दे रहा है कि अब की बार जवाब भी होगा और इंतजाम भी ऐसा होगा कि दुश्मन की हर साजिश जड़ से खत्म कर दी जाए। हम आपको बता दें कि कश्मीर घाटी में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं और जमीन से लेकर आसमान तक चौकसी का जाल इस तरह बिछाया गया है कि आतंकी संगठन अब कदम रखने से पहले सौ बार सोचें।
कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ढांचा नए सिरे से मजबूत किया गया है। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष यानि सीडीएस जनरल अनिल चौहान का कश्मीर दौरा भी इसी बड़े संदेश का हिस्सा है। हम आपको बता दें कि उन्होंने उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा परिदृश्य का गहराई से जायजा लिया और चिनार कोर की तैयारियों को बेहद उच्च स्तर का बताया। सीडीएस का यह दौरा एक स्पष्ट चेतावनी थी कि अब सेना केवल जवाब देने के लिए नहीं बल्कि पहले से तैयार रहकर दुश्मन की हर चाल को नाकाम करने के लिए तैयार है।
जनरल चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि अब अलग अलग मोर्चों पर काम करने का दौर खत्म हो चुका है। सेना, वायुसेना, नौसेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां एकीकृत ढांचे में काम करेंगी। यह समन्वय ही वह ताकत बनेगा जो आतंक के हर नेटवर्क को तोड़ देगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आने वाले खतरों से निपटने के लिए तकनीक, मानसिक मजबूती और सामूहिक तैयारी अनिवार्य है। रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि सीडीएस ने शनिवार को उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सुरक्षा और संचालनात्मक तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि जनरल चौहान ने सेना की चिनार कोर इकाई के अंतर्गत आने वाले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने बताया कि सीडीएस ने अपने दौरे में उत्तरी कश्मीर स्थित नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा परिदृश्य और अभियानगत तैयारियों की समीक्षा की तथा बल की अनुकरणीय परिचालन तत्परता, सैद्धांतिक सामंजस्य और दृढ़ पेशेवर रुख की सराहना की। प्रवक्ता ने बताया कि बारामूला में सीडीएस को भविष्य में बल प्रयोग और प्रौद्योगिकी के समावेश के बारे में जानकारी दी गई।
जनरल चौहान ने चिनार कोर के अधिकारियों को संबोधित करते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि युद्ध के तरीके बदल रहे हैं, जिसके लिए एक केंद्रित दृष्टिकोण से हटकर एक मजबूत और एकीकृत व्यवस्था पर आधारित ‘बहु विषयक ऑपरेशन्स’ (एमडीओ) की ओर बदलाव की आवश्यकता है। सीडीएस ने बाद में बारामूला में नागरिक प्रशासन के प्रतिनिधियों, प्रतिष्ठित व्यक्तियों और पदाधिकारियों से बातचीत की तथा राष्ट्र निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। हम आपको बता दें कि भारतीय सेना ने साफ कर दिया है कि आने वाला समय बहु आयामी संचालन का है, जिसमें जमीन, हवा, समुद्र, साइबर, अंतरिक्ष और मानसिक स्तर तक एक साथ जवाब दिया जाएगा।
इसी के साथ जमीन पर भी कार्रवाई तेज कर दी गई है। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में संदिग्ध गतिविधियों के बाद शुरू हुआ तलाशी अभियान इस बात का प्रमाण है कि हर सूचना को गंभीरता से लिया जा रहा है। एक स्थानीय निवासी की सूचना के आधार पर तीन संदिग्धों की तलाश में सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने संयुक्त अभियान चलाया। भले ही अभी तक आमना सामना नहीं हुआ हो, लेकिन यह स्पष्ट है कि सुरक्षा बल किसी भी जोखिम को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं हैं।
हम आपको बता दें कि पहलगाम हमले की बरसी से पहले घाटी में अतिरिक्त बलों की तैनाती, निगरानी उपकरणों का विस्तार और खुफिया तंत्र को और तेज किया गया है। सीमाओं पर घुसपैठ रोकने के लिए नियंत्रण रेखा पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। ड्रोन, सेंसर और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर हर हरकत पर नजर रखी जा रही है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब युद्ध की परिभाषा बदल रही है और भारत इस बदलाव के केंद्र में खुद को स्थापित कर रहा है। तकनीक आधारित युद्ध, संयुक्त संचालन और राष्ट्रव्यापी सहयोग की अवधारणा यह दिखाती है कि आने वाले समय में भारत केवल प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं बल्कि पहल करने वाला देश बनेगा।
बहरहाल, पहलगाम हमले की बरसी केवल एक स्मृति नहीं बल्कि एक संकल्प का क्षण बनती जा रही है। यह संकल्प है कि अब कोई चूक नहीं होगी, कोई ढिलाई नहीं होगी और हर हमले का जवाब इतना सख्त होगा कि आने वाली पीढ़ियां उसे याद रखेंगी।
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एआईएडीएमके के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने सोमवार को आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में एनडीए की जीत पर विश्वास जताते हुए कहा कि गठबंधन 234 में से 210 सीटें जीतने जा रहा है और एडप्पाडी के पलानीस्वामी (ईपीएस) अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। एएनआई से बात करते हुए कोवई सत्यन ने दावा किया कि सत्तारूढ़ डीएमके को जनता का कोई समर्थन नहीं है और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का काफिला खाली सड़कों से गुजरता है। उन्होंने कहा कि उनकी (एमके स्टालिन की) पार्टी के विधायकों को जनता ने खदेड़ दिया है। उनका अपना काफिला खाली सड़कों से गुजरता है, उन्हें अपने ख्यालों से बाहर आने को कहिए। एक महीने के भीतर, ईपीएस तमिलनाडु के मुख्यमंत्री होंगे और हम 234 में से 210 सीटें जीतकर अपने दम पर सरकार बनाएंगे।
यह बयान एमके स्टालिन के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि डीएमके के नेतृत्व वाला सत्तारूढ़ धर्मनिरपेक्ष प्रगति गठबंधन राज्य चुनावों में सभी 234 सीटों पर जीत हासिल करेगा। रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए स्टालिन ने तीन-भाषा नीति की कड़ी आलोचना की और कहा कि डीएमके इसे राज्य में लागू नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि जब तक डीएमके सत्ता में है, हम तमिलनाडु में तीन-भाषा नीति को लागू नहीं होने देंगे। जीत की संभावनाएं बहुत अच्छी हैं। हम सभी 234 सीटों पर जीत हासिल करेंगे।
एक पोस्ट में, स्टालिन ने अल्पसंख्यक अधिकारों, संघीय निधि आवंटन और नई प्रस्तावित त्रिभाषा नीति सहित कई मुद्दों पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की और दावा किया कि ये उपाय राज्य और उसके लोगों के हितों को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने लिखा कि क्या तमिलनाडु आने वाले भाजपा मंत्री और भाजपा मुख्यमंत्री इन सवालों का जवाब देंगे? क्या आप तमिलनाडु में यह कहते हुए प्रचार करने को तैयार हैं कि 'हम त्रिभाषा नीति लागू करेंगे'? तमिलनाडु को कितनी निधि आवंटित की गई है? भाजपा शासित 'पसंदीदा' राज्यों को कितनी निधि दी गई है? क्या आप इसे पारदर्शी रूप से घोषित करने को तैयार हैं?
मुख्यमंत्री ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन (एफसीआरए) विधेयक, 2026 की भी निंदा की, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि यह अल्पसंख्यक समुदायों, विशेष रूप से ईसाई संस्थानों को असमान रूप से निशाना बनाता है। उन्होंने पूछा कि क्या आप ईसाई गैर सरकारी संगठनों पर हमला करने वाले एफसीआरए संशोधन को पूरी तरह से वापस लेंगे, या इसे अगले सप्ताह पारित कर देंगे? स्टालिन ने एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या पलानीस्वामी को इन सभी सवालों के जवाब उनके दिल्ली स्थित आकाओं से मिल सकते हैं? आप कब तक अशोभनीय निंदा करना बंद करेंगे और लोगों के जीवन के अधिकार के मुद्दों पर बात करना शुरू करेंगे? चाहे कितने ही लोग दिल्ली से आकर तमिलनाडु को बांटने की कोशिश करें, तमिलनाडु झुकने वाला नहीं है।
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