कांग्रेस के आरोपों पर असम के CM ने किया पलटवार, कहा- पवन खेड़ा को हो सकती है उम्रकैद तक की सजा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के आरोपों पर तीखी टिप्पणी की है. असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यूएई का असली पासपोर्ट एक पाकिस्तानी शख्स ने सोशल मीडिया पर अपलोड किया. इसके एआई फोटोशॉप किया गया है. उन्होंने कहा कि गूगल रिवर्स के जरिए इसका पता लगाया ता सकता है. असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, कल, पवन खेड़ा और गौरव गोगोई ने दो प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं. एक दिल्ली में और एक गुवाहाटी में. हमारी रिसर्च में सामने आया है कि कल हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस की पूरी सामग्री एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप पर दी गई थी.
#WATCH | Guwahati: Assam CM Himanta Biswa Sarma says, "...Anyone can register a company by paying USD 199. After yesterday's press conference, they created another company in the name of Riniki...Congress used images of passports and documents procured from a Pakistani Social… https://t.co/S5bBLdtBKn pic.twitter.com/zPQr9lJs0V
— ANI (@ANI) April 6, 2026
उन्होंने कहा कि बीते 10 दिनों में पाकिस्तान के चैनलों ने असम चुनावों को लेकर कम से कम 11 टॉक शो किए गए हैं. ऐसा कभी नहीं हुआ है. हर टॉक शो का रिजल्ट यही निकला है कि कांग्रेस को जीतना ही चाहिए. इससे पता चलता है कि कांग्रेस के साथ पाकिस्तान का जुड़ाव काफी गहरा रहा है. उन्हें पूरा यकीन है कि कानून लागू करने वाली एजेंसियां इस केस पर जरूर गौर करने वाली हैं.
कल मेरी पत्नी ने एक FIR को दर्ज कराया: हिमंता
सीएम हिमंता का कहना है कि आमतौर पर जब आप नकली डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने जब इस तरह का मामला उठता है तो उस पर IPC की धारा 420 और 468 लागू होगी. नए BNS में इससे जुड़े प्रावधान मौजूद हैं. जब आप किसी चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने के लिए गलत दस्तावेजों के साथ आरोप लगाते हैं तो उससे अधिक सजा का प्रावधान लागू होता है. इसके लिए उम्रकैद तक की सजा भी हो सकती है. उन्होंने कहा कि कल मेरी पत्नी ने एक FIR को दर्ज कराया. उन्हें पूरा यकीन है कि पुलिस कानून की सही धाराओं के साथ मामले को दर्ज करेगी.
आईआरजीसी के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल खदेमी की मौत
तेहरान/तेल अवीव, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की खुफिया विंग के प्रमुख मेजर जनरल खदेमी की मौत हो गई है। ईरानी स्टेट मीडिया ने बयान जारी कर इसकी पुष्टि की।
ईरान ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे देश को अस्थिर करने की साजिश करार दिया है। आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने सोमवार को घोषणा की।
बयान के अनुसार, मेजर जनरल खादेमी ने खुफिया और सुरक्षा क्षेत्रों में क्रांति, शासन और इस्लामी मातृभूमि की लगभग आधी सदी तक ईमानदारी और साहस के साथ रक्षा करते हुए महत्वपूर्ण, स्थायी और अनुकरणीय योगदान दिया है।
तस्नीम न्यूज एजेंसी ने खदेमी की मौत को क्रांति की हत्या बताते हुए एक्स पोस्ट में बताया कि ब्रिगेडियर खदेमी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की खुफिया शाखा के शक्तिशाली और शिक्षित प्रमुख सोमवार सुबह एक अमेरिकी-इजरायली हमले में शहीद हो गए।
ईरान ने खदेमी की मौत को बड़ा नुकसान बताते हुए कहा कि उनकी विरासत देश की सुरक्षा नीतियों को आगे भी दिशा देती रहेगी। उनके अंतिम संस्कार को लेकर जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
वहीं, इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी खुफिया प्रमुख खदेमी के मारे जाने की पुष्टि करते हुए अपनी सैन्य बल की तारीख की।
द टाइम्स ऑफ इजरायल ने रक्षा मंत्री का बयान प्रकाशित किया, जिसके मुताबिक आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल आयल जमीर के साथ एक समीक्षा बैठक के दौरान इस हमले की जानकारी दी गई थी।
ईरान के शीर्ष अधिकारियों की मौत की पुष्टि की यह एक नई श्रृंखला है। 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के एक महीने से ज्यादा बीत गए हैं। यूएस-इजरायल के पहले हवाई हमले में ही ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो गई। उनके साथ कई कमांडर्स भी मारे गए। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी, नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसीरी
ब्रिगेडियर जनरल और चीफ ऑफ द जनरल स्टाफ के सलाहकार जमशेद इशाकी समेत तमाम बड़े नाम मारे गए दिग्गजों की लिस्ट में शामिल हैं।
--आईएएनएस
केआर/
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