भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 787 अंक उछला
मुंबई, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 787.30 अंक या 1.07 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,106.85 और निफ्टी 255.15 अंक या 1.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,968.25 पर था।
बाजार के ज्यादातर सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (2.60 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (2.34 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (2.33 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (2.23 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (2.16 प्रतिशत) और निफ्टी सर्विसेज (1.66 प्रतिशत) की तेजी के साथ बंद हुआ।
केवल निफ्टी ऑयल एंड गैस (1.37 प्रतिशत) और निफ्टी मीडिया (0.22 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ बंद हुए।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 815.60 अंक या 1.52 प्रतिशत की तेजी के साथ 54,492.65 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 202.55 अंक या 1.29 प्रतिशत की तेजी के साथ 15,853.05 पर था।
सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, एक्सिस बैंक, टाइटन, एलएंडटी, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, इंडिगो,एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व,पावर ग्रिड, एनटीपीसी, बीईएल, एसबीआई,आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, टीसीएस और एचयूएल गेनर्स थे। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक और सन फार्मा लूजर्स थे।
बाजार में तेजी आने की वजह रुपए में तेजी और ईरान-अमेरिका में तनाव कम होने की संभावना को माना जा रहा है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा, आरबीआई द्वारा सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने और डॉलर की आपूर्ति में सुधार करने के लिए हाल ही में उठाए गए कदमों से रुपए में 30 पैसे की मजबूती आई और यह 93.00 के आसपास बना हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी-ईरान तनाव कम होने की उम्मीदों से जोखिम भावना में सुधार से भी इस रिकवरी को सपोर्ट मिला है, हालांकि अनिश्चितता का स्तर अभी भी उच्च स्तर पर है। उछाल के बावजूद, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता का दबाव बना हुआ है।
यूएसडीआईएनआर के लिए निकट भविष्य में, 92.45 के स्तर पर समर्थन दिखाई दे रहा है, जबकि रुकावट का स्तर 93.75-94.00 के आसपास है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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इस्राइल में मिली 2100 साल पुरानी गोली, यूनानी भाषा में दुश्मनों के लिए लिखा व्यंग्यात्मक संदेश; जानें सबकुछ
इस्राइल के प्राचीन शहर हिप्पोस में करीब 2,100 साल पुरानी एक गोली मिली है, जो एक सीसे की गुलेल की है. खास बात है कि आर्कियोलॉजिस्ट को मिली इस गोली पर दुश्मनों के खिलाफ एक तीखा और व्यंग्यात्मक संदेश लिखा हुआ है. गोली हिप्पोस की एक प्राचीन सड़क के किनारे स्थित कब्रिस्तान वाले इलाके से मिली है. हिप्पोस को प्राचीन काल में सुसिता नाम से जाना जाता था. हेलेनिस्टिक काल के दौरान, सुसिता शहर एक महत्वपूर्ण केंद्र था. बाद में बीजान्टिन काल में ये एक प्रमुख बिशप का केंद्र बन गया.
गोली पर लिखा संदेश
फॉक्स न्यूज के अनुसार, अधिकारी इस गोली की उम्र दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व बता रहे हैं. गोली में जो शब्द उकेरा गया है, वह यूनानी भाषा का सीखो है, ये प्राचीन अंडाकार सीसे की गोली है, जिसकी एक तस्वीर में यूनानी लिपि के हल्के निशान स्पष्ट दिखाई देते हैं. हैफा विश्वविद्यालय के पुरातत्वविद डॉ. माइकल आइजनबर्ग और उनकी सहयोगी डॉ. अर्लेटा कोवालेव्स्का का मानना है कि ये वाक्य व्यंग्यात्मक ताना था. मार्च 2026 में एक प्रेस रिलीज जारी की गई थी, जिसके अनुसार आइजनबर्ग और कोवालेव्स्का ने अपनी खोज के निष्कर्ष को Palestine Exploration Quarterly (PEQ) नाम की एक जर्नल में प्रकाशित किए हैं.
जर्नल में आइजनबर्ग और कोवालेव्स्का ने बताया कि अब तक इस प्रकार की 69 गोलियां मिल चुकी हैं, हालांकि, ये दुनिया की पहली ऐसी गोली है जिस पर सीखो शब्द लिखा हुआ मिला है. ये वाक्स उस वक्त के शहर के रक्षकों के व्यंग्य को दर्शाता है. वे दुश्मनों को एक व्यंग्यात्मक इशारे के साथ सबक सिखाना चाहते थे कि अपना सबक सीखो.
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कैसे चलाई गई थी ये गोली
ये पुरावशेष करीब 3.2 सेंटीमीटर लंबा औऱ 1.95 सेंटीमीटर चौड़ा है. इसका वजन 38 ग्राम है. खुदाई टीम की मानें तो टकराव की वजह से इसका मूल वजन करीब 45 ग्राम रहा होगा. गोली पर टकराव के भी स्पष्ट निशान दिखाई दे रहे हैं. अधिकारियों की मानें तो इस गोली को शहर के रक्षकों ने शायद दीवार से चलाई थी. वह भी तब, जब दुश्मनों की सेना शहर की ओर बढ़ रही थी. किसी गुलेल की गोली पर कोई लिखित संदेश का मिलना बहुत ज्यादा दुर्लभ है. उस जमाने में सीसे की गोलिया सस्ती तो होती थी लेकिन इन्हें बहुत ही जानलेवा गोला-बारूद माना जाता था.
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हिप्पोस में मिल चुका है ईसाई केंद्र
पिछले साल हिप्पोस में खुदाई के दौरान, पुरातत्वविदों को 1600 साल पुराना ईसाई केंद्र मिला था. यहां बुजुर्गों की देखभाल की जाती थी. संभावना है कि ये दुनिया का सबसे पुराना नर्सिंग होम ह सकता है. इसी स्थल पर मेटल डिटेक्टर की मदद से प्राचीन गहनों और सोने के सिक्कों का एक बड़ा खजाना मिला था.
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