Babool Ka Achar: कैरी और नींबू भूल जाइए! अब बबूल का अचार बना लोगों की पहली पसंद, फटाफट सीखें बनाने का तरीका
Babool ki Fali ka Achar Recipe and Benefits: राजस्थान की पारंपरिक रसोई में बबूल की फली का अचार अपने अनोखे स्वाद और औषधीय गुणों के लिए बेहद लोकप्रिय है. गृहणी सुशीला के अनुसार, इसे बनाने के लिए ताजी हरी फलियों को उबालकर उनकी कड़वाहट निकाली जाती है और फिर उन्हें सुखाकर मसालों के साथ तैयार किया जाता है. इस अचार में सरसों का तेल, मेथी, सौंफ, राई और हींग जैसे पाचक मसालों का उपयोग होता है, जो इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखते हैं. 2 से 3 दिन की धूप दिखाने के बाद यह अचार पूरी तरह तैयार हो जाता है. यह न केवल खाने का जायका बढ़ाता है, बल्कि पाचन और रोग प्रतिरोधक क्षमता सुधारने में भी मददगार साबित होता है. शहरों में भी अब इस पारंपरिक राजस्थानी अचार की मांग तेजी से बढ़ रही है.
ऑफिस के लिए बिना गैस जलाए बनाएं 6 हाई-प्रोटीन लंच; दिनभर रहेंगे एनर्जेटिक, मसल्स भी रहेंगे स्ट्रांग
सुबह-सुबह ऑफिस की भागदौड़ और डेडलाइन्स के बीच अक्सर हमारी डाइट का कबाड़ा हो जाता है. सुबह की जल्दी में या तो हम भारी परांठे खा लेते हैं या फिर कैंटीन के समोसे-कचौड़ी पर निर्भर हो जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना चूल्हा जलाए और बिना घंटों किचन में पसीना बहाए भी आप जबरदस्त हाई-प्रोटीन लंच तैयार कर सकते हैं? जी हां, ये 'नो-स्टोव' मील न केवल आपकी मसल्स बनाएंगे, बल्कि आपको दोपहर की सुस्ती (Afternoon Slump) से भी बचाएंगे. आइए जानते हैं ये सिंपल हेल्दी-टेस्टी रेसिपीज.
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