देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं, शनिवार को 51 लाख से अधिक सिलेंडर्स की डिलीवरी हुई : केंद्र
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को कहा कि 4 अप्रैल (शनिवार) को 51 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर्स की डिलीवरी हुई है और देश में किसी भी वितरक एजेंसी पर गैस की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
मंत्रालय ने कहा कि कुल बुकिंग में ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर की हिस्सेदारी बढ़कर 95 प्रतिशत हो गई है।
वितरक स्तर पर हेराफेरी को रोकने के लिए, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी 90 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो कि मध्य पूर्व में तनाव से पहले फरवरी में 53 प्रतिशत की थी। साथ ही, मंत्रालय ने उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक होने पर ही वितरकों के पास जाने की सलाह दी गई है।
मंत्रालय ने बताया कि शनिवार को करीब 90,000 पांच किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर्स की बिक्री की गई है और 23 मार्च से अब तक 6.6 लाख एलपीजी सिलेंडर्स की बिक्री हो चुकी है।
मंत्रालय ने आगे कहा कि पांच किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर वितरकों के पास मौजूद हैं और कोई वैध पहचान पत्र दिखाकर, इन्हें हासिल किया जा सकता है।
देश में पीएनजी को बढ़ावा दिया जा रहा है। मार्च से अब तक 3.9 लाख से अधिक पीएनजी के नए पंजीकरण हो चुके हैं और 3.6 लाख नए पीएनजी कनेक्शन को गैस की आपूर्ति दी गई है।
राज्यों को घरेलू और व्यावसायिक दोनों उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन की सुविधा प्रदान करने की सलाह दी गई है।
मंत्रालय के अनुसार, सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। देश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक बना हुआ है।
बयान में कहा गया है कि घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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Vaishakh Maah Daan 2026: वैशाख मास में इन वस्तुओं का जरूर करें दान, भगवान विष्णु प्रसन्न होकर पूरी करेंगे मनोकामना
Vaishakh Maah Daan 2026: सनातन धर्म में वैशाख मास की विशेष महिमा बताई गयी है. स्कंद पुराण के अनुसार, वैशाख मास सबसे उत्तम महीना है. भगवान विष्णु को वैशाख मास सबसे ज्यादा प्रिय है. इस महीने में किए गये पूजा-पाठ, दान-व्रत का अक्षय पुण्य प्राप्त होता है. जिसका फल कभी समाप्त नहीं होता है. इसलिए इस महीने के हर दिन को पर्व की तरह मनाया जाता है. वैशाख मास में हर दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और दान करने से श्रीहरि की दिव्य कृपा मिलती है.
इस महीने में दान करने से सभी तरह के संकट और पाप कर्म समाप्त हो जाते हैं. जीवन में धन-धान्य की वृद्धि होती है. भगवान विष्णु की कृपा और दान के फल से उसे इस जन्म और अन्य जन्मों में सुखों की प्राप्ति होती है. इस साल 3 अप्रैल से वैशाख मास शुरु हुआ है इसका समापन 1 मई वैशाख पूर्णिमा के दिन होगा. आइए जानते हैं वैशाख मास में क्या दान करना सबसे उत्तम होता है.
वैशाख मास में करें इन वस्तुओं का दान
जल दान करें
वैशाख के महीने में गर्मी बहुत अधिक होती है. इसलिए जल दान को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है. वैशाख मास में प्याऊ लगवाएं, मटके में जल की व्यवस्था करें, पशु-पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था करें. शास्त्रों के मुताबिक, वैशाख मास में जल दान करने से दस हजार राजसूय यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है.
फलों का दान
वैशाख मास में फलों का दान उत्तम माना जाता है. इस महीने में गरीब, जरुरतमंद लोग और बीमार लोगों को फलों का दान करना चाहिए. इस महीने में तरबूजा, खरबूजा और बेल का दान शुभ माना जाता है. फलों का दान करने से जीवन के कष्ट समाप्त होते हैं. रोगों से छुटकारा मिलता है. जीवन में धन की समस्या नहीं रहती है.
छाता और चप्पल दान
वैशाख मास में गरीब और जरुरतमंद लोगों को छाता और चप्पल दान करनी चाहिए. इन दोनों का दान करने से कुंडली के राहु-केतु जैसे अशुभ फलदायी ग्रहों की बाधाएं दूर होती हैं. जीवन में सफलता और तरक्की मिलती है. शनि भी बहुत प्रसन्न होते हैं. जिनके ऊपर साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही है उन्हें विशेष रुप से छाता और चप्पल का दान अवश्य करना चाहिए.
कपड़ों का दान
वैशाख मास में गरीब और जरुरतमंद लोगों को कपड़े दान करने चाहिए. इस महीने में वस्त्र दान करने से सूर्य ग्रह मजबूत होता है. पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. पितरों की कृपा से घर में सुख-शांति आती है. पैतृक संपत्ति में वृद्धि होती है. वंश वृद्धि होती है.
सत्तू दान
वैशाख मास में सत्तू का दान बेहद खास माना जाता है. सत्तू पेट और शरीर को ठंडा रखता है. इसलिए सत्तू का दान जरुर करना चाहिए. इसके साथ सत्तू का सेवन जरुर करना चाहिए. इस दान से रोगों से मुक्ति मिलती है. शरीर स्वस्थ्य रहता है.
वैशाख मास में क्या करें?
रोज सूर्योदय से पहले स्नान कर व्रत संकल्प लेकर श्रीहरि की पूजा करें.
वैशाख मास के हर पर्व को शास्त्र विधि से मनाएं.
वैशाख मास के प्रत्येक व्रत को विधि-विधान के साथ पूरा करें.
वैशाख मास में जल दान का विशेष महत्व है.
वैशाख मास में प्याऊ लगवाएं, मटके का दान करें.
जरुरतमंद लोगों को पंखा, खरबूजा,फल, अन्न आदि का दान करें.
मंदिरों में अन्न और भोजन का दान करें.
इस महीने में एक समय भोजन करने का संकल्प लें.
रोजाना शाम को तुलसी जी के पास घी का दीपक जलाएं.
इस महीने में ब्रह्मचर्य का पालन करें.
वैशाख मास में क्या न करें?
वैशाख मास में मांस-मदिरा का सेवन न करें.
शरीर पर तेल की मालिस करने से बचें.
दिन में सोना अशुभ माना जाता है.
कांसे के बर्तन में भोजन नहीं करना चाहिए.
लहसुन-प्याज और तामसिक भोजन करने से बचें.
रात में संभव हो तो धरती पर सोएं.
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