Strait of Hormuz Crisis: बहरीन ने सुरक्षा परिषद में टाला मतदान, रूस-चीन के विरोध से फंसा पेंच
खाड़ी देश बहरीन, जो इस माह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता संभाल रहा है, ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर पेश किए गए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मतदान फिलहाल टाल दिया है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य विश्व के इस सबसे अहम जलमार्ग को फिर से सुचारू रूप से खोलना और वहां ईरान के बढ़ते प्रभुत्व को चुनौती देना था। संयुक्त राष्ट्र के दो वरिष्ठ राजनयिकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि परिषद की बैठकें गोपनीय होने के कारण इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अब इस पर मतदान अगले सप्ताह होने की संभावना है।
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हालांकि, रूस और चीन के कड़े विरोध के कारण पहले ही इस प्रस्ताव की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे थे। बहरीन प्रायोजित इस मसौदा प्रस्ताव को शनिवार को मतदान के लिए पेश किए जाने की उम्मीद थी जिसमें केवल रक्षात्मक कदमों की अनुमति देने का प्रावधान है, जबकि शुरुआत में खाड़ी देश और अमेरिका आक्रामक कार्रवाई के पक्ष में थे।
प्रस्ताव का मकसद इस अहम जलमार्ग में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। बहरीन ने सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्य देशों से समर्थन जुटाने की कोशिश की, लेकिन मतदान टलने से स्पष्ट है कि यह मसौदा अब भी रूस और चीन को स्वीकार्य नहीं है।
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क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तेल मार्ग है।
दुनिया के कुल कच्चे तेल के परिवहन का लगभग 20% से अधिक हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है।
ईरान और ओमान के बीच स्थित यह संकरा मार्ग वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है।
आगे की राह
शनिवार को होने वाला मतदान अब अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। बहरीन इस बीच अन्य सदस्य देशों के साथ मध्यस्थता कर रहा है ताकि किसी ऐसे समझौते पर पहुँचा जा सके जो सुरक्षा परिषद में पारित हो सके। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और चीन के कड़े रुख के बीच बिना बड़े समझौतों के इस प्रस्ताव का भविष्य धुंधला नजर आ रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने 1.5 ट्रिलियन डॉलर का रक्षा बजट प्रस्ताव रखा
वाशिंगटन, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वित्त वर्ष 2027 के लिए रिकॉर्ड 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट का प्रस्ताव रखा है, जो 44 प्रतिशत की वृद्धि है। इससे पेंटागन के खर्च में भारी वृद्धि होगी, जबकि कई घरेलू कार्यक्रमों में कटौती की जाएगी।
व्हाइट हाउस ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए अपने आधिकारिक बजट प्रस्ताव में कहा, “यह बजट राष्ट्रीय रक्षा के लिए ऐतिहासिक रूप से आवंटित 1 ट्रिलियन डॉलर की अधिकतम राशि को आगे बढ़ाते हुए 2027 के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर का अनुरोध करता है, जो 44 प्रतिशत की वृद्धि है।”
व्हाइट हाउस प्रशासन ने कहा कि यह अनुरोध सुरक्षा दबावों में वृद्धि के समय में संयुक्त राज्य अमेरिका की सैन्य श्रेष्ठता को बनाए रखने को सुनिश्चित करेगा। आगे कहा गया है, “2027 का बजट इस वादे को पूरा करता है और यह सुनिश्चित करेगा कि संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सक्षम सेना को बनाए रखना जारी रखे।”
बजट प्रस्ताव में लगभग 1.1 ट्रिलियन डॉलर का आधारभूत विवेकाधीन रक्षा व्यय और 350 बिलियन डॉलर की राशि प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों से जुड़ी है, जिसमें गोला-बारूद उत्पादन और रक्षा औद्योगिक आधार का विस्तार शामिल है। इसका एक प्रमुख केंद्र बिंदु “गोल्डन डोम” मिसाइल रक्षा कवच है।
व्हाइट हाउस के बजट प्रस्ताव में कहा गया है कि इसे “मजबूत रूप से वित्त पोषित” किया जाएगा, जबकि संबंधित रिपोर्टों में कहा गया है कि व्यापक घरेलू रक्षा प्रयासों के हिस्से के रूप में इस कार्यक्रम को मजबूत समर्थन मिलने की उम्मीद है।
बजट में युद्धपोत निर्माण के लिए 65.8 अरब डॉलर का प्रावधान है, जिसमें नए युद्धपोत और सहायक पोत शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों और बजट सारांश के अनुसार, इसमें सैन्य कर्मियों के वेतन में वृद्धि का भी प्रस्ताव है, जिसमें ई-5 और उससे नीचे के रैंक के कर्मियों के लिए 7 प्रतिशत वेतन वृद्धि शामिल है।
इसी बीच, व्हाइट हाउस रक्षा खर्च में वृद्धि के साथ-साथ गैर-रक्षा खर्च में कटौती कर रहा है। आधिकारिक दस्तावेज में कहा गया है, बजट में 2026 के गैर-रक्षा स्तर की तुलना में 10 प्रतिशत की कटौती का प्रस्ताव है।
प्रस्ताव में शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और विदेशी सहायता कार्यक्रमों में कटौती का उल्लेख है। वाशिंगटन पोस्ट ने बताया कि इससे पर्यावरण, शिक्षा और स्वास्थ्य अनुसंधान कार्यक्रमों में 73 अरब डॉलर की कटौती होगी, जबकि जर्नल ने कहा कि इस योजना से गैर-रक्षा खर्च में 10 प्रतिशत की कमी आएगी और यह लगभग 660 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया दलगत आधार पर विभाजित थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रिपब्लिकन नेताओं ने रक्षा बजट में इस विस्तार का व्यापक रूप से स्वागत किया, जबकि डेमोक्रेट्स ने इसे अत्यधिक बताते हुए इसकी आलोचना की और चेतावनी दी कि इससे घरेलू प्राथमिकताओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
व्हाइट हाउस ने इस प्रस्ताव को एक व्यापक वित्तीय पुनर्गठन के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया। आधिकारिक दस्तावेज में कहा गया है, यह बजट राष्ट्रपति के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए गैर-रक्षा व्यय को सीमित करना और संघीय सरकार में सुधार करना जारी रखता है।
बजट का यह प्रस्ताव अब कांग्रेस के पास जाएगा, जहां लॉमेकर्स को 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष से पहले यह तय करना होगा कि इसमें से कितना हिस्सा पारित हो पाएगा। पेंटागन के बड़े अनुरोधों को अक्सर राजनीतिक प्रतिरोध का सामना करना पड़ता है, भले ही दोनों दल व्यापक रूप से रक्षा बजट में भारी खर्च का समर्थन करते हों।
संयुक्त राज्य अमेरिका विश्व का सबसे बड़ा सैन्य व्ययकर्ता देश बना हुआ है। यह प्रस्तावित वृद्धि ऐसे समय में हो रही है जब वाशिंगटन मध्य पूर्व में संघर्षों, चीन के साथ दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धा और हथियारों के भंडार को फिर से भरने और अपनी सेनाओं का आधुनिकीकरण करने की नई मांगों के दबाव का सामना कर रहा है।
--आईएएनएस
ओपी/एएस
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