ईरान को नहीं पाकिस्तान पर भरोसा! अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की कोशिश फेल, इस्लामाबाद में बैठक ठुकराई
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराने की पाकिस्तान समेत क्षेत्रीय देशों की कोशिशें पूरी तरह फेल हो गई हैं। ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों से मिलने से इनकार कर दिया और अमेरिका की मांगें खारिज करदी हैं।
पंजाब के सुपर CM कहे जाते थे राघव चड्ढा:राहुल गांधी ने कहा था- सरकार को RC चला रहा; जानिए केजरीवाल से रिश्ते कैसे बिगड़ते गए
पंजाब से AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सुर्खियों में हैं। पार्टी ने ही उन्हें राज्यसभा के उपनेता पद से हटाने और बोलने का टाइम न देने का लेटर दे दिया। इसके बाद चड्ढा ने वीडियो जारी कर AAP को आड़े हाथों लिया। जनहित के मुद्दे उठाने को लेकर AAP पर ही सवाल दागे। आखिर में ये भी चेतावनी दी कि मैं वह दरिया हूं, जो सैलाब बनकर आता है। इसके उलट साल 2022 में राघव चड्ढा पंजाब में AAP के मेन फेस थे। चुनाव कैंपेन से लेकर सरकार बनने के बाद भी राघव चड्ढा पार्टी व सरकार के सेंटर पॉइंट में दिखते थे। पंजाब के विरोधी यहां तक कहते थे कि पंजाब की CM भगवंत मान की अगुआई वाली सरकार RC यानी राघव चड्ढा के रिमोट कंट्रोल से चलती है। राघव चड्ढा की शादी तक पंजाब के मुख्यमंत्री के दिल्ली स्थित कपूरथला हाउस में हुई थी। तब सरकार ने विरोधियों के सवालों तक की परवाह नहीं की थी। हालांकि 4 साल बीतने के बाद अचानक राघव चड्ढा पर उन्हीं की पार्टी के नेता टूट पड़े हैं। अचानक ऐसा क्या हुआ, इसके बारे में न तो राघव चड्ढा और न ही AAP ने कुछ कहा। हालांकि अब चड्ढा को लेकर जो बयानबाजी हो रही है, उससे कुछ संकेत जरूर मिल रहे हैं। सहप्रभारी थे, प्रभारी से ज्यादा दबदबा रहा पंजाब में 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने सिख चेहरा जरनैल सिंह को राज्य प्रभारी बनाया था। हालांकि पूरा दबदबा राघव चड्ढा का रहा। चड्ढा ने न केवल पंजाब में AAP की पूरी कैंपेन डिजाइन की बल्कि उसे ग्राउंड लेवल पर लागू भी किया। टिकट बंटवारे में भी चड्ढा का रोल बहुत अहम माना जाता था। कैंपेन के वक्त वह तत्कालीन CM चरणजीत चन्नी के हलके में अवैध माइनिंग तक भी पहुंच गए। चुनाव नतीजा आया तो AAP को 117 में से रिकॉर्ड 92 सीटें मिलीं। 2 साल पंजाब में एक्टिव रहे, सुपर CM तक कहा गया पंजाब में AAP सरकार बनी। भगवंत मान मुख्यमंत्री बन गए। हालांकि शुरूआती दौर में यह माना जाता रहा कि AAP सरकार में राघव चड्ढा की भी खूब चलती है। विरोधी भी अक्सर उन्हें टारगेट करते थे कि पंजाब की सरकार को राघव चड्ढा चला रहे हैं। उन्हें पंजाब में CM का एडवाइजर तक बनाया गया था। मार्च 2022 में सरकार बनने के बाद अप्रैल 2022 में ही उन्हें राज्यसभा के लिए भी चुन लिया गया। अकाली दल ने उन्हें सुपर CM कहा तो राहुल गांधी ने कहा था कि पंजाब की सरकार RC से चल रही है। ये बयान उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जनवरी 2023 में पठानकोट में दिया था। उनके RC कहने को रिमोट कंट्रोल से ज्यादा राघव चड्ढा से जोड़ा गया था। हालांकि तब ये बात भी सामने आई कि पंजाब के लोकल नेताओं और राघव चड्ढा के बीच तालमेल नहीं बन रहा। दिसंबर 2024 में एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में राघव चड्ढा से ये सारे सवाल हुए थे। RC को लेकर राघव ने कहा था कि पंजाब रिमोट कंट्रोल से चल रहा है लेकिन ये लोगों के हाथ में है। 2014 में AAP में शामिल होने के बाद से भगवंत मान उनके पहले दोस्त हैं। केजरीवाल पर केस से रिश्ते बिगड़ने शुरू हुए राघव चड्ढा के AAP नेतृत्व से रिश्ते बिगड़ने 2024 में शुरू हुए। जब मार्च 2024 में AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को ED ने शराब घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार कर लिया। केजरीवाल सितंबर 2024 तक जेल में रहेे। इस दौरान AAP नेताओं ने दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन किया। पंजाब वाले भी दिल्ली प्रदर्शन करने गए, राघव नहीं आए पंजाब के नेता भी दिल्ली प्रदर्शन करने पहुंचे लेकिन राघव चड्ढा नजर नहीं आए। 13 सितंबर 2024 को केजरीवाल जेल से बाहर आए, तब भी राघव चड्ढा नहीं दिखे। माना जा रहा है कि यहीं से AAP से उनके रिश्ते बिगड़ने शुरू हुए। पूर्व दिल्ली CM आतिशी मार्लेना ने भी सवाल उठाए कि जब पूरी पार्टी सड़कों पर थी तो वह क्यों नहीं आए। कुछ कहा क्यों नहीं?। तब ये भी कहा गया कि राघव चड्ढा उस वक्त UK में अपनी आंखों का ऑपरेशन करवाने के लिए गए थे। राघव ने कहा था- अपनी अनुपस्थिति का अहसास कराओ केजरीवाल के पक्ष में प्रदर्शन न करने पर चड्ढा ने कहा था कि वह मार्च 2024 के पहले हफ्ते में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में व्याख्यान के लिए गए थे। वहां रेटीना के कुछ स्पॉट ठीक कराने के लिए प्रिवेंटिव आई सर्जरी करानी पड़ी। राघव ने कहा था कि कुछ लोग उनकी 13 साल की राजनीतिक यात्रा को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। राघव ने ये भी कहा था कि ‘अपनी उपस्थिति का अहसास कराने की कोशिश मत करो, अपनी अनुपस्थिति का अहसास कराओ’ पंजाब सिसोदिया को सौंपा तो चड्ढा ने राह बदली इसी बीच फरवरी 2025 में दिल्ली में AAP की हार हो गई। जिसे देखते हुए अरविंद केजरीवाल ने पंजाब पर फोकस करना शुरू कर दिया। जरनैल सिंह की जगह मनीष सिसोदिया को प्रभारी बना दिया। चड्ढा की जगह सतेंद्र जैन को सहप्रभारी लगा दिया। इसके बाद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में जनहित के मुद्दे उठाने शुरू कर दिए। AAP नेता सौरभ भारद्वाज और अनुराग ढांडा ने कहा कि वह पार्टी के लिए अलॉट टाइम में AAP के मुद्दे नहीं उठा रहे थे। यहां तक कि पश्चिम बंगाल को लेकर CEC के खिलाफ प्रस्ताव में साइन करने से भी इनकार कर दिया। CM भगवंत मान ने भी कहा कि पार्टीलाइन पर नहीं चल रहे थे। जिस वजह से उन पर कार्रवाई हुई। ------------ ये खबर भी पढ़ें… दावा- राघव चड्ढा को केजरीवाल के घर मुर्गा बनाकर पीटा: हरियाणा AAP पूर्व अध्यक्ष बोले- आंख पर चोट आई, इसका इलाज कराने इंग्लैंड गए सांसद आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद विवाद बढ़ता जा रहा है। हरियाणा से AAP के प्रदेश अध्यक्ष रहे नवीन जयहिंद ने AAP नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जयहिंद ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि राघव चड्ढा को दिल्ली में केजरीवाल के शीशमहल (CM हाउस) में बुलाकर मुर्गा बनाकर पीटा गया था। 4 नेताओं के सामने उनसे मारपीट हुई थी। (पढ़ें पूरी खबर) राघव चड्ढा का जवाब- खामोश कराया, हारा नहीं, AAP बोली- कोई मोदी से डर जाए तो क्या लड़ेगा; कल राज्यसभा उपनेता पद से हटाया था आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने को लेकर शुक्रवार को पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किए वीडियो में कहा- मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं। आम आदमी को ये मेरा संदेश है। (पढ़ें पूरी खबर)
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