भयानक होती जा रही अमेरिका ईरान जंग के बीच भारत लगातार अपने भविष्य को सुरक्षित रखने में जुटा है। इसी कड़ी में भारत ने अचानक एक देश को 10 लाख किलो चावल भेज दिए। यह चावल भारत के लिए भविष्य में खजाना साबित होंगे। भारत ने जिस देश को लाखों किलो चावल भेजा है, उसके बदले यह देश जरूरत पड़ने पर भारत को सोना देगा। यह एक ऐसा देश है जिसका नाम आपने शायद पहले कभी नहीं सुना होगा। लेकिन जिसके बारे में किसी ने ना सुना हो और ना सोचा हो वहीं पर पीएम मोदी बड़ा दांव खेलते हैं। भारत ने जिस देश को 10 लाख किलो चावल भेजा है उस देश का नाम बुरकीना फासो है। बुर्कीना फासो एक अफ्रीकी देश है जिसका राष्ट्रपति यह 37 साल का शख्स है। इनका नाम है इब्राहिम त्रावरे। रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन भी इब्राहिम त्रावरे के फैन हैं।
पिछले ही साल पुतिन ने इब्राहिम को रूस मिलने के लिए बुलाया था। ऐसे में सवाल है कि भारत बुर्कीना फासो को लाखों किलो चावल क्यों भेज रहा है? भारत के लिए बुर्कीना फासो क्यों महत्वपूर्ण है? दरअसल भारत वर्तमान और भविष्य के लिए अफ्रीका के देशों पर दांव लगा रहा है और इसका फायदा भी भारत को मिल रहा है। भारत को पूरे अफ्रीकी महाद्वीप का महत्व पता है। भारत के लिए अफ्रीका महाद्वीप रणनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। पश्चिमी देशों के प्रभुत्व में अफ्रीका को जो सम्मान मिलना चाहिए था वह दशकों से नहीं मिला। लेकिन भारत वो देश है जिसने अफ्रीका यूनियन को अमीर देशों के संगठन G20 का हिस्सा बनवा दिया। अब अफ्रीका के देश भारत का एहसान चुका रहे हैं। सबसे पहले जब स्टेट ऑफ हार्मोस बंद हो गई तो अफ्रीकी देश अंगोला ने भारत को एलपीजी गैस बेचने का ऐलान कर दिया। भारत अब अफ्रीकी देश अंगोला से एलपीजी लेगा। इसके अलावा पेट्रोल संकट के दौरान भी अफ्रीकी देश नाइजीरिया ने भारत को तेल बेचा। लेकिन यहां पर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत के भविष्य को और मजबूत करने के लिए भी अफ्रीकी देश सामने आ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण बुर्कीना फासो ही है।
बुरर्कीना फासो के पास जो नहीं है वो उसे भारत दे रहा है और जो भारत को चाहिए वह बुर्कीना फासो दे रहा है। दरअसल बुरकीना फासो ने हालिया समय में अस्थिरता और प्राकृतिक संकट का सामना किया है। इससे बुरकीना फासो की आर्थिक हालत चरमरा गई है। हालांकि बुर्कीना फासो खनिज संपदा से संपन्न देश है। बुर्कीना फासो को अफ्रीका का सबसे बड़ा सोना उत्पादक देशों में गिना जाता है। ऐसे में अभी संकट का सामना कर रहे बुर्कीना फासो को भारत ने मानवीय मदद के तौर पर 1000 मेट्रिक टन चावल यानी 10 लाख किलो चावल भेज दिया है। इसका एहसान चुकाने के लिए बुरकीना फासो अपने देश से सही दाम पर भारत को जमकर सोना बेचेगा। वैसे तो बुर्कीना फासो पहले से ही भारत को सोना बेचता आया है। लेकिन अब बुरकीना फासो भारत को और भी फायदेमंद डील दे सकता है। आपको बता दें कि उतार-चढ़ाव के बाद भी सोना दुनिया की पहली पसंद बना हुआ है। सोना एक तरह की ग्लोबल करेंसी ही है। मजे की बात देखिए कि बुरर्कीना फासो को 10 लाख किलो चावल देने से कुछ दिन पहले ही भारत ने एक और अफ्रीकी देश सियरा लियोन को भी 10 लाख किलो चावल भेजे हैं। आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि सियरा लियोन के पास प्रचुर मात्रा में हीरा है। भारत की अर्थव्यवस्था में डायमंड सेक्टर का बड़ा योगदान है जो खासतौर पर सूरत से चलता है। भारत पॉलिश्ड डायमंड का सबसे बड़ा ग्लोबल एक्सपोर्टर है। भारत का डायमंड सेक्टर करोड़ों भारतीयों को रोजगार देता है। ऐसे में दुनिया के सबसे बड़े हीरा उत्पादक देशों में से एक सिरा लियोन की भी भारत ने मदद कर दी है।
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खाड़ी में जंग अपने चरम पर है। आसमान में गूंजती मिसाइलों की आवाज, ड्रोन की भनभनाहट और जलते शहरों के बीच अब एक नई तस्वीर सामने आई है। ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य इकाई आईआरजीसी के एयररोस्पेस चीफ फिर से मैदान में लौट आए हैं। मेजर जनरल माजिद मौसमी जिनको लेकर कुछ वक्त पहले तक गायब होने या फिर इसरली हमलों में मारे जाने की खबरें चलाई जा रही थी। अब खुद युद्ध के बीच सक्रिय नजर आने लगे हैं। ईरानी स्टेट मीडिया द्वारा जारी वीडियो में मौसमी को अंडरग्राउंड मिसाइल बेस का दौरा करते हुए सैनिकों से मिलते हुए और ऑपरेशन की ब्रीफिंग लेते हुए देखा गया। यह वही वक्त है जब जंग लगातार तेज हो रही है और ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमले जारी हैं। लेकिन दूसरी तरफ ईरान भी झुक नहीं रहा, रुक नहीं रहा। उसकी तरफ से मिसाइल और ड्रोन अटैक खाड़ी के तमाम देशों समेत इजराइल पर बेरुकावट की जा रही है। लेकिन इन हमलों के बीच ईरान ने एक अलग ही तस्वीर दिखाने की कोशिश भी की है। वो है एकजूटता की ताकत और जवाबी क्षमता की।
बैलस्टिक मिसाइलों के विशाल भंडार और लगातार हो रहे ल्च यह संकेत भी देने लगे हैं कि ईरान सिर्फ बचाव नहीं कर रहा बल्कि आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में डटा हुआ है। हालांकि इस कहानी का एक दूसरा पहलू जो पश्चिमी मीडिया रिपोर्ट कर रहा है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक माजिद मौसमी को लेकर आईआरजीसी के अंदर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ सूत्रों का दावा है कि जंग के शुरुआती दौर में उनकी अनुपस्थिति एयरस्पेस यूनिट को कमजोर बना चुकी है और इस दौरान हुए नुकसान के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। यहां तक कि उनके खिलाफ शीर्ष नेतृत्व तक शिकायतें पहुंचने की भी बात सामने आई।
आरोप यह भी लगा कि मिसाइल हमलों और उनके नतीजों को लेकर गलत आंकड़े तक पेश किए गए। लेकिन इन तमाम दावों के बीच ईरान का आधिकारिक रुख बिल्कुल अलग है। तेरान किसी भी तरीके की अंदरूनी मतभेद को सिरे से खारिज कर रहा है और इसके बजाय अपनी मिसाइल और ड्रोन ताकत को दुनिया के सामने प्रदर्शित कर रहा है। यानी एक तरफ सवाल जो पश्चिमी मीडिया उठा रहा है। दूसरी तरफ ईरान बिना टूटे शक्ति प्रदर्शन और इसी बीच जंग लगातार और खतरनाक होती जा रही है। इस पूरे संघर्ष में एक और बड़ा मोड़ सामने आया। अमेरिका की रणनीति और उसकी अनिश्चितता की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां बार-बार जंग खत्म करने की बातें करते हैं, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
ईरान अब खुले तौर पर अमेरिका को चुनौती दे रहा है और यहां तक कह रहा है कि वाशिंगटन को खुद नहीं पता कि इस जंग में बाहर कैसे निकला जाए। तेहरान का दावा है कि अमेरिका अपने लक्ष्य हासिल करने में नाकाम रहा है और इसी वजह से अब रणनीति बदलने पर मजबूर है। वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन के करीबी सहयोगी ने भी अमेरिका की इस जंग पर सवाल खड़े किए। इन सबके बीच ईरान लगातार यह संदेश देने की कोशिश में है कि भारी नुकसान झेलने के बावजूद वह कमजोर नहीं पड़ा बल्कि पहले से ज्यादा संगठित और आक्रामक होकर उभरा है। जैसे-जैसे जंग पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है। सवाल यही है क्या यह संघर्ष अब एक नए संतुलन की ओर बढ़ रहा है। जहां दबाव के बावजूद ईरान खुद को मजबूत साबित करने में सफल हो रहा है। क्या महज ₹18 लाख का एक सस्ता ड्रोन 800 करोड़ के अत्याधुनिक अमेरिकी फाइटर जेट को मात दे सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा करते हैं कि ईरानी सेना जजर हो चुकी है। लेकिन इराक के आसमान से आई इन तस्वीरों ने एक नई बहस छेड़ दी है। देखिए कैसे ईरान का शाहे ड्रोन दुनिया के सबसे घातक शिकारी F15 की आंखों में धूल झोंक कर अपने टारगेट को तबाह कर देता है।
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