गौतम अदाणी ने 2030 तक अदाणी पोर्ट्स के लिए 1 अरब टन कार्गो संभालने का लक्ष्य निर्धारित किया
अहमदाबाद, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने शुक्रवार को अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड (एपीएसईजेड) के लिए 2030 तक एक अरब टन कार्गो संभालने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया। यह लक्ष्य कंपनी द्वारा 50 करोड़ टन का आंकड़ा पार करने की ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाने के अवसर पर रखा गया।
गौतम अदाणी ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा, आज की शाम को केवल 50 करोड़ टन का लक्ष्य हासिल करने का जश्न मनाने के क्षण के रूप में ही याद न किया जाए। इसे उस क्षण के रूप में याद किया जाए, जब हमने अपने विश्वास को नवीकृत किया और अगले लक्ष्य 2030 तक एक अरब टन की ओर अग्रसर होने के लिए विराम लिया।
उन्होंने कहा कि यह अवसर रुककर पीछे मुड़कर देखने, समूह द्वारा निर्मित विशालता को समझने और एपीएसईजेड द्वारा 50 करोड़ टन कार्गो का आंकड़ा पार करने की असाधारण उपलब्धि पर विचार करने का एक दुर्लभ मौका है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि समूह यहीं नहीं रुकेगा और एपीएसईजेड, अदाणी समूह और भारत का सर्वश्रेष्ठ समय अभी आना बाकी है।
गौतम अदाणी ने मुंद्रा बंदरगाह की स्थापना की कहानी सुनाते हुए भावुक स्वर में कहा, 1990 के दशक में अहमदाबाद से मुंद्रा तक एक पुरानी कॉन्टेसा कार में रात भर की यात्राएं करना उनके लिए एक यादगार अनुभव था। उस समय सड़कें नाम की भी नहीं थीं और पूरा इलाका दलदली भूमि से घिरा हुआ था। उन्होंने अपने कर्मचारी मलय के साथ की गई उन सुनसान यात्राओं का वर्णन किया, जो यात्रा को खुशनुमा बनाने के लिए रास्ते में हिंदी ब्लॉकबस्टर फिल्म मुकद्दर का सिकंदर का टाइटल सॉन्ग गाते थे।
उन्होंने आगे कहा,किसी तरह, उस विशाल खालीपन के बीच, सिकंदर महान की महिमा का गुणगान करने वाले एक गीत का दर्शन हमारा निजी गान बन गया और शायद, पूरी तरह से महसूस किए बिना भी, इसने हमारे भीतर छिपी किसी गहरी भावना को आवाज दी - यह दृढ़ विश्वास कि यदि भाग्य अपने आप आपके पास नहीं आता है, तो आपको बाहर जाकर उसे स्वयं बनाना होगा।
गौतम अदाणी ने कहा कि महान संगठन दो चरणों में बनते हैं। पहला, मन में - आशा, आत्मविश्वास और दृढ़ विश्वास के द्वारा - और दूसरा, वास्तविक दुनिया में, जहां सपने पल-पल, ईंट-दर-ईंट, हाथों-हाथ साकार होते हैं।
उन्होंने आगे कहा, इसलिए, आज हम जिस उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं, उसे केवल व्यावसायिक दृष्टि से नहीं मापा जा सकता। यह हमारे लोगों के बारे में है - उन लोगों के बारे में जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया, मेरे साथ चले और मेरे साथ मिलकर निर्माण किया।
गौतम अदाणी ने आगे कहा कि 50 करोड़ टन जैसी उपलब्धियों का जश्न समूह की यादों से जुड़ा है, जिसमें संघर्ष, विजय, असफलता शामिल है, ये सभी यादें अदाणी भावना को परिभाषित करती हैं।
साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंततःअंतिम चरण में किया गया मानवीय प्रयास ही बुनियादी ढांचे को सुचारू रूप से चलाने में सक्षम बनाता है।
गौतम अदाणी ने आगे कहा, इसीलिए हमारे 50 करोड़ टन के इस मील के पत्थर को उन सभी लोगों के सम्मान में व्यक्त किया जाना चाहिए जो अंतिम चरण को पूरा करते हैं: क्रेन ऑपरेटर जो उत्पादकता और सुरक्षा के निरंतर दबाव में सटीकता से काम करते हैं। समुद्री टीमें जो जहाजों, ज्वार-भाटे, चैनलों और समय-सारणी को सुचारू रूप से संचालित करती हैं। योजनाकार और लॉजिस्टिक्स टीमें जो सैकड़ों गतिशील कारकों के बीच जटिलता का प्रबंधन करती हैं।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अबू धाबी में मिसाइल इंटरसेप्शन के बाद मलबे गिरने से 12 घायल, पांच भारतीय भी शामिल
अबू धाबी, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। अबू धाबी के अजबान इलाके में शुक्रवार को एक मिसाइल इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे ने पांच भारतीय नागरिकों सहित 12 लोगों को घायल कर दिया। यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ने मिसाइल को निष्क्रिय तो कर दिया, फिर भी नुकसान उठाना पड़ा।
अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में कहा, “अजबान इलाके में वायु रक्षा प्रणाली की ओर से सफल इंटरसेप्शन के बाद मलबा गिरने से छह नेपाली और पांच भारतीय नागरिकों को मामूली से मध्यम चोटें आई हैं, जबकि एक नेपाली नागरिक को गंभीर चोटें आई हैं। जनता से अनुरोध किया जाता है कि केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें और अफवाहें या अविश्वसनीय जानकारी फैलाने से बचें।”
इस बीच, यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि शुक्रवार को उसकी वायु रक्षा ने ईरान से लॉन्च की गई 18 बैलिस्टिक मिसाइलें, चार क्रूज मिसाइलें और 47 यूएवी को इंटरसेप्ट किया।
बयान के अनुसार, यूएई की वायु रक्षा ने अब तक ईरानी हमलों की शुरुआत से 475 बैलिस्टिक मिसाइलें, 23 क्रूज मिसाइलें और 2,085 यूएवी को इंटरसेप्ट किया है।
इन हमलों में दो सशस्त्र बल के सदस्यों की शहादत हुई, जो अपने राष्ट्रीय कर्तव्य का पालन कर रहे थे। इसके अलावा सशस्त्र बल की ओर से अनुबंधित एक मोरोक्को के नागरिक की शहादत हुई। साथ ही पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी, फिलिस्तीनी और भारतीय नागरिकों की नौ मौतें हुईं।
कुल 203 लोग घायल हुए, जिनमें चोटें मामूली, मध्यम और गंभीर श्रेणी की थीं। घायल लोगों में यूएई, मिस्र, सूडान, इथियोपिया, फिलीपींस, पाकिस्तान, ईरान, भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, अजरबैजान, यमन, युगांडा, एरिट्रिया, लेबनान, अफगानिस्तान, बहरीन, कोमोरोस, तुर्की, इराक, नेपाल, जॉर्डन, नाइजीरिया, ओमान, फिलिस्तीन, घाना, इंडोनेशिया, स्वीडन और ट्यूनीशिया के नागरिक शामिल थे।
यूएई का रक्षा मंत्रालय किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है और उसने ऐसे किसी भी प्रयास का मुकाबला करने का वादा किया है, जो यूएई की सुरक्षा को कमजोर करने का लक्ष्य रखते हैं, ताकि इसकी संप्रभुता, सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा हो और इसके राष्ट्रीय हित और क्षमताएं सुरक्षित रहें।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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