दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट से निकला धुआं, लखनऊ में की आपातकालीन लैंडिंग
नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को बीच हवा में धुएं की चेतावनी मिलने के बाद लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। पायलट ने इस आपात स्थिति की जानकारी देने के लिए पैन-पैन कॉल भी किया था।
बागडोगरा से दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को सोमवार शाम धुएं का संकेत मिलने के बाद लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।
फ्लाइट में 148 यात्री और 6 चालक दल के सदस्य सवार थे। विमान के एवियोनिक्स बे (जहां महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम होते हैं) में धुआं देखा गया, जिसके बाद पायलट ने ‘मेड-डे’ कॉल की बजाय ‘पैन-पैन’ कॉल की। यह कॉल ऐसी स्थिति के लिए होती है जो गंभीर है लेकिन तुरंत जानलेवा नहीं।
सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित रहे और विमान बिना किसी घटना के लखनऊ में उतर गया। एयरलाइन ने कहा कि चालक दल ने तुरंत सावधानी बरतते हुए फ्लाइट को डायवर्ट किया, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। लैंडिंग के बाद यात्रियों को रिफ्रेशमेंट दिया गया और बाद में उन्हें दिल्ली के लिए अन्य फ्लाइटों में बैठाया गया।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि डायवर्ट करने का निर्णय मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुसार लिया गया। एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए माफी भी मांगी।
लैंडिंग के बाद विमान को ‘एयरक्राफ्ट ऑन ग्राउंड’ घोषित किया गया, यानी विमान को निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत के लिए स्थायी रूप से लखनऊ हवाई अड्डे पर रोका गया है।
इससे पहले, इसी महीने एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक और फ्लाइट को फुकेट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंडिंग के बाद तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा था। 11 मार्च को हैदराबाद–फुकेट फ्लाइट आईएक्स 938 के विमान के नोज व्हील में समस्या आई थी। एयरलाइन ने बताया कि विमान में समस्या के बावजूद कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
छांगयिंग-8 बड़े परिवहन ड्रोन की पहली उड़ान पूरी
बीजिंग, 31 मार्च (आईएएनएस)। चीन के पहले सात टन स्तरीय बड़े परिवहन ड्रोन छांगयिंग-8 ने मंगलवार को हनान प्रांत के चंगचो शहर में अपनी पहली उड़ान पूरी की।
बताया जाता है कि छांगयिंग-8 बड़े परिवहन ड्रोन का अनुसंधान चाइना नॉर्थ इंडस्ट्रीज ग्रुप ने खुद किया। परिवहन ड्रोन की लंबाई 17 मीटर है और पंखों का फैलाव 25 मीटर है। 18 घन मीटर के सुपर बड़े कार्गो होल्ड में कई तरह के मानक वायु कंटेनर और पेशेवर कोल्ड चेन स्टोरेज कंटेनर रखे जा सकते हैं। 15 मिनट में सभी की लोडिंग और अनलोडिंग पूरी हो सकती है, जिससे रसद कारोबार की क्षमता काफी हद तक उन्नत होगी।
छांगयिंग-8 का टेकऑफ वजन 7 टन तक पहुंचा और भार क्षमता 3.5 टन है। इसकी अधिकतम यात्रा सीमा 3,000 किलोमीटर से अधिक है। अलग-अलग स्थितियों का अनुकूलन करने के लिए छांगयिंग-8 पठार पर और कम से कम 200 मीटर की छोटी दूरी पर टेकऑफ और लैंडिंग कर सकता है।
भविष्य में छांगयिंग-8 का प्रयोग ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स, पठार व द्वीपीय क्षेत्रों में जीवन तथा बुनियादी संस्थापनों से जुड़ी सामग्री की आपूर्ति, आपातकालीन बचाव और बाढ़ नियंत्रण व आपदा राहत आदि में किया जाएगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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