दक्षिणी दुबई में मिसाइल इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे से चार घायल, दो भारतीय शामिल
अबू धाबी, 31 मार्च (आईएएनएस)। यूएई के दक्षिणी दुबई में रिहायशी घरों पर मंगलवार को मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकने के बाद उसका मलबा गिरने से चार लोग घायल हो गए, जिनमें दो भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
दुबई सरकार के मीडिया ऑफिस की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, इस घटना को सुरक्षा के उच्चतम मानकों के अनुसार संभाला गया।
दुबई सरकार के मीडिया ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट करते हुए कहा, अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दक्षिणी दुबई में घरों पर मिसाइल को रोकने के दौरान गिरे मलबे से हुई इस घटना में दो भारतीय नागरिकों, एक बांग्लादेशी नागरिक और एक श्रीलंकाई नागरिक को मामूली चोटें आई हैं। इस घटना को सुरक्षा के उच्चतम मानकों के अनुसार संभाला गया। अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
दुबई सरकार के मीडिया ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वे दक्षिणी दुबई में रिहायशी घरों पर मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकने के दौरान गिरे मलबे से हुई एक घटना पर कार्रवाई कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप संपत्ति को नुकसान पहुंचा है और चार एशियाई नागरिकों को मामूली चोटें आई हैं।
यह घटना पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच सामने आई है। यह संघर्ष 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था, जिसके परिणामस्वरूप ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई थी।
इसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल की सुविधाओं, क्षेत्रीय राजधानियों और सहयोगी सेनाओं को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू किए हैं।
इस बीच, यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मंगलवार को ईरान से छोड़ी गई आठ बैलिस्टिक मिसाइलें, चार क्रूज मिसाइलें और 36 यूएवी को निष्क्रिय किया।
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरानी हमलों की शुरुआत से अब तक 433 बैलिस्टिक मिसाइलें, 19 क्रूज मिसाइलें और 1,977 यूएवी को रोका जा चुका है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों में राष्ट्रीय कर्तव्य निभाते हुए सशस्त्र बलों के दो सदस्य शहीद हुए। साथ ही सशस्त्र बलों के साथ अनुबंधित एक मोरक्को के नागरिक की भी मौत हुई। इसके अलावा पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, फिलिस्तीन और भारत के नागरिकों सहित 8 लोगों की मौत हुई।
इन हमलों में कुल 188 लोग घायल हुए हैं, जिनमें चोटें मामूली से लेकर गंभीर तक हैं। घायलों में यूएई, मिस्र, सूडान, इथियोपिया, फिलीपींस, पाकिस्तान, ईरान, भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, अज़रबैजान, यमन, युगांडा, इरिट्रिया, लेबनान, अफगानिस्तान, बहरीन, कोमोरोस, तुर्किये, इराक, नेपाल, नाइजीरिया, ओमान, जॉर्डन, फिलिस्तीन, घाना, इंडोनेशिया, स्वीडन और ट्यूनीशिया के नागरिक शामिल हैं।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका का रुख सख्त, ईरान को दी खुली चेतावनी
वॉशिंगटन, 31 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने मंगलवार को कहा कि वॉशिंगटन पहले ही ऐसे कदम उठा चुका है, जिससे होर्मुज स्ट्रेट को चालू रखा जा सके, भले ही ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी हो।
पीट हेगसेथ ने कहा कि आज वहां पहले की तुलना में कहीं ज्यादा जहाज गुजर रहे हैं। अमेरिका ने ईरान को साफ कर दिया है कि इसे व्यापार के लिए खुला रखें, वरना, हमारे पास दूसरे विकल्प भी हैं।
उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज “एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग” है और इसे केवल अमेरिका की जिम्मेदारी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। दुनिया को ध्यान देना चाहिए कि यह सिर्फ यूनाइटेड स्टेट्स नेवी की जिम्मेदारी नहीं है। अन्य देशों को भी समुद्री यातायात की सुरक्षा में योगदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए।
हेगसेथ ने व्यापक सैन्य प्रयासों का भी जिक्र किया, जिसमें ईरान की नौसैनिक क्षमताओं जैसे माइन बिछाने वाली प्रणालियां, तटीय क्रूज मिसाइलें और मानव रहित हवाई प्रणालियां (ड्रोन) को निशाना बनाना शामिल है।
उन्होंने कहा कि हम शुरुआत से ही इन क्षमताओं को कमजोर और खत्म करने तथा उनके विकल्पों को सीमित करने पर ध्यान दे रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया कि जलमार्ग की सुरक्षा के लिए खुली और गुप्त दोनों तरह की रणनीतियां लागू की जा रही हैं। हम बहुत कुछ कर रहे हैं। कुछ ऐसा जो ज्ञात है और कुछ ऐसा जो ज्ञात नहीं है, ताकि हालात को अनुकूल बनाया जा सके।
पेंटागन का जिम्मेदारी बांटने पर जोर इस बात को दर्शाता है कि सहयोगी देशों से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों की सुरक्षा में भागीदारी की मांग बढ़ रही है। खासकर ऐसे समय में जब ईरान के साथ तनाव से व्यापारिक जहाजों पर खतरा बढ़ गया है।
होर्मुज स्ट्रेट जो पर्शियन गल्फ को वैश्विक बाजारों से जोड़ता है, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। इसमें किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ सकता है।
अमेरिका ने बार-बार चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर किसी भी तरह का खतरा कड़ी प्रतिक्रिया को जन्म देगा, जो वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री स्थिरता में इसकी अहम भूमिका को रेखांकित करता है।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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