ब्रिटिश एयरवेज के पूर्व चीफ विलियम इंडिगो के नए CEO:3 अगस्त तक संभालेंगे पद; चेयरमैन बोले- इंटरनेशनल मार्केट में दबदबा बनाने पर फोकस रहेगा
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के नए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) विलियम वॉल्श होंगे। वॉल्श फिलहाल इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) में डायरेक्टर जनरल के रूप में काम कर रहे हैं। उनका कार्यकाल 31 जुलाई को समाप्त होगा। इसके बाद वे 3 अगस्त 2026 तक इंडिगो में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति के लिए अभी रेगुलेटरी अप्रूवल मिलना बाकी है। इंडिगो के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा कि, 'विलियम वॉल्श ने कई एयरलाइंस को लीड किया है। बड़े पैमाने पर एयरलाइन ऑपरेशंस को मैनेज करने और जटिल मार्केट डायनेमिक्स को समझने का उनका अनुभव इंडिगो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगा। यह इंडिगो की यात्रा में नया अध्याय साबित होगा।' विलियम को एविएशन सेक्टर में 40 साल का एक्सपीरियंस एविएशन इंडस्ट्री में 'विली' नाम से फेमस विलियम वॉल्श के पास विमानन क्षेत्र में 40 साल का एक्सपीरियंस है। ब्रिटिश एयरवेज और इंटरनेशनल एयरलाइंस ग्रुप (IAG) के CEO रह चुके हैं। IAG वही ग्रुप है जिसके पास आयरिश एयरलाइन एयर लिंगस, ब्रिटिश एयरवेज, इबेरिया, लेवल और वुएलिंग जैसे बड़े ब्रांड्स का स्वामित्व है। वर्तमान में वे दुनियाभर की एयरलाइंस की संस्था IATA का नेतृत्व कर रहे हैं। क्या होगी वॉल्श की मुख्य जिम्मेदारी? इंडिगो में अपनी नई जिम्मेदारी संभालते हुए विलियम वॉल्श पूरी एयरलाइन के कामकाज और आगे की प्लानिंग पर नजर रखेंगे। उनका सबसे ज्यादा ध्यान 4 बातों पर होगा। इंडिगो के CEO पीटर एलबर्स का इस्तीफा कंपनी ने 10 मार्च को बताया था कि पीटर एलबर्स ने CEO के पद से इस्तीफा दे दिया है। तब से कंपनी के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया अंतरिम तौर पर एयरलाइन के कामकाज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। राहुल भाटिया को लिखे अपने इस्तीफे में पीटर एलबर्स ने पद छोड़ने के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने कंपनी से अपना नोटिस पीरियड खत्म करने की भी अपील की ताकि वे तत्काल प्रभाव से पद मुक्त हो सकें। फ्लाइट ऑपरेशन में गड़बड़ी के कारण ₹22 करोड़ जुर्माना लगा था दिसंबर-2026 में इंडिगो को भारी फ्लाइट ऑपरेशंस संकट का सामना करना पड़ा था। उस दौरान करीब 3 लाख यात्री फंसे रह गए थे, जिसके बाद एविएशन रेगुलेटर DGCA ने जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरती। इसके बाद इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई थी। इस घटना के बाद से ही बोर्ड और CEO के बीच तालमेल में कमी आने लगी थी। दिसंबर से ही दबाव में थे पीटर एलबर्स पीटर एलबर्स ने सितंबर 2022 में इंडिगो की कमान संभाली थी। पिछले साल दिसंबर में एयरलाइन को अपने इतिहास के सबसे खराब ऑपरेशनल संकट का सामना करना पड़ा था। सैकड़ों उड़ानें रद्द होने और देरी की वजह से एयरलाइन की साख पर बुरा असर पड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संकट की वजह से कंपनी को करीब ₹2,000 करोड़ का नुकसान भी हुआ था। तभी से एलबर्स पर इस्तीफे का दबाव था। 3 ग्राफिक्स में जानें इंडिगो संकट की वजह, एयरलाइन का जबाव और सरकार का एक्शन
Hill Stations: शिमला-मनाली से हटकर इन 3 हिल स्टेशनों पर बिताएं सुकून भरी छुट्टियां, दोस्तों के साथ बनाएं प्लान
Hill Stations In India: गर्मियों का मौसम आते ही छुट्टियों की प्लानिंग शुरू हो जाती है और अक्सर लोग शिमला, मनाली या नैनीताल जैसी भीड़-भाड़ वाली जगहों की ओर रुख करते हैं। लेकिन अगर आप इस बार शांति, ताजी हवा और नेचर के करीब समय बिताना चाहते हैं, तो भीड़-भाड़ से दूर ये 3 हिल स्टेशन आपके लिए परफेक्ट हैं। यहां आप दोस्तों के साथ सुकून भरी छुट्टियां मना सकते हैं, ट्रेकिंग कर सकते हैं, प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं और रोज़मर्रा की भागदौड़ से दूर कुछ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं। आइए जानते हैं इन खास हिल स्टेशनों के बारे में।
कौसानी, उत्तराखंड
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित कौसानी अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए मशहूर है और इसे अक्सर “भारत का स्विट्जरलैंड” कहा जाता है। यहां से हिमालय की प्रमुख चोटियां जैसे त्रिशूल, नंदा देवी और पंचाचूली साफ दिखाई देती हैं। घने चीड़ के जंगलों और हरियाली से भरे चाय के बागानों के बीच बसा यह छोटा सा गांव उन लोगों के लिए आदर्श है, जो शांति और प्रकृति के बीच समय बिताना चाहते हैं।
शोझा, हिमाचल प्रदेश
कुल्लू जिले में स्थित शोझा एक शांत और कम व्यस्त हिल स्टेशन है। यह जलोड़ी पास के पास स्थित है और अपनी पारंपरिक लकड़ी की वास्तुकला और पुराने मंदिरों के लिए जाना जाता है। यहां की हरियाली और शांत वातावरण आपको शहर की भागदौड़ से दूर आराम और सुकून का अनुभव कराएंगे।
पब्बर वैली, हिमाचल प्रदेश
शिमला से थोड़ी दूरी पर स्थित पब्बर वैली अभी भी अधिकांश पर्यटकों की नजरों से दूर है। यह घाटी अपने सेब के बागानों, कल-कल बहती पब्बर नदी और घने देवदार के जंगलों के लिए प्रसिद्ध है। यहां आप ट्रेकिंग, फिशिंग और कैंपिंग का आनंद ले सकते हैं। सबसे खास बात यह है कि पब्बर वैली अभी भी हिल स्टेशन के रूप में कम जानी-पहचानी है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
Haribhoomi












.jpg)





