सेंसेक्स निचले स्तरों से करीब 1,800 अंक उछलकर बंद; आईटी सेक्टर रहा टॉप परफॉरमर
मुंबई, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का सत्र उतार-चढ़ाव भरा रहा। बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, लेकिन दिन के अंत में तेजी के साथ बंद हुआ।
कारोबारी सत्र में बाजार में मजबूती रिकवरी देखी गई। सेंसेक्स में इंट्रा-डे लो 71,545 अंक से 1,774 अंक की बढ़त देखी गई।
दिन के अंत में सेंसेक्स 185.23 अंक या 0.25 प्रतिशत की तेजी के साथ 73,319.55 की बढ़त के साथ बंद हुआ।
निफ्टी में इंट्रा-डे लो 22,182 से 531 अंक की रिकवरी देखी गई। यह 33.70 अंक या 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,713.10 पर बंद हुआ।
बाजार में तेजी का नेतृत्व आईटी शेयरों ने किया। सूचकांकों में निफ्टी आईटी 2.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। निफ्टी रियल्टी 1.07 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 0.54 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 0.39 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.39 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी 0.21 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ।
दूसरी तरफ निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.93 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 0.92 प्रतिशत, निफ्टी हेल्थकेयर 0.86 प्रतिशत, निफ्टी ऑयलएंडगैस 0.79 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 0.62 प्रतिशत और निफ्टी इन्फ्रा 0.45 प्रतिशत की कमजोरी के साथ लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, टाइटन, एक्सिस बैंक, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, इंडिगो, एलएंडटी और एसबीआई गेनर्स थे। एशियन पेंट्स, इटरनल, सन फार्मा, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व और टाटा स्टील लूजर्स थे।
लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में कमजोरी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 142.10 अंक या 0.26 प्रतिशत की कमजोरी के सथ 53,677.05 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 59.30 अंक या 0.38 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,650.50 पर था।
एसबीआई सिक्योरिटीज के फंडामेंटल रिसर्च के प्रमुख सन्नी अग्रवाल ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर संभावित भीषण हमलों की आशंका जताने वाले ट्वीट के बाद, भारतीय सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट देखी गई। ये सूचकांक क्रमशः 500 अंक और 1500 अंक तक गिर गए। हालांकि, सत्र के मध्य में मूल्य आधारित खरीदारी और रुपए में आई मजबूती के कारण बाजारों में जोरदार सुधार हुआ। रुपए ने पिछले 12 वर्षों में अपनी सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की। इसके चलते दोनों सूचकांक सकारात्मक स्तर पर बंद हुए।
--आईएएनएस
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Rajasthan Development News: 910 करोड़ की लागत से बदलेगा जयपुर-किशनगढ़ मार्ग, 5 फ्लाईओवर निर्माण को मिली मंजूरी
Rajasthan Development News: राजस्थान सरकार ने प्रदेश में सड़कों के निर्माण के लिए नए प्रोजेक्ट के लिए राशि जुटा ली है. इससे मार्गों का एडवांस डेवलपमेंट होने वाला है. दरअसल, भजनलाल सरकार ने जयपुर में यातायात को सुगम और आधुनिक बनाने के लिए नई पहल की शुरू की है. जयपुर में किशनगढ़ जाने वाले नेशनल हाईवे पर 5 नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे. इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट को साकार करने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को 910.90 करोड़ रुपयों की मंजूरी दे दी है.
क्या होगा इस नए फ्लाईओवर के बनने से?
अगर राजस्थान सरकार का यह प्रोजेक्ट के पूरा हो जाता है तो इससे कई फायदे होने वाले हैं. इस फ्लाईओवर के निर्माण के बाद जयपुर से किशनगढ़ तक की यात्रा काफी तेज, सुगम और सुरक्षित हो जाएगी. फिलहाल, इस मार्ग पर हैवी ट्रैफिक की स्थिति बनी रहती है, खासकर प्रमुख जंक्शनों पर. नए फ्लाईओवर बनने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी.
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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से मिली मंजूरी
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद अब हाईवे को एक्सप्रेसवे की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी शुरू की जा चुकी है. इस योजना के तहत मुख्य मार्ग के दोनों ओर 2-2 लेन की सर्विस लेन बनाई जाएंगी. इन सर्विस लेन का इस्तेमाल सिर्फ स्थानीय यातायात के लिए किया जाएगा जबकि लंबी दूरी तय करने वाले वाहन मेन लेन पर बिना रुकावट के तेज गति से सफर कर सकेंगे.
90 किलोमीटर लंबे मार्ग पर बनेगा फ्लाईओवर
करीब 90 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर बड़ के बालाजी, नागसोटा, गिदानी, दांतरी और टोलामल जैसे प्रमुख स्थानों पर फ्लाईओवर को बनाया जाएगा. इन फ्लाईओवरों के निर्माण से जंक्शनों पर बार-बार रुकने की समस्या खत्म होगी. इससे यात्रा समय में कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण का स्तर भी कम होगा.
हीरापुरा जंक्शन पर भी दिखेगा बड़ा बदलाव
जयपुर के व्यस्त इलाकों में शामिल 200 फीट बाइपास स्थित हीरापुरा जंक्शन पर भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. यहां ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए 2 अंडरपास और दो फ्लाईओवर बनेंगे. एक अंडरपास मानसरोवर से दिल्ली तक, सिरसी और कालवाड़ की ओर जाने वाले वाहनों के लिए होगा, जबकि दूसरा अंडरपास दिल्ली से मानसरोवर आने वाले ट्रैफिक के लिए तैयार किया जाएगा.
ट्रैफिक भी होगा कम
दोनों अंडरपास की लंबाई लगभग 600 से 700 मीटर तक रहेगी और इनमें दो-दो लेन भी बनाई जाएंगी. इसके साथ ही जयपुर-अजमेर और अजमेर-दिल्ली रूट के लिए अलग-अलग फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा.
NHAI ने दिए निर्देश
इस परियोजना के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) पहले ही लेटर ऑफ अवार्ड जारी कर चुकी है और निर्माण एजेंसी को जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. निविदा प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है और अनुमान है कि पूरा प्रोजेक्ट करीब दो साल में तैयार हो जाएगा.
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद जयपुर-किशनगढ़ मार्ग पर यातायात की रफ्तार बढ़ेगी, सड़क हादसों में भी कमी आएगी और आसपास के इलाकों का भी आर्थिक विकास होगा. साथ ही जयपुर शहर के अंदर रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
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