पिंक कार्ड के जरिए पॉलिटिकल पार्टियां खेल रही राजनीति! अफवाहों पर सीएम रेखा गुप्ता का करारा जवाब
CM Rekha Gupta on Pink Saheli Card: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं के लिए जारी पिंक कार्ड पर फैली अफवाहों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने वीडियो मैसेज के जरिए सभी महिलाओं से कहा है कि कार्ड को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है. उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश के तहत चलाया जा रहा प्रोपेगेंडा बताया है. सीएम ने कहा महिलाएं एक दिन में कितनी भी बार किसी भी समय बस में सफर कर सकती है, उसका कोई पैसा नहीं लगेगा.
वीडियो शेयर कर दिया संदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वीडियो शेयर कर कहा है कि दिल्ली की मेरी प्यारी बहनों, कुछ राजनीतिक दुष्प्रचार के चलते ऐसा झूठा दावा फैलाने की कोशिश की जा रही है कि दिल्ली की महिलाओं के लिए बनाया गया पिंक कार्ड तब काम नहीं करता है, जब आप एक बस में सफर करें, उसे बार-बार टैप करें, उतरें और दूसरी बस में चढ़ें. यह बाते पूरी तरह गलत और झूठी है. मैं आपको विश्वास दिलाती हूं, आपका पिंक कार्ड बिल्कुल सही काम कर रहा है.
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क्यों फैलाई जा रही अफवाहें?
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं के लिए बने इस कार्ड को ऐसी अफवाहें इसलिए फैलाई जा रही हैं क्योंकि DTC की बसों में रोजाना 45 लाख लोग यात्रा करते हैं. इसमें से 20 लाख दिल्ली की महिलाएं यात्रा करती हैं. इसका भुगतान दिल्ली सरकार करती थी. पहले इस भुगतान का कोई हिसाब नहीं रखा जाता था और बेहिसाब बिल बनाकर लूट होती थी. हमारी इस सुविधा से किसी भी निजी व्यक्ति, संस्थान या कंपनी को कोई भी लाभ नहीं मिल रहा है.
#WATCH | Delhi CM Rekha Gupta says, "Under political propaganda, a few political people are attempting to spread rumours on 'Pink Card' for the women of Delhi - that if you travel once on bus and tap it once and then get off the bus to take another, it cannot be tapped again.… pic.twitter.com/zhcqsEfRzd
— ANI (@ANI) March 31, 2026
आसानी से अपना पिंक कार्ड बनवाएं
सीएम ने वीडियो के जरिए कहा कि पिंक कार्ड से लाभ यह है कि आप जितनी भी बार बस में आना-जाना करेंगी उसका खर्च सरकार के पास नोट हो जाएगा और उसके लिए सरकार पैसा देगी, जो बिना किसी करप्शन के और बिना निजी लाभ के जरिए दिया जाएगा. आप अभी भी पिंक कार्ड आसानी से बनवा सकती है. अगले तीन महीने तक ये कार्ड बनते रहेंगे और आपको इसके लिए किसी भी लंबी लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने बताया कि महिलाओं द्वारा एक दिन में कितनी भी बार यात्रा करने का कोई भी पैसा नहीं लिया जाएगा. दिल्ली की बहनों के साथ आपकी मुख्यमंत्री हमेशा रहेगी.
क्या है पिंक सहेली कार्ड?
दिल्ली में डीटीसी बसों में महिलाओं को सुविधा सफर के लिए दिल्ली सरकार ने सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड को लॉन्च किया है. इस कार्ड के जरिए दिल्ली सरकार की पहल है, जिसके तहत दिल्ली की महिलाओं और ट्रांसजेंडर को असीमित मात्रा में मुफ्त यात्रा का लाभ मिल रहा है.
कैसे करें पिंक सहेली कार्ड के लिए अप्लाई?
ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए आपको डीटीसी या दिल्ली ट्रांसपोर्ट पोर्टल पर जाकर अप्लाई करना होता है. यहां ऑनलाइन पिंक सहेली कार्ड के आवेदन फॉर्म को भरें. इसके बाद जरूरी दस्तावेजों को अपलोड करें जैसे कि एड्रेस प्रूफ, वैलिड मोबाइल नंबर, आधार नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो. फॉर्म सबमिट करें और वेरिफिकेशन का इंतजार करें. इसके बाद अप्रूवल आएगा और आपका कार्ड पोस्टल माध्यम से डिलीवर कर दिया जाएगा.
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भारत में गोल्ड लोन बना सबसे बड़ा रिटेल क्रेडिट सेगमेंट, 36 प्रतिशत हिस्सेदारी: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। भारत के रिटेल क्रेडिट बाजार में गोल्ड लोन सबसे बड़ा सेगमेंट बनकर उभरा है। मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, कुल लोन वॉल्यूम (मात्रा) में इसकी हिस्सेदारी 36 प्रतिशत और वैल्यू (मूल्य) के हिसाब से करीब 40 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसके पीछे मुख्य कारण सोने की बढ़ती कीमतें और लोगों का सुरक्षित लोन की ओर बढ़ता रुझान है।
ट्रांसयूनियन सीआईबीएल की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में गोल्ड लोन की औसत राशि में काफी बढ़ोतरी हुई है। दिसंबर 2025 तिमाही में औसत गोल्ड लोन करीब 1.9 लाख रुपए तक पहुंच गया, जो इस सेगमेंट में तेजी को दिखाता है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कंज्यूमर मार्केट इंडिकेटर (सीएमआई), जो क्रेडिट मार्केट की स्थिति को दर्शाता है, दिसंबर 2025 तिमाही में बढ़कर 102 हो गया। यह एक साल पहले 97 और सितंबर तिमाही में 100 था। यानी लगातार तीसरी तिमाही में इसमें सुधार देखा गया है।
सोने की ऊंची कीमतों ने लोगों को अपने पास मौजूद गोल्ड का उपयोग करके लोन लेने के लिए प्रेरित किया है, जिससे गोल्ड लोन की मांग और वितरण दोनों में तेज वृद्धि हुई है।
पहले गोल्ड लोन का दबदबा दक्षिण भारत में ज्यादा था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे उत्तर और पश्चिम राज्यों में भी इसकी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।
इस सेगमेंट में अब अलग-अलग तरह के ग्राहक भी जुड़ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आधे से ज्यादा लोन प्राइम और उससे ऊपर की कैटेगरी के ग्राहकों द्वारा लिए जा रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि गोल्ड लोन अब एक मुख्यधारा का क्रेडिट विकल्प बनता जा रहा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि त्योहारों के बाद और जीएसटी से जुड़े प्रभाव के बाद क्रेडिट सप्लाई में थोड़ी नरमी आई है, लेकिन यह मौसमी वजहों से है, न कि किसी स्थायी गिरावट का संकेत।
क्रेडिट की मांग खासकर अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में मजबूत बनी हुई है। नॉन-मेट्रो क्षेत्रों का कुल उधारकर्ताओं में हिस्सा बढ़कर 54 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 3 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, पहली बार लोन लेने वाले ग्राहकों की हिस्सेदारी भी बढ़कर 15 प्रतिशत हो गई है।
इस बीच, ऑटो लोन सेगमेंट में भी स्थिरता बनी हुई है। खासकर मिड-सेगमेंट वाहनों की मांग के चलते इसमें संतुलित ग्रोथ देखी जा रही है और पिछले साल के मुकाबले सप्लाई में भी बढ़ोतरी हुई है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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